भारत के विदेश मंत्रालय ने हाल ही में आयोजित एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान देश की विदेश नीति और विभिन्न वैश्विक मुद्दों पर भारत के आधिकारिक रुख को स्पष्ट किया है। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अमेरिका के साथ व्यापारिक समझौतों, रूस के साथ निरंतर सहयोग, चीन के साथ रणनीतिक वार्ता और कनाडा के साथ सुरक्षा समन्वय जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस ब्रीफिंग में भारत की वैश्विक शांति के प्रति प्रतिबद्धता और पड़ोसी देशों के साथ संबंधों की वर्तमान स्थिति पर भी प्रकाश डाला गया।
भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता और भविष्य की रूपरेखा
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका ने पारस्परिक और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार पर एक अंतरिम समझौते के ढांचे पर सहमति व्यक्त की है। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि इस संबंध में एक संयुक्त बयान 7 फरवरी 2026 को जारी किया गया था। यह संयुक्त बयान दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों के लिए एक आधारभूत ढांचे के रूप में कार्य करता है। अधिकारियों के अनुसार, दोनों पक्ष अब इस ढांचे को प्रभावी ढंग से लागू करने और अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। अमेरिकी फैक्टशीट में किए गए हालिया बदलाव इसी साझा समझ को दर्शाते हैं।
रूस और चीन के साथ रणनीतिक और द्विपक्षीय संबंध
रूस के साथ संबंधों पर बात करते हुए मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान सहित कई क्षेत्रों में निरंतर जुड़ाव बना हुआ है। प्रवक्ता ने कहा कि द्विपक्षीय संबंधों के ये सभी पहलू भविष्य में भी विस्तारित होते रहेंगे और वहीं, चीन के साथ संबंधों के संदर्भ में जानकारी दी गई कि हाल ही में दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शेरपा बैठक के दौरान विदेश सचिव और चीन के विदेश मामलों के कार्यकारी उप मंत्री के बीच रणनीतिक बातचीत हुई। इस वार्ता में सीमा पर शांति बनाए रखने और द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति के लिए आवश्यक पहलुओं पर चर्चा की गई। चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की सदस्यता के लिए भारत की आकांक्षाओं के प्रति अपनी समझ और सम्मान व्यक्त किया है।
ट्रंप का 'बोर्ड ऑफ पीस' और पश्चिम एशिया में शांति प्रयास
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तावित 'बोर्ड ऑफ पीस' के संबंध में विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि भारत को इसमें शामिल होने का निमंत्रण प्राप्त हुआ है। प्रवक्ता के अनुसार, भारत सरकार वर्तमान में इस प्रस्ताव का अध्ययन कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पहल का स्वागत किया है, जो पश्चिम एशिया में शांति, स्थिरता और बातचीत को बढ़ावा देने के भारत के निरंतर प्रयासों के अनुरूप है। भारत ने हमेशा से ही वैश्विक संघर्षों के समाधान के लिए कूटनीतिक संवाद का समर्थन किया है और इस दिशा में किसी भी सकारात्मक अंतरराष्ट्रीय पहल के प्रति अपना रुख सकारात्मक रखा है।
कनाडा के साथ सुरक्षा सहयोग और लायजन ऑफिसर की नियुक्ति
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल की हालिया ओटावा यात्रा के बारे में जानकारी देते हुए मंत्रालय ने बताया कि यह सुरक्षा मामलों पर चल रहे नियमित सहयोग का हिस्सा था। भारत और कनाडा सुरक्षा मामलों पर बेहतर समन्वय और सूचनाओं के स्पष्ट प्रवाह के लिए अपने-अपने देशों में लायजन ऑफिसर (संपर्क अधिकारी) नियुक्त करने पर सहमत हुए हैं। यह कदम दोनों देशों के बीच सुरक्षा चुनौतियों से निपटने और आपसी समझ को बेहतर बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इन अधिकारियों की नियुक्ति की समयसीमा पर अपडेट जल्द ही साझा किया जाएगा।
बांग्लादेश चुनाव और ब्राजील के राष्ट्रपति का आगामी भारत दौरा
पड़ोसी देश बांग्लादेश में होने वाले चुनावों पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत वहां एक स्वतंत्र, निष्पक्ष, समावेशी और विश्वसनीय चुनावी प्रक्रिया का समर्थन करता है। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि भारत वर्तमान में चुनाव परिणामों और जनादेश का इंतजार कर रहा है, जिसके बाद वहां के मुद्दों पर विचार किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, मंत्रालय ने घोषणा की कि ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर 18 से 22 फरवरी 2026 तक भारत की राजकीय यात्रा पर रहेंगे। अपनी यात्रा के दौरान, राष्ट्रपति लूला दिल्ली में आयोजित होने वाले दूसरे एआई (AI) शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे और 21 फरवरी को द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। उनके साथ एक उच्च स्तरीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी भारत आएगा।