इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच खेली जा रही टेस्ट सीरीज का दूसरा मुकाबला ऐतिहासिक लॉर्ड्स क्रिकेट स्टेडियम में शुरू हो चुका है। मैच के पहले दिन का खेल उतार-चढ़ाव से भरा रहा, जहां एक समय इंग्लैंड की टीम पूरी तरह से बैकफुट पर नजर आ रही थी। हालांकि, मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने जुझारू प्रदर्शन करते हुए टीम को एक सम्मानजनक स्थिति तक पहुंचाने की कोशिश की। पहले दिन का खेल खत्म होने तक इंग्लैंड ने 9 विकेट के नुकसान पर 248 रन बना लिए थे। खराब रोशनी और बारिश के कारण दिन भर में केवल 56 ओवर का ही खेल संभव हो सका, लेकिन इस सीमित समय में भी दर्शकों को रोमांचक क्रिकेट देखने को मिला।
बाबर आजम की फिटनेस और पाकिस्तान का टॉस जीतना
इस मैच की शुरुआत में पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम की फिटनेस को लेकर काफी चर्चा रही। बाबर आजम इस मैच के लिए पूरी तरह फिट नहीं थे और वह केवल 90 प्रतिशत फिटनेस के साथ मैदान पर उतरे। इसके बावजूद उन्होंने टीम का नेतृत्व करने का फैसला किया और टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का निर्णय लिया। लॉर्ड्स की परिस्थितियों को देखते हुए यह फैसला पाकिस्तान के लिए बेहद फायदेमंद साबित हुआ। पाकिस्तानी गेंदबाजों ने पिच से मिल रही मदद का पूरा फायदा उठाया और इंग्लैंड के शीर्ष क्रम को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया और बाबर आजम का टॉस जीतकर गेंदबाजी करने का फैसला उनकी टीम के पक्ष में जाता दिखा।
मोहम्मद अब्बास की घातक गेंदबाजी और शुरुआती झटके
पाकिस्तान के तेज गेंदबाज मोहम्मद अब्बास ने मैच की शुरुआत से ही अपनी सटीक लाइन और लेंथ से इंग्लैंड के बल्लेबाजों को परेशान करना शुरू कर दिया। उन्होंने 5वें ओवर में ही इंग्लैंड को पहला झटका दिया जब टीम का कुल स्कोर केवल 21 रन था। अब्बास ने सलामी बल्लेबाज एमिलियो गे को आउट किया, जो केवल 8 रन ही बना सके थे। इसके कुछ ही देर बाद अब्बास ने बेन डकेट को भी पवेलियन की राह दिखा दी, जिन्होंने 17 रनों का योगदान दिया था। इन दो शुरुआती झटकों ने इंग्लैंड की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी और टीम दबाव में आ गई।
जो रूट का फ्लॉप होना और मध्यक्रम का पतन
इंग्लैंड की सबसे बड़ी उम्मीद उनके कप्तान जो रूट थे, लेकिन वह भी इस मैच में कुछ खास कमाल नहीं कर पाए। मोहम्मद अब्बास ने 11वें ओवर में जो रूट को आउट करके पाकिस्तान की स्थिति को और भी मजबूत कर दिया। रूट केवल 4 रन बनाकर आउट हुए, जो इंग्लैंड के लिए एक बहुत बड़ा झटका था। दूसरे छोर से मोहम्मद अली ने भी शानदार गेंदबाजी की और हैरी ब्रूक को 15 रन के निजी स्कोर पर आउट कर दिया। इसके अलावा डेन लॉरेंस दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से रन आउट हो गए। इस तरह महज 120 रन के स्कोर पर इंग्लैंड के 5 प्रमुख बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे और ऐसा लग रहा था कि पूरी टीम 200 रन के आंकड़े को भी नहीं छू पाएगी।
जॉर्डन कॉक्स और जेमी स्मिथ की संकटमोचक पारियां
जब इंग्लैंड की टीम गहरे संकट में थी, तब जॉर्डन कॉक्स और जेमी स्मिथ ने मोर्चा संभाला। नंबर 3 पर बल्लेबाजी करने आए जॉर्डन कॉक्स ने धैर्य का परिचय दिया और 105 गेंदों का सामना करते हुए 55 रन बनाए। उनकी इस पारी में 7 शानदार चौके शामिल थे। दूसरी ओर, जेमी स्मिथ ने भी आक्रामक रुख अपनाते हुए 80 गेंदों पर 61 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली, जिसमें उन्होंने 10 चौके जड़े। इन दोनों बल्लेबाजों के बीच हुई साझेदारी ने इंग्लैंड को मुश्किल परिस्थिति से बाहर निकाला और स्कोर को 200 के पार पहुंचाया। इन दोनों के अर्धशतकों की बदौलत ही इंग्लैंड की टीम मैच में वापसी करने में सफल रही।
पहले दिन का अंत और गस एटकिंसन की बल्लेबाजी
दिन का खेल खत्म होने तक इंग्लैंड ने 9 विकेट खोकर 248 रन का स्कोर खड़ा कर लिया था। निचले क्रम में गस एटकिंसन ने भी उपयोगी बल्लेबाजी की और वह 34 रन बनाकर क्रीज पर डटे हुए हैं। पाकिस्तान की ओर से गेंदबाजों ने पूरे दिन अपना दबदबा बनाए रखा और 9 विकेट झटक कर इंग्लैंड को बैकफुट पर रखा। अब दूसरे दिन इंग्लैंड की कोशिश होगी कि गस एटकिंसन की मदद से टीम का स्कोर 300 रन के पार ले जाया जाए, जबकि पाकिस्तान जल्द से जल्द आखिरी विकेट लेकर अपनी पहली पारी की शुरुआत करना चाहेगा। बारिश और खराब रोशनी ने खेल में बाधा जरूर डाली, लेकिन पहले दिन का खेल पूरी तरह से गेंदबाजों के नाम रहा।