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राष्ट्रपति लूला की ट्रंप को दोटूक चेतावनी: ब्राजील के चुनावों में दखल न दें

राष्ट्रपति लूला की ट्रंप को दोटूक चेतावनी: ब्राजील के चुनावों में दखल न दें
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अमेरिका और ब्राजील के बीच कूटनीतिक संबंधों में एक बार फिर बड़ी तल्खी देखने को मिल रही है। ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सख्त लहजे में आगाह किया है कि वे ब्राजील के आंतरिक मामलों और आगामी चुनावों में किसी भी तरह की दखलंदाजी न करें। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच समझौते के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव कम हुआ है, लेकिन अब दक्षिण अमेरिकी क्षेत्र में अमेरिका और ब्राजील के बीच नया मोर्चा खुल गया है। राष्ट्रपति लूला ने स्पष्ट किया कि ब्राजील का चुनाव पूरी तरह से ब्राजील का अपना मामला है और इसमें किसी बाहरी शक्ति का हस्तक्षेप स्वीकार्य नहीं होगा।

बोल्सोनारो परिवार और ट्रंप के संबंध

राष्ट्रपति लूला का यह तीखा हमला ट्रंप की उस प्रतिक्रिया के बाद आया है जिसमें ट्रंप ने ब्राजील के राष्ट्रपति के राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ हो रही न्यायिक कार्रवाई की आलोचना की थी और लूला ने ट्रंप पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर वह बोल्सोनारो परिवार के साथ अपने संबंधों के जरिए ब्राजील को जानते हैं, तो वह वास्तव में ब्राजील को नहीं जानते। लूला ने कहा कि ट्रंप बोल्सोनारो के पिता, पुत्र और पोते को पसंद करना जारी रख सकते हैं, यह उनकी अपनी समस्या है, लेकिन उन्हें ब्राजील की लोकतांत्रिक प्रक्रिया से दूर रहना चाहिए। ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में ब्राजील पर और अधिक टैरिफ लगाने का प्रस्ताव दिया था, जिसका लूला ने कड़ा विरोध किया है।

न्यायिक विवाद और तख्तापलट का मामला

दोनों देशों के बीच विवाद की एक बड़ी जड़ पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाई है। ट्रंप ने इसे राजनीतिक बदले की भावना से की गई कार्रवाई या विच-हंट ट्रायल करार दिया था। इसके जवाब में लूला ने कई बार ब्राजील की संप्रभुता का बचाव किया है। लूला ने सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एलेक्जेंडर डी मोरेस पर अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों और आरोपों पर भी अपनी शिकायत दर्ज कराई है। ट्रंप प्रशासन का आरोप था कि मोरेस ने बोल्सोनारो के खिलाफ केस चलाने में राजनीतिक रूप से प्रेरित भूमिका निभाई थी। गौरतलब है कि साल 2022 के चुनाव में लूला से हारने के बाद सत्ता में बने रहने के लिए तख्तापलट की कोशिश करने के मामले में बोल्सोनारो को दोषी ठहराया गया था।

एडुआर्डो बोल्सोनारो को जेल की सजा

हाल ही में ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट ने जायर बोल्सोनारो के बेटे और पूर्व सांसद एडुआर्डो बोल्सोनारो को उनके पिता के तख्तापलट केस से जुड़े मामले में अधिकारियों पर दबाव बनाने का दोषी पाया है। अदालत ने उन्हें 4 साल 2 महीने की जेल की सजा सुनाई है। ट्रंप ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ब्राजील को राजनीतिक रूप से खतरनाक बताया और दावा किया कि सरकार बोल्सोनारो जूनियर को गिरफ्तार करना चाहती है। हालांकि, ट्रंप के बयानों से यह भी संकेत मिलता है कि वे शायद बोल्सोनारो के सबसे बड़े बेटे, सीनेटर फ्लेवियो बोल्सोनारो की बात कर रहे थे, जो आगामी राष्ट्रपति चुनाव में लूला को चुनौती दे रहे हैं। फ्लेवियो को फिलहाल किसी गिरफ्तारी का सामना नहीं करना पड़ा है।

आर्थिक प्रतिबंध और आतंकवादी संगठनों की घोषणा

तनाव केवल बयानों तक सीमित नहीं है, बल्कि आर्थिक और सुरक्षा मोर्चे पर भी कार्रवाई की गई है। एडुआर्डो और फ्लेवियो बोल्सोनारो ने हाल ही में वाशिंगटन में ट्रंप सहित अमेरिकी अधिकारियों से मुलाकात की थी। इसके तुरंत बाद, ट्रंप प्रशासन ने ब्राजील के दो सबसे बड़े ड्रग ट्रैफेकिंग गुटों, फर्स्ट कमांड कैपिटल और रेड कमांड को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया। इसके अलावा, अमेरिकी सरकार ने ब्राजील से होने वाले आयात पर 25 प्रतिशत का नया टैरिफ लगाने का प्रस्ताव भी दिया है। अमेरिका का दावा है कि दुनिया की 10वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने के बावजूद ब्राजील अनुचित व्यापारिक तौर-तरीके अपनाता है।

G7 शिखर सम्मेलन में लूला का कड़ा रुख

फ्रांस के एवियन-लेस-बेन्स में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब लूला को ट्रंप के बयानों के बारे में बताया गया, तो उन्होंने बेहद सख्त रुख अपनाया। लूला ने दोहराया कि ब्राजील की संप्रभुता सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि ट्रंप को ब्राजील की जमीनी हकीकत का अंदाजा नहीं है और वे केवल एक परिवार के चश्मे से देश को देख रहे हैं। लूला ने स्पष्ट कर दिया कि अक्टूबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव ब्राजील की जनता का फैसला होंगे और इसमें किसी भी विदेशी नेता की टिप्पणी या हस्तक्षेप की कोई जगह नहीं है।

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