महिंद्रा ने 525 करोड़ रुपये में बेचा ट्रक और बस कारोबार, एसएमएल महिंद्रा में लगा अपर सर्किट

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महिंद्रा ने 525 करोड़ रुपये में बेचा ट्रक और बस कारोबार, एसएमएल महिंद्रा में लगा अपर सर्किट
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भारतीय ऑटोमोबाइल क्षेत्र में एक बड़े रणनीतिक बदलाव के तहत, महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) के बोर्ड ने अपने ट्रक और बस कारोबार को अपनी ही सहायक कंपनी एसएमएल महिंद्रा को बेचने की आधिकारिक मंजूरी दे दी है। यह पूरा सौदा 525 करोड़ रुपये में तय किया गया है। इस घोषणा के साथ ही शेयर बाजार में जबरदस्त हलचल देखी गई और एसएमएल महिंद्रा के शेयरों में 20 प्रतिशत का अपर सर्किट लग गया, जो इस सौदे के प्रति निवेशकों के भारी उत्साह को दर्शाता है।

शेयर बाजार में दिखा जोरदार उछाल

इस सौदे की खबर सार्वजनिक होते ही निवेशकों ने एसएमएल महिंद्रा के शेयरों में भारी खरीदारी की। सोमवार दोपहर 2 बजकर 40 मिनट तक कंपनी के शेयर 20 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4566 रुपये के स्तर पर पहुंच गए। दूसरी ओर, मूल कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों में 1 प्रतिशत 40 पैसे की मामूली गिरावट देखी गई और वे 3226 रुपये पर कारोबार कर रहे थे। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस एकीकरण से एसएमएल महिंद्रा की बाजार स्थिति और मजबूत होगी, जिसका असर शेयरों की कीमतों पर साफ दिख रहा है।

स्लम सेल के जरिए होगा पूरा सौदा

कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी प्रक्रिया स्लम सेल के माध्यम से संपन्न की जाएगी। इसका अर्थ यह है कि ट्रक और बस डिवीजन की सभी संपत्तियां, वहां कार्यरत कर्मचारी, आवश्यक लाइसेंस और सभी देनदारियां अब एक साथ एसएमएल महिंद्रा के पास स्थानांतरित हो जाएंगी। इस 525 करोड़ रुपये के सौदे पर 7 अगस्त 2026 तक औपचारिक रूप से हस्ताक्षर होने की संभावना है। यदि सभी आवश्यक सरकारी और नियामक मंजूरियां समय पर मिल जाती हैं, तो 31 जनवरी 2027 तक इस पूरी प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा।

कारोबार के एकीकरण की मुख्य वजह

महिंद्रा समूह द्वारा अपने ही एक हिस्से को दूसरी सहायक कंपनी में स्थानांतरित करने के पीछे एक स्पष्ट विजन है और महिंद्रा ग्रुप के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर अनीश शाह के अनुसार, कंपनी चाहती है कि ट्रक और बस का पूरा कामकाज एक ही समर्पित इकाई यानी एसएमएल महिंद्रा के तहत संचालित हो। इससे कंपनी का पूरा ध्यान इसी विशेष क्षेत्र पर केंद्रित रहेगा और वे बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकेंगे। गौरतलब है कि अगस्त 2025 में महिंद्रा ने सुमितोमो कॉर्प और इसुजु मोटर्स से एसएमएल इसुजु का अधिग्रहण किया था और बाद में इसका नाम बदलकर एसएमएल महिंद्रा कर दिया था। अब इस कंपनी को समूह के मुख्य कमर्शियल व्हीकल प्लेयर के रूप में विकसित किया जा रहा है।

ग्राहकों और उत्पादन पर प्रभाव

इस बड़े संगठनात्मक बदलाव का ग्राहकों या उत्पादन प्रक्रिया पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। महिंद्रा के ऑटो और फार्म सेक्टर के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और सीईओ राजेश जेजुरिकर ने आश्वासन दिया है कि महिंद्रा और एसएमएल के साथ आने से नई तकनीक और ग्राहक सेवाओं में सुधार ही होगा। दोनों ब्रांड अपनी पुरानी पहचान के साथ बाजार में मौजूद रहेंगे। उत्पादन के मोर्चे पर भी कोई बाधा नहीं आएगी क्योंकि महिंद्रा एक अनुबंध के तहत अपने मौजूदा कारखानों में ट्रकों और बसों का निर्माण जारी रखेगी। प्रबंधन और बिक्री की जिम्मेदारी एसएमएल महिंद्रा संभालेगी, जबकि निर्माण की विशेषज्ञता महिंद्रा के पास ही रहेगी।

डिवीजन का वित्तीय विवरण और मूल्यांकन

वित्तीय आंकड़ों पर नजर डालें तो यह ट्रक और बस डिवीजन समूह के लिए काफी महत्वपूर्ण रहा है। वित्त वर्ष 2026 में इस डिवीजन ने 2989 करोड़ रुपये की कमाई की थी, जो महिंद्रा एंड महिंद्रा की कुल आय का लगभग 2 प्रतिशत हिस्सा है। 31 मार्च 2026 तक कंपनी के रिकॉर्ड में इस बिजनेस की नेटवर्थ 481 करोड़ रुपये दर्ज की गई थी। इस सौदे की उचित कीमत निर्धारित करने के लिए जीटी वैल्यूएशन एडवाइजर्स से एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करवाई गई थी, जिसके आधार पर 525 करोड़ रुपये की राशि फाइनल की गई। यह सौदा महिंद्रा समूह की भविष्य की विकास योजनाओं के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।

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