संयुक्त राज्य अमेरिका में नैनटकेट के तट के पास एक बड़ी विमान दुर्घटना की खबर सामने आई है, जहां एक मेडिकल इवैक्यूएशन विमान समुद्र में गिर गया। इस विमान में कुल छह लोग सवार थे, जो फिलहाल लापता बताए जा रहे हैं। अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने पुष्टि की है कि उन्हें विमान का मलबा मिल गया है, लेकिन सवार लोगों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। लापता लोगों की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर खोज और बचाव अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें आधुनिक उपकरणों और जहाजों की मदद ली जा रही है। यह घटना उस समय हुई जब विमान अपनी नियमित उड़ान पर था और अचानक उसका संपर्क टूट गया।
विमान और उसके परिचालन का विवरण
दुर्घटनाग्रस्त विमान की पहचान गल्फस्ट्रीम G100 के रूप में हुई है, जिसका टेल नंबर C-GRJP था। यह एक ट्विन-जेट विमान था जिसे विशेष रूप से चिकित्सा सेवाओं और मरीजों के स्थानांतरण के लिए उपयोग किया जाता था। इस उड़ान का संचालन कनाडा की प्रसिद्ध एयरो-मेडिकल ट्रांसपोर्ट कंपनी 'लैटिट्यूड एयर एम्बुलेंस' द्वारा किया जा रहा था। यह विमान बरमूडा से बोस्टन की ओर जा रहा था, जो मरीजों को आपातकालीन चिकित्सा सहायता के लिए ले जाने वाला एक महत्वपूर्ण मार्ग है। फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने शनिवार को स्थानीय समय के अनुसार सुबह लगभग 2 बजे संघीय अधिकारियों को सूचित किया कि इस विमान से संपर्क पूरी तरह से टूट गया है।
खोज और बचाव अभियान की स्थिति
अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने एक आधिकारिक बयान में कहा है कि वे लापता मेडिकल ट्रांसपोर्ट विमान में सवार छह लोगों की तलाश लगातार जारी रखे हुए हैं और खोज दलों को नैनटकेट के तट पर विमान का मलबा मिला है, जिसकी जांच के बाद पुष्टि की गई है कि यह उसी लापता विमान का हिस्सा है। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सूची में कनाडा के 4 और बरमूडा के 2 नागरिक शामिल थे। इन सभी के परिजनों को इस दुखद घटना की जानकारी दे दी गई है। कोस्ट गार्ड का जहाज 'विलियम स्पार्लिंग' रात भर समुद्र में खोज अभियान जारी रखेगा ताकि लापता लोगों का पता लगाया जा सके।
विमान की ऊंचाई में अचानक आई गिरावट
फ़्लाइट ट्रैकिंग डेटा देने वाली वेबसाइट FlightAware के आंकड़ों से पता चला है कि गायब होने से ठीक पहले विमान की स्थिति बहुत खराब हो गई थी। डेटा के अनुसार, विमान की ऊंचाई में बहुत तेजी से और अचानक कमी आई थी। संपर्क पूरी तरह टूटने से पहले यह ट्विन-जेट विमान लगभग 7300 मीटर की ऊंचाई पर उड़ रहा था, जो अचानक गिरकर 3300 मीटर पर आ गया था। इतनी बड़ी गिरावट यह संकेत देती है कि विमान में कोई गंभीर तकनीकी खराबी आई थी। net द्वारा जारी की गई ट्रांसक्रिप्ट और ऑडियो रिकॉर्डिंग से यह भी पता चलता है कि जब विमान तट के पास पहुंचा, तो पायलट को गंभीर इलेक्ट्रिकल गड़बड़ियों का सामना करना पड़ा था।
पायलट द्वारा इमरजेंसी की घोषणा
विमान के पायलट और एयर ट्रैफ़िक कंट्रोलर के बीच हुई बातचीत के अंश भी सामने आए हैं। बातचीत के दौरान, एक एयर ट्रैफ़िक कंट्रोलर ने पायलट से पूछा कि क्या वे बिना विज़िबिलिटी के विमान उड़ा रहे हैं। कंट्रोलर ने पूछा, "रोज़र, आपने कहा कि आप बिना विज़िबिलिटी के आ रहे हैं। " इसके बाद कंट्रोलर ने स्पष्ट रूप से पूछा कि क्या वे इमरजेंसी घोषित कर रहे हैं। हालांकि कॉकपिट से मिला शुरुआती जवाब बहुत साफ नहीं था, लेकिन बाद में कंट्रोलर्स ने इस बात की पुष्टि की कि विमान की ओर से औपचारिक रूप से इमरजेंसी की स्थिति घोषित कर दी गई थी। इसके कुछ ही समय बाद विमान रडार से गायब हो गया।
कनाडा के परिवहन मंत्री की प्रतिक्रिया
इस घटना पर कनाडा सरकार ने भी अपनी चिंता व्यक्त की है। कनाडा के परिवहन मंत्री स्टीवन मैकिनॉन ने कहा कि संघीय अधिकारी इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ी नज़र रखे हुए हैं। मैकिनॉन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक संदेश साझा करते हुए कहा कि इस बेहद मुश्किल समय में उनकी संवेदनाएं विमान में सवार सभी लोगों और उनके परिवारों, प्रियजनों और सहयोगियों के साथ हैं। उन्होंने कहा कि वे स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं और खोज एवं बचाव अभियान के दौरान संबंधित अमेरिकी अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने इस अभियान में शामिल सभी बचाव कर्मियों के प्रयासों की भी सराहना की है।