लूला की जीत से ट्रंप आहत ब्राजील चुनाव में धांधली का लगाया गंभीर आरोप, जानें मुख्य अपडेट

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लूला की जीत से ट्रंप आहत ब्राजील चुनाव में धांधली का लगाया गंभीर आरोप, जानें मुख्य अपडेट
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ब्राजील में हुए राष्ट्रपति चुनाव के परिणाम को लेकर आहत नजर आ रहे हैं और उन्होंने चुनाव में लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा की जीत को धांधली का नतीजा बताया है। ट्रंप ने मिसीसिपी में एक रैली के लिए रवाना होने से पहले रिपोटर्स से बात करते हुए कहा कि चुनाव ऐसे होने चाहिए जिनके नतीजों पर कोई सवाल न उठे, लेकिन उन्हें इन चुनावों में गड़बड़ी लगती है। जिस तरीके से मतगणना हुई, उससे कई तरह के सवाल खड़े होते हैं और साफ शब्दों में कहें तो यह एक और धांधली वाला चुनाव लगता है। ट्रंप का यह बयान अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक बड़ी हलचल पैदा कर रहा है, क्योंकि ब्राजील जैसे बड़े लातीनी अमेरिकी देश के चुनाव परिणामों पर दुनिया भर की नजरें टिकी हुई थीं।

दूसरी तरफ ब्राजील के घरेलू राजनीतिक परिदृश्य में भी उथल-पुथल मची हुई है। रविवार को ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे चरण में लूला दा सिल्वा की सत्ता में वापसी की राह में पहली बड़ी बाधा तब सामने आई, जब उनके प्रतिद्वंद्वी सीनेटर फ्लेवियो बोल्सोनारो ने चुनाव परिणामों को आधिकारिक तौर पर चुनौती दे दी। इस घटनाक्रम से देश की दो ध्रुवीकृत राजनीतिक शक्तियों के बीच एक बार फिर तीखा टकराव होने की आशंका काफी हद तक बढ़ गई है और चुनाव के पहले राउंड में लूला दा सिल्वा पिछड़ गए थे, लेकिन मतगणना के दूसरे राउंड में उन्होंने शानदार वापसी करते हुए बढ़त हासिल की और अंततः चुनाव में जीत दर्ज की।

मतदान की प्रक्रिया के दौरान आई अव्यवस्थाओं को भी एक बड़ा मुद्दा बनाया जा रहा है। बोल्सोनारो ने रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि दोनों उम्मीदवारों के अनुरोध पर मतदान का समय बढ़ाए जाने के बाद जो अव्यवस्था पैदा हुई, उसे देखते हुए वह इस चुनाव को रद्द करने की अदालत से अपील करेंगे और हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का यह मानना है कि यह अभी पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है कि चुनाव रद्द कराने की इस मांग के समर्थन में उनके पास कौन से कानूनी विकल्प और अधिकार मौजूद हैं, लेकिन अदालत में इस मामले के जाने से राजनीतिक सरगर्मी और अधिक तेज हो गई है।

नव-निर्वाचित राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच के राजनीतिक समीकरण भी चर्चा का विषय बने हुए हैं। लूला दा सिल्वा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मुखर आलोचक रहे हैं। चुनावी जीत के बाद तय कार्यक्रम के अनुसार लूला पांच जनवरी, 2027 को अपने चौथे कार्यकाल के लिए आधिकारिक तौर पर पदभार ग्रहण कर सकते हैं। निर्वाचन आयोग और न्यायालय के आंकड़ों के अनुसार, मतगणना में 100 प्रतिशत मतों की गिनती पूरी होने के बाद ब्राजील के निर्वाचन न्यायालय ने औपचारिक रूप से घोषणा की कि लूला ने अपने प्रतिद्वंद्वी बोल्सोनारो पर करीब 44 लाख वोटों की एक निर्णायक और बड़ी बढ़त हासिल कर ली है।

चुनावी नतीजों के विस्तृत आंकड़ों पर नजर डालें तो लूला दा सिल्वा को कुल मतों का 51 रुपये 8 पैसे प्रतिशत हिस्सा प्राप्त हुआ, जो उनकी जीत को और अधिक ठोस बनाता है। ब्राजील में वामपंथी नेता लूला डा सिल्वा ने राष्ट्रपति का यह कड़ा मुकाबला जीत लिया है और वे 80 साल की उम्र में चौथी बार देश के राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं। इस रोमांचक और कड़े मुकाबले में उन्होंने फ्लावियो बोल्सोनारो को पराजित किया है। लूला अपनी इस ऐतिहासिक जीत के साथ ब्राजील के राष्ट्रपति पद पर सबसे लंबे समय तक रहने वाले नेताओं की सूची में दूसरे स्थान पर पहुंच जाएंगे। उनसे आगे इस सूची में केवल गेटुलियो वर्गास का नाम आता है।

लूला दा सिल्वा की यह महत्वपूर्ण जीत ऐसे समय में सामने आई है जब पूरे देश में चुनाव प्रचार के दौरान महंगाई, जीवनयापन की बढ़ती लागत, आम जनता की परेशानियां, अपराध और भ्रष्टाचार जैसे गंभीर मुद्दे देश के प्रमुख राजनीतिक और सामाजिक मुद्दे बने हुए थे। जनता ने इन तमाम मुद्दों के बीच बदलाव की उम्मीद में वामपंथी नेता लूला पर अपना भरोसा जताया और ट्रंप द्वारा लगाए गए धांधली के आरोपों और बोल्सोनारो द्वारा परिणामों को दी गई चुनौती के बाद अब देखना यह है कि ब्राजील की न्यायपालिका और राजनीतिक तंत्र इस स्थिति से कैसे निपटता है और आने वाले दिनों में लूला का नया कार्यकाल किस प्रकार की चुनौतियों का सामना करता है।

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