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अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम का बयान: ईरान में सत्ता परिवर्तन अनिवार्य

अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम का बयान: ईरान में सत्ता परिवर्तन अनिवार्य
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अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने इजराइल की अपनी हालिया यात्रा के दौरान ईरान के राजनीतिक नेतृत्व को लेकर एक अत्यंत कड़ा और स्पष्ट बयान दिया है। तेल अवीव में आयोजित एक प्रेस ब्रीफिंग में ग्राहम ने कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई को सत्ता से हटना ही होगा। उन्होंने संकेत दिया कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय गतिविधियों पर कोई भी बड़ा फैसला अब महीनों की बात नहीं है, बल्कि अगले कुछ हफ्तों में लिया जा सकता है। ग्राहम, जिन्हें नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का करीबी सहयोगी माना जाता है, ने स्पष्ट किया कि वाशिंगटन में ईरान को लेकर धैर्य अब समाप्त हो रहा है।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में तनाव अपने चरम पर है और अमेरिका में सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया चल रही है। ग्राहम ने इजराइली अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठकों के बाद यह संदेश दिया कि अमेरिका और इजराइल ईरान के मुद्दे पर पूरी तरह से एकमत हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ईरान की वर्तमान शासन प्रणाली न केवल क्षेत्र के लिए बल्कि वैश्विक सुरक्षा के लिए भी एक बड़ा खतरा बनी हुई है।

इजराइल और अमेरिका के बीच पूर्ण समन्वय

सीनेटर ग्राहम ने अपने संबोधन में इजराइली जनता और सरकार को यह भरोसा दिलाया कि ईरान के मुद्दे पर वाशिंगटन और यरूशलेम के बीच कोई मतभेद नहीं है। उन्होंने कहा कि दोनों देश इस बात पर सहमत हैं कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से हर कीमत पर रोका जाना चाहिए और ग्राहम के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वर्तमान में उन सभी विकल्पों का मूल्यांकन कर रहे हैं जो अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सबसे प्रभावी साबित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजराइल के बीच का गठबंधन अटूट है और ईरान की किसी भी आक्रामक कार्रवाई का जवाब मिलकर दिया जाएगा।

कूटनीतिक और सैन्य विकल्पों पर विचार

ग्राहम ने स्पष्ट किया कि ईरान के सामने वर्तमान में दो मुख्य रास्ते खुले हैं। पहला रास्ता कूटनीति का है, जिसके माध्यम से ईरान अपनी नीतियों में बदलाव कर सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि कूटनीतिक प्रयास विफल रहते हैं, तो सैन्य विकल्प मेज से बाहर नहीं है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप इस बात का आकलन कर रहे हैं कि कौन सा मार्ग दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करेगा। ग्राहम के अनुसार, ईरान को यह समझना होगा कि अमेरिका की सैन्य क्षमताएं और उसकी राजनीतिक इच्छाशक्ति अब पहले से कहीं अधिक दृढ़ है।

ईरानी नेतृत्व की वर्तमान स्थिति का आकलन

सीनेटर ने ईरान की आंतरिक स्थिति पर भी विस्तृत टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से ईरानी नेतृत्व वर्तमान में अपनी सबसे कमजोर स्थिति में है। ग्राहम ने ईरान की चरमराती अर्थव्यवस्था, गिरती मुद्रा और बढ़ती महंगाई का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ईरान के भीतर नागरिक असंतोष बढ़ रहा है और लोग सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। ग्राहम के अनुसार, ईरान की सैन्य ताकत भी हाल के समय में कमजोर हुई है, जिससे शासन के लिए अपनी पकड़ बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो गया है। उन्होंने तर्क दिया कि सत्ता परिवर्तन का जोखिम वास्तविक है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इसके लिए तैयार रहना चाहिए।

बेंजामिन नेतन्याहू के साथ रणनीतिक बैठक

अपनी यात्रा के दौरान ग्राहम ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की और इस बैठक में ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं, हिजबुल्लाह और हमास जैसे समूहों को मिलने वाली ईरानी सहायता और क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचे पर गहन चर्चा हुई। नेतन्याहू और ग्राहम ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि ईरान की गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए एक ठोस और एकीकृत रणनीति की आवश्यकता है। ग्राहम ने नेतन्याहू को आश्वासन दिया कि अमेरिकी कांग्रेस में रिपब्लिकन नेतृत्व इजराइल की सुरक्षा आवश्यकताओं का पूरा समर्थन करता है और ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए आवश्यक विधायी कदम उठाएगा।

आगामी कूटनीतिक वार्ताओं का संदर्भ

ग्राहम का यह बयान ओमान की मेजबानी में अमेरिका और ईरान के बीच हुई हालिया कूटनीतिक बातचीत के ठीक बाद आया है। अगले सप्ताह दोनों पक्षों के बीच फिर से मुलाकात प्रस्तावित है। ऐसे संवेदनशील समय में ग्राहम द्वारा 'सत्ता परिवर्तन' और 'हफ्तों में फैसले' की बात करना यह दर्शाता है कि अमेरिका कूटनीतिक मेज पर अपनी शर्तों को और सख्त कर रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि यदि ईरान इन वार्ताओं में कोई ठोस प्रगति नहीं दिखाता है, तो अमेरिका अपने रुख को और अधिक कड़ा कर सकता है और ग्राहम ने दोहराया कि अयातुल्लाह खामेनेई के नेतृत्व में ईरान के साथ किसी भी स्थायी शांति की संभावना बहुत कम है।

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