ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने व्यापारिक जगत को एक बड़ी राहत देते हुए 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 183 रुपये 50 पैसे की कटौती की है। कंपनियों के इस महत्वपूर्ण फैसले से रेस्टॉरेंट, ढाबा, होटल और खाने-पीने के कारोबार से जुड़े लाखों लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की ये नई कीमतें आज यानी 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू हो गई हैं। इस कटौती को पिछले कुछ महीनों से बढ़ रही महंगाई के बीच एक बड़े सुधार के रूप में देखा जा रहा है।
अब 2930 रुपये में मिलेगा कमर्शियल सिलेंडर
आज की इस ताजा कटौती के बाद अब 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की नई कीमत 2930 रुपये हो गई है। इस कटौती से पहले, यह सिलेंडर बाजार में 3113 रुपये 50 पैसे में मिल रहा था। हालांकि, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने घरेलू उपभोक्ताओं को इस बार कोई राहत नहीं दी है। घरों में इस्तेमाल होने वाले 14 रुपये 2 पैसे किलो के एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है और इसकी कीमत अभी भी 942 रुपये पर ही स्थिर रखी गई है। घरेलू उपभोक्ताओं को उम्मीद थी कि कमर्शियल के साथ उनके सिलेंडर के दाम भी कम होंगे, लेकिन उन्हें फिलहाल इंतजार करना होगा।
वैश्विक तनाव और ऊर्जा संकट का असर
एलपीजी की कीमतों में इस उतार-चढ़ाव के पीछे वैश्विक कारण जिम्मेदार रहे हैं और इस साल 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद दुनिया भर में भीषण ऊर्जा संकट की स्थिति पैदा हो गई थी। इन हमलों के जवाब में ईरान ने अपने नियंत्रण वाले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से कच्चा तेल और गैस लेकर जाने वाले जहाजों की आवाजाही पर रोक लगा दी थी। इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से सप्लाई बाधित होने के कारण पूरी दुनिया में पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिला था, जिसका सीधा असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा।
चार बार में 1374 रुपये 50 पैसे महंगा हुआ था सिलेंडर
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से एनर्जी सप्लाई बाधित होने के बाद भारत में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कुल 4 बार बढ़ोतरी की गई थी। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे माल की बढ़ती कीमतों और भारी नुकसान का हवाला देते हुए मार्च में 144 रुपये, अप्रैल में 195 रुपये 50 पैसे और मई में 993 रुपये की रिकॉर्ड बढ़ोतरी की थी। इसके बाद जून में भी कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 42 रुपये का इजाफा किया गया था। इस तरह से, 19 किलो वाला कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर महज चार महीनों के भीतर कुल 1374 रुपये 50 पैसे महंगा हो गया था।
घरेलू एलपीजी की कीमतों का गणित
अगर घरों में इस्तेमाल होने वाले 14 रुपये 2 पैसे किलो के एलपीजी सिलेंडर की बात करें, तो यहां भी पिछले महीनों में दो बार में कुल 89 रुपये बढ़ाए गए थे। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने सबसे पहले मार्च के महीने में 14 रुपये 2 पैसे किलो वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 60 रुपये की बढ़ोतरी की थी। इसके बाद जून के महीने में भी कीमतों में 29 रुपये का इजाफा किया गया था। हालांकि आज की कटौती केवल कमर्शियल श्रेणी तक ही सीमित है, जिससे आम गृहणियों के बजट में कोई बदलाव नहीं आएगा और उन्हें 942 रुपये की दर से ही भुगतान करना होगा।