केरलम CM चयन: 3 दिग्गजों के बीच फंसा पेंच, कांग्रेस के 3 फॉर्मूले

Add as Preferred Source on Google News
विज्ञापन
केरलम CM चयन: 3 दिग्गजों के बीच फंसा पेंच, कांग्रेस के 3 फॉर्मूले
विज्ञापन

केरलम विधानसभा चुनाव परिणाम को आए 5 दिन हो गए हैं, लेकिन अभी तक मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान नहीं हो सका है। 10 साल के लंबे इंतजार के बाद कांग्रेस की अगुवाई वाला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) सत्ता में लौटा है, लेकिन अभी भी सरकार के गठन को लेकर कवायद जारी है। केंद्रीय पर्यवेक्षकों ने तिरुवनंतपुरम में नए विधायकों के साथ-साथ सहयोगी दलों से विचार-विमर्श किया। कहा जा रहा है कि कांग्रेस केरल में नए मुख्यमंत्री के चुनाव से पहले 3 बड़े फैक्टर्स को ध्यान में रखकर फैसला करेगी।

मुख्यमंत्री चयन के तीन मुख्य आधार

कांग्रेस से जुड़े सूत्रों के हवाले से खबर है कि केरल में बैठक के बाद पार्टी 3 फैक्टर्स पर काम करेगी। पहला, कांग्रेस अपने विधायकों की राय लेगी और दूसरा, कांग्रेस विधायकों से चर्चा करने के बाद सहयोगी दलों को परखेगा। तीसरा, जनता के बीच जाकर लोकप्रियता यानी पब्लिक ओपिनियन जानने की कोशिश की जाएगी। मुख्यमंत्री पद को लेकर सहयोगी दलों ने भले ही अपनी अलग-अलग राय रखी हो, लेकिन उसका कांग्रेस के फैसले पर कोई असर नहीं पड़ेगा क्योंकि पार्टी अपने हिसाब से फैसला करेगी।

रेस में शामिल तीन प्रमुख चेहरे

फिलहाल राज्य में मुख्यमंत्री की दौड़ में 3 प्रमुख नेता के. सी. वेणुगोपाल के साथ-साथ रमेश चेनिथला और वी और डी. सतीशन के नाम आगे चल रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री चयन को लेकर नाम फाइनल करने के बाद पार्टी आलाकमान पहले इन तीनों नेताओं को फोन पर फैसले की जानकारी देगा और अगर तीनों नेता मुख्यमंत्री के नाम पर अपनी सहमति जताते हैं तो तुरंत ही मुख्यमंत्री का ऐलान कर दिया जाएगा। अगर ये नेता मुख्यमंत्री के नाम पर राजी नहीं होते हैं तो उन्हें दिल्ली बुलाया जाएगा और फिर उन्हें मनाने की कोशिश की जाएगी। इसके बाद नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान किया जाएगा।

पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट और आलाकमान का फैसला

इस बीच अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के पर्यवेक्षक अजय माकन ने कहा कि विधायकों ने एक लाइन का प्रस्ताव पास करके कांग्रेस आलाकमान को मुख्यमंत्री चुनने का अधिकार दिया है। उन्होंने बताया कि पर्यवेक्षकों ने विधायकों की अलग-अलग राय ली है, उसे तैयार किया है और अब रिपोर्ट बनाकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को सौंप दिया जाएगा। इससे पहले केरलम के अगले मुख्यमंत्री के चयन पर विचार के लिए कांग्रेस के पर्यवेक्षकों मुकुल वासनिक और अजय माकन ने गुरुवार को पार्टी विधायकों और गठबंधन सहयोगियों के साथ अलग-अलग बैठक की।

पार्टी सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) ने एक प्रस्ताव पारित कर कांग्रेस अध्यक्ष खरगे को मुख्यमंत्री के चयन का अधिकार दे दिया। प्रस्ताव पारित होने के बाद, पर्यवेक्षकों ने पार्टी कार्यालय में विधायकों के साथ व्यक्तिगत बैठकें कीं ताकि नेतृत्व के मुद्दे पर उनकी राय जाना जा सकें।

विज्ञापन