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मणिपुर हिंसा: 6 नागा लोगों के शव मिलने से इंफाल में तनाव, पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले

मणिपुर हिंसा: 6 नागा लोगों के शव मिलने से इंफाल में तनाव, पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले
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मणिपुर में एक बार फिर हिंसा और तनाव का माहौल बन गया है। राज्य की राजधानी इंफाल में बुधवार रात उस समय भारी हंगामा हुआ जब नागा समुदाय के 6 लोगों के शव बरामद होने की खबर फैली। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि सुरक्षा बलों को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।

अपहरण की घटना और पृष्ठभूमि

इस पूरी हिंसा की शुरुआत 13 मई को हुई थी, जब एक सशस्त्र समूह ने कांगपोकपी जिले से कुल 20 लोगों का अपहरण कर लिया था। इन बंधकों में 14 लोग कुकी समुदाय के थे और 6 लोग नागा समुदाय से ताल्लुक रखते थे। इस सामूहिक अपहरण के बाद से ही पूरे इलाके में तनाव व्याप्त था और सुरक्षा एजेंसियां इन लोगों की तलाश में जुटी हुई थीं। अपहरण की इस घटना ने राज्य में पहले से ही मौजूद जातीय तनाव को और अधिक बढ़ा दिया था।

14 लोगों की रिहाई और 6 की हत्या

घटनाक्रम में नया मोड़ तब आया जब एक दिन पहले सशस्त्र समूह ने बंधक बनाए गए 20 लोगों में से 14 कुकी समुदाय के लोगों को रिहा कर दिया। हालांकि, बाकी बचे 6 नागा पुरुषों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई थी। बुधवार दोपहर को यह चिंता मातम में बदल गई जब सेनापति जिले से इन सभी 6 नागा पुरुषों के शव बरामद किए गए। मणिपुर पुलिस ने शवों की बरामदगी की पुष्टि की और बताया कि ये वही लोग थे जिन्हें कांगपोकपी से बंधक बनाया गया था।

इंफाल में भड़की हिंसा और पुलिस की कार्रवाई

जैसे ही इन 6 शवों को अस्पताल लाया गया, वहां भारी संख्या में लोग जमा हो गए। प्रदर्शनकारियों ने न्याय की मांग करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी और देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया। भीड़ ने पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स को गिरा दिया और सुरक्षाकर्मियों के साथ उनकी झड़प हुई। स्थिति को बेकाबू होते देख पुलिस को प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागने पड़े। इस दौरान शहर के कुछ हिस्सों में आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं, जिससे देर रात तक इंफाल में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

मुख्यमंत्री कोनराड संगमा की कड़ी प्रतिक्रिया

मेघालय के मुख्यमंत्री और नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) के अध्यक्ष कोनराड के संगमा ने इस जघन्य हत्याकांड की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने इस घटना को बेहद दुखद और पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया और संगमा ने कहा कि निर्दोष नागरिकों की हत्या को किसी भी आधार पर सही नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियों से मांग की कि इस वारदात के पीछे जो भी लोग शामिल हैं, उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार कर न्याय के कटघरे में लाया जाए और सख्त से सख्त सजा दी जाए।

शांति प्रयासों को लगा बड़ा झटका

मुख्यमंत्री संगमा ने अपने बयान में इस बात पर भी जोर दिया कि यह घटना तब हुई है जब यूनाइटेड नगा काउंसिल (UNC) क्षेत्र में संवाद और सुलह का माहौल बनाने की कोशिश कर रही थी। उन्होंने कहा कि शांति के इन प्रयासों के बीच ऐसी हिंसा होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। संगमा ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषियों को सजा दिलाना और क्षेत्र में शांति बहाल करना इस समय की सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।

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