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शमी ने चटकाए 8 विकेट, बंगाल को मिली बढ़त- कब खुलेंगे टीम इंडिया के दरवाजे?

शमी ने चटकाए 8 विकेट, बंगाल को मिली बढ़त- कब खुलेंगे टीम इंडिया के दरवाजे?
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भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल मुकाबले में जम्मू-कश्मीर के खिलाफ घातक गेंदबाजी करते हुए अपने प्रथम श्रेणी क्रिकेट करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया है। कल्याणी स्थित बंगाल क्रिकेट एकेडमी ग्राउंड पर खेले जा रहे इस महत्वपूर्ण मैच में शमी ने 8 विकेट चटकाकर बंगाल को पहली पारी में बढ़त दिलाने में मुख्य भूमिका निभाई। शमी की यह गेंदबाजी उस समय आई है जब वे लंबे समय से चोट के कारण अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर रहे हैं और राष्ट्रीय टीम में वापसी की राह देख रहे हैं।

मोहम्मद शमी ने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच जून 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के फाइनल के रूप में खेला था। इसके बाद से वे टखने की चोट और सर्जरी के कारण टीम इंडिया से बाहर चल रहे थे। घरेलू क्रिकेट में उनकी इस वापसी को चयनकर्ताओं द्वारा उनकी फिटनेस और लय के परीक्षण के रूप में देखा जा रहा है। बंगाल की टीम के लिए यह प्रदर्शन सेमीफाइनल जैसे बड़े मंच पर अत्यंत निर्णायक साबित हुआ है।

मोहम्मद शमी का प्रथम श्रेणी करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

1 ओवर गेंदबाजी की। 06 की इकोनॉमी रेट से 90 रन खर्च किए और 8 बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया। यह उनके फर्स्ट क्लास क्रिकेट करियर का अब तक का सबसे प्रभावी स्पेल है। शमी ने अपनी स्विंग और सटीक लाइन-लेंथ से जम्मू-कश्मीर के शीर्ष और मध्य क्रम को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, शमी ने मैच के दौरान पूरी तरह फिट नजर आए और उनकी गति में भी निरंतरता देखी गई।

बंगाल की पहली पारी और सुदीप घरामी का शतक

मैच की शुरुआत में बंगाल ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया था। बंगाल की पहली पारी 328 रनों पर समाप्त हुई। इस स्कोर तक पहुँचने में सुदीप कुमार घरामी की 146 रनों की मैराथन पारी का सबसे बड़ा योगदान रहा। घरामी ने अपनी पारी में धैर्य का परिचय देते हुए जम्मू-कश्मीर के गेंदबाजों का सामना किया और टीम को एक चुनौतीपूर्ण योग तक पहुँचाया और उनके अलावा अन्य बल्लेबाजों ने छोटी लेकिन उपयोगी पारियां खेलीं, जिससे टीम 300 रन का आंकड़ा पार करने में सफल रही।

जम्मू-कश्मीर की बल्लेबाजी और शमी का प्रहार

328 रनों के जवाब में उतरी जम्मू-कश्मीर की टीम ने एक समय अच्छी शुरुआत की थी, लेकिन मोहम्मद शमी के स्पेल ने मैच का रुख बदल दिया। जम्मू-कश्मीर की पूरी टीम 302 रनों पर सिमट गई। शमी ने न केवल विकेट चटकाए बल्कि विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा और जम्मू-कश्मीर की ओर से कुछ बल्लेबाजों ने अर्धशतकीय पारियां खेलकर संघर्ष करने का प्रयास किया, लेकिन वे शमी की घातक गेंदों का सामना करने में विफल रहे। इस प्रदर्शन के कारण बंगाल को पहली पारी के आधार पर 26 रनों की महत्वपूर्ण बढ़त प्राप्त हुई।

मुकेश कुमार का सहयोग और गेंदबाजी विश्लेषण

गेंदबाजी विभाग में मोहम्मद शमी को दूसरे छोर से मुकेश कुमार का अच्छा सहयोग मिला। मुकेश कुमार ने जम्मू-कश्मीर के 2 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए और शमी पर से दबाव कम किया। बंगाल के अन्य गेंदबाजों ने भी किफायती गेंदबाजी की, जिससे जम्मू-कश्मीर के बल्लेबाज खुलकर रन नहीं बना सके। शमी के 8 विकेटों में से अधिकांश विकेट क्लीन बोल्ड या एलबीडब्ल्यू के रूप में आए, जो उनकी स्टंप-टू-स्टंप गेंदबाजी की सटीकता को दर्शाता है। खेल के जानकारों के अनुसार, शमी की यह लय आगामी अंतरराष्ट्रीय दौरों के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

टीम इंडिया में वापसी के समीकरण

मोहम्मद शमी की फिटनेस और फॉर्म पर बीसीसीआई के चयनकर्ताओं की पैनी नजर है। भारतीय टीम को आने वाले समय में इंग्लैंड के खिलाफ महत्वपूर्ण टेस्ट सीरीज खेलनी है। शमी की अनुपस्थिति में भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण काफी हद तक जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज पर निर्भर रहा है। रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में 8 विकेट लेने के बाद शमी ने अपनी दावेदारी मजबूती से पेश की है। हालांकि, अंतिम निर्णय उनकी फिटनेस रिपोर्ट और आगामी मैचों में उनके कार्यभार प्रबंधन (Workload Management) के आधार पर लिया जाएगा।

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