मिर्जापुर द मूवी: सेंसर बोर्ड ने दी ए सर्टिफिकेट के साथ हरी झंडी, जानें रनटाइम और कट की पूरी डिटेल

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मिर्जापुर द मूवी: सेंसर बोर्ड ने दी ए सर्टिफिकेट के साथ हरी झंडी, जानें रनटाइम और कट की पूरी डिटेल
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ओटीटी प्लेटफॉर्म पर अपनी सफलता के झंडे गाड़ने के बाद, सुपरहिट फ्रेंचाइजी मिर्जापुर अब बड़े पर्दे पर तहलका मचाने के लिए पूरी तरह तैयार है। अपनी बहुप्रतीक्षित रिलीज से कुछ समय पहले, मिर्जापुर: द मूवी ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीआईएफसी) की कठिन प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पार कर लिया है। फिल्म के निर्माताओं के लिए यह एक बड़ी राहत की खबर है क्योंकि सेंसर बोर्ड ने इस फिल्म को बिना किसी बड़े बदलाव के हरी झंडी दे दी है और इसका मतलब यह है कि दर्शक अब सिनेमाघरों में मिर्जापुर के उसी मूल और अनफिल्टर्ड अनुभव का आनंद ले सकेंगे, जिसके लिए यह सीरीज जानी जाती है। यह फिल्म 4 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए तैयार है।

ए सर्टिफिकेट और 3 घंटे 17 मिनट का रोमांच

सेंसर बोर्ड की रिवाइजिंग कमेटी ने फिल्म की गहन समीक्षा करने के बाद इसे ए (18 साल से अधिक आयु के लिए) प्रमाण पत्र दिया है। फिल्म की कुल समय सीमा 197 मिनट निर्धारित की गई है, जिसका अर्थ है कि दर्शक 3 घंटे और 17 मिनट तक कालीन भैया और गुड्डू पंडित की दुनिया में डूबे रहेंगे। हालांकि फिल्म की लंबाई को लेकर पहले कई तरह की चर्चाएं थीं, लेकिन अब यह स्पष्ट हो गया है कि मेकर्स ने कहानी के साथ कोई समझौता नहीं किया है। सेंसर बोर्ड ने केवल कुछ संवादों और दृश्यों में मामूली बदलाव के निर्देश दिए हैं ताकि फिल्म को सिनेमाघरों के माहौल के अनुकूल बनाया जा सके।

संवादों और इंटीमेट सीन्स पर चली सेंसर की कैंची

फिल्म को पास करते समय सीबीएफसी ने कुछ विशिष्ट बदलावों के आदेश दिए हैं। सेंसर की कैंची चार जगहों पर अपशब्दों पर चली है जहां ऑडियो को म्यूट किया गया है, जबकि छह स्थानों पर आपत्तिजनक शब्दों को बदला गया है। संवादों के स्तर पर 'गले से लग गर' जैसे वाक्यांशों में बदलाव कराए गए और इसके अलावा फिल्म के पहले हिस्से में एक शब्द को 'कमर' से बदला गया, तो दूसरे हिस्से में 'लंठ' शब्द को हटाया गया है, जिसका देसी बोलचाल में मतलब बेवकूफ होता है। इसके साथ ही जाति से जुड़े एक संदर्भ को भी बदलने के निर्देश दिए गए हैं। सीन मॉडिफिकेशन की बात करें तो बोर्ड ने इंटीमेट और संवेदनशील दृश्यों के असर को दृश्य और ऑडियो दोनों स्तरों पर 50 प्रतिशत तक कम करने को कहा है। ये बदलाव इंटरवल से पहले और बाद के दो अलग-अलग सीन्स में किए गए हैं, जिससे लगभग 35 सेकंड के इंटीमेट कंटेंट पर कैंची चली है। दिलचस्प बात यह है कि सीबीएफसी ने फिल्म के हिंसक या खूनी दृश्यों में कोई कटौती नहीं की है, जिससे सीरीज का वास्तविक डार्क और थ्रिलर टोन बरकरार रहेगा।

पंकज त्रिपाठी का बयान: अकेले देखने वाली सीरीज अब बनेगी ग्रुप पार्टी

फिल्म के बड़े पर्दे पर आने को लेकर कालीन भैया का किरदार निभाने वाले पंकज त्रिपाठी बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने थिएटर के अनुभव पर बात करते हुए कहा कि जब कोई कला रूप किसी समूह या समुदाय के साथ देखा जाता है, तो उसका असर पूरी तरह बदल जाता है। उन्होंने कहा कि पहले जहां मिर्जापुर अकेले में देखी जाने वाली सीरीज थी, वहीं अब यह सामूहिक रूप से सिनेमाघरों में 'पार्टी मोड' का मजा देगी। पंकज त्रिपाठी के अनुसार, दुनिया और किरदार वही रहेंगे, लेकिन कहानी नई होगी और इसका कैनवास काफी विशाल होगा।

4 सितंबर 2026 को रिलीज और शानदार स्टार कास्ट

गुरमीत सिंह के निर्देशन और पुनीत कृष्णा द्वारा लिखित इस फिल्म को रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट द्वारा निर्मित किया गया है और अमेजॉन एमजीएम स्टूडियोज और एक्सेल एंटरटेनमेंट द्वारा प्रस्तुत यह थ्रिलर फिल्म 4 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। फिल्म में पंकज त्रिपाठी (कालीन भैया), अली फजल (गुड्डू पंडित), दिव्येंदु (मुन्ना भैया), रसिका दुगल (बीना त्रिपाठी), श्वेता त्रिपाठी शर्मा (गोलू गुप्ता), श्रिया पिलगांवकर, जितेंद्र कुमार, रवि किशन और अभिषेक बनर्जी मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे। यह फिल्म दर्शकों के लिए एक बड़ा धमाका साबित होने वाली है।

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