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ईरान डील पर मार्को रुबियो का बड़ा दावा: अगले कुछ घंटों में आ सकती है अच्छी खबर

ईरान डील पर मार्को रुबियो का बड़ा दावा: अगले कुछ घंटों में आ सकती है अच्छी खबर
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अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत को लेकर एक बड़ी जानकारी साझा की है। रुबियो ने संकेत दिया है कि अगले कुछ घंटों में ईरान के साथ एक महत्वपूर्ण समझौते को लेकर अच्छी खबर सामने आ सकती है। वर्तमान में मार्को रुबियो भारत के चार दिवसीय आधिकारिक दौरे पर हैं। उन्होंने भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ आयोजित एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि पिछले 48 घंटों में बातचीत में काफी प्रगति हुई है। रुबियो के अनुसार, इस प्रगति से होर्मुज स्ट्रेट को लेकर चल रहे विवाद का समाधान निकल सकता है। यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि वाशिंगटन और तेहरान एक डील फाइनल करने के बेहद करीब पहुंच गए हैं।

ट्रंप ने दी समझौते की जानकारी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली संभावित डील के बारे में विस्तार से जानकारी दी। ट्रंप ने अपने पोस्ट में कहा कि दोनों देशों के बीच युद्ध को समाप्त करने और होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के विषय पर बातचीत अब अपने अंतिम दौर में पहुंच गई है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि समझौते के आखिरी बिंदुओं पर अभी चर्चा की जा रही है और बहुत जल्द इसका औपचारिक ऐलान किया जा सकता है। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने यह साफ नहीं किया कि इस प्रस्तावित डील में और कौन-कौन सी शर्तें शामिल की गई हैं। मुख्य ध्यान क्षेत्र में शांति स्थापित करने और व्यापारिक मार्ग को सुचारू बनाने पर है।

यूरेनियम के मुद्दे पर विरोधाभासी रिपोर्ट

इस बीच, न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया कि ईरान अपने अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम के भंडार को छोड़ने के लिए तैयार हो गया है। रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा गया कि ईरान ने सैद्धांतिक रूप से अपने हाईली एनरिच्ड यूरेनियम स्टॉक को हटाने पर सहमति दे दी है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, अगले 30 से 60 दिनों में इस संवेदनशील मुद्दे पर विस्तार से बातचीत की जाएगी। अमेरिका लंबे समय से यह मांग करता रहा है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित करे ताकि परमाणु हथियारों के प्रसार को रोका जा सके।

हालांकि, एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने इन दावों को पूरी तरह से गलत करार दिया है। रॉयटर्स से बातचीत करते हुए इस अधिकारी ने कहा कि वर्तमान में जो शुरुआती समझौता तैयार किया जा रहा है, उसमें परमाणु मुद्दा शामिल नहीं है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि ईरान ने अपने हाईली एनरिच्ड यूरेनियम को देश से बाहर भेजने पर कोई सहमति नहीं दी है। इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) के आंकड़ों के अनुसार, ईरान के पास इस समय लगभग 400 किलो 60 प्रतिशत तक संवर्धित यूरेनियम मौजूद है। इस स्तर के यूरेनियम को हथियार बनाने के स्तर के काफी करीब माना जाता है, जो अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए चिंता का विषय रहा है।

ब्रिटेन ने रखी होर्मुज स्ट्रेट को लेकर शर्त

ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने भी इस संभावित समझौते पर अपनी प्रतिक्रिया दी है और उन्होंने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच होने वाले किसी भी समझौते में होर्मुज स्ट्रेट को बिना किसी शर्त और बिना किसी रोक-टोक के पूरी तरह से खोला जाना अनिवार्य होना चाहिए। स्टार्मर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि वह अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की दिशा में हुई प्रगति का स्वागत करते हैं। उनके अनुसार, एक ऐसा समझौता होना चाहिए जिससे न केवल संघर्ष खत्म हो, बल्कि होर्मुज स्ट्रेट फिर से पूरी तरह से खुल जाए और स्टार्मर ने यह भी दोहराया कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

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