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ममता बनर्जी का भाजपा पर हमला: खान-पान और योजनाओं पर दी चेतावनी

ममता बनर्जी का भाजपा पर हमला: खान-पान और योजनाओं पर दी चेतावनी
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पुरुलिया जिले में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है और आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर आयोजित इस रैली में मुख्यमंत्री ने भाजपा की नीतियों और उनके संभावित शासन मॉडल पर गंभीर सवाल उठाए। ममता बनर्जी ने अपने संबोधन में विशेष रूप से राज्य की सांस्कृतिक और खान-पान की विविधता का उल्लेख करते हुए जनता को आगाह किया। उन्होंने कहा कि यदि राज्य में राजनीतिक परिवर्तन होता है, तो इसका सीधा असर लोगों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता और जीवनशैली पर पड़ सकता है। मुख्यमंत्री ने इस दौरान तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार द्वारा पिछले वर्षों में किए गए विकास कार्यों की रिपोर्ट कार्ड भी पेश की और केंद्र सरकार के नेताओं द्वारा लगाए गए आरोपों का बिंदुवार जवाब दिया।

खान-पान की स्वतंत्रता और भाजपा पर राजनीतिक आरोप

पुरुलिया की जनसभा में ममता बनर्जी ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि अगर पश्चिम बंगाल में भाजपा सत्ता में आती है, तो लोगों के खान-पान की आदतों पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है और उन्होंने विशेष रूप से 'नॉनवेज' (मांसाहार) का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा की विचारधारा लोगों की थाली पर नियंत्रण करने की रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार, बंगाल की संस्कृति में मछली, मांस और अंडे का विशेष महत्व है और भाजपा का शासन इस पारंपरिक आहार व्यवस्था में हस्तक्षेप कर सकता है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे अपनी सांस्कृतिक पहचान और व्यक्तिगत पसंद की रक्षा के लिए मतदान करें और बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा अन्य राज्यों की तरह बंगाल में भी अपनी विशिष्ट भोजन संबंधी प्राथमिकताओं को थोपने का प्रयास करेगी, जो राज्य की विविधता के विरुद्ध है।

सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और मतदाता सूची पर मुख्यमंत्री का बयान

मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी 'लक्ष्मी भंडार' योजना का उल्लेख करते हुए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस योजना से राज्य की लाखों महिलाओं को आर्थिक लाभ मिल रहा है। बनर्जी ने दावा किया कि भाजपा चुनाव से पहले लोगों को लुभाने के लिए कुछ धनराशि देने का वादा कर सकती है, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही वे इन कल्याणकारी योजनाओं को बंद कर देंगे। उन्होंने जनता को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा कि सामाजिक सुरक्षा केवल वर्तमान सरकार के तहत ही सुनिश्चित है। इसके अतिरिक्त, ममता बनर्जी ने मतदाता सूची में गड़बड़ी का गंभीर आरोप लगाया। 2 करोड़ मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की एक सोची-समझी साजिश करार दिया और अधिकारियों से इस पर स्पष्टीकरण की मांग की।

केंद्रीय नेतृत्व पर पलटवार और व्यक्तिगत हमलों का जवाब

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा के बड़े नेताओं ने टीएमसी के खिलाफ जो 'आरोपपत्र' दाखिल किया है, वह निराधार है। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि वास्तव में उन नेताओं के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया जाना चाहिए जिनके कार्यकाल में गुजरात जैसे राज्यों में दंगे हुए थे। मुख्यमंत्री ने अपने ऊपर हुए शारीरिक हमलों और स्वास्थ्य संबंधी विवादों पर भी चुप्पी तोड़ी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग उनके प्लास्टर और व्हीलचेयर पर चलने का मजाक उड़ाते हैं, लेकिन उन्हें डॉक्टरों की रिपोर्ट देखनी चाहिए। बनर्जी ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कई बार जानलेवा हमलों का सामना किया है और वे मौत को मात देकर वापस आई हैं। उन्होंने कहा कि व्हीलचेयर पर प्रचार करना उनकी मजबूरी थी, न कि कोई राजनीतिक स्टंट, जैसा कि विपक्षी दलों द्वारा प्रचारित किया गया था।

पुरुलिया जिले में विकास परियोजनाओं और बुनियादी ढांचे का विवरण

अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने पुरुलिया जिले के लिए किए गए विशिष्ट विकास कार्यों की सूची प्रस्तुत की। उन्होंने भाषा आंदोलन को श्रद्धांजलि देते हुए पुंचा ब्लॉक में एक 'भाषा सौधा' के निर्माण की जानकारी दी। शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने पुंचा ब्लॉक में ही सीताराम महतो मेमोरियल कॉलेज के निर्माण को एक बड़ी उपलब्धि बताया। स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर चर्चा करते हुए बनर्जी ने कहा कि पुंचा और हुरा ब्लॉक में एसएनसीयू (SNCU) इकाइयां और उचित मूल्य की दवा दुकानें अब पूरी तरह संचालित हैं, जिससे स्थानीय निवासियों को सस्ती और सुलभ चिकित्सा मिल रही है। सबसे महत्वपूर्ण घोषणा पेयजल को लेकर थी; उन्होंने बताया कि हुरा ब्लॉक में ₹23 करोड़ की लागत वाली पेयजल परियोजना पूरी हो चुकी है। इस परियोजना से क्षेत्र के हजारों परिवारों को लंबे समय से चले आ रहे जल संकट से मुक्ति मिली है।

पुरुलिया की बदलती छवि और क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पुरुलिया की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और वर्तमान स्थिति की तुलना करते हुए कहा कि यह जिला अब भय से परिभाषित नहीं होता है और उन्होंने कहा कि एक समय था जब पुरुलिया और आसपास के जंगलमहल क्षेत्रों में हिंसा और असुरक्षा का माहौल रहता था, लेकिन उनकी सरकार ने शांति बहाल करने का काम किया है। बनर्जी के अनुसार, प्रशासनिक सक्रियता और विकास कार्यों के कारण अब लोग बिना किसी डर के रह रहे हैं। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिया कि वे सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करें ताकि चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि पुरुलिया का विकास उनकी सरकार की प्राथमिकता रही है और आने वाले समय में यहां पर्यटन और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए और अधिक निवेश किया जाएगा।

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