Team India Selection: चैंपियंस ट्रॉफी के बाद शमी की टीम इंडिया में वापसी तय, अगरकर को गलत साबित कर घरेलू क्रिकेट में दिखाया दम
Team India Selection - चैंपियंस ट्रॉफी के बाद शमी की टीम इंडिया में वापसी तय, अगरकर को गलत साबित कर घरेलू क्रिकेट में दिखाया दम
नए साल की पहली इंटरनेशनल सीरीज में भारतीय टीम न्यूजीलैंड का सामना करने वाली है। टी20 वर्ल्ड कप से ठीक पहले कीवी टीम भारत दौरे पर आ रही है, जिसकी शुरुआत 11 जनवरी से हो रही है। दोनों टीमों के बीच सबसे पहले वनडे सीरीज खेली जाएगी और इसके लिए शनिवार 3 जनवरी को भारतीय टीम का ऐलान होने वाला है। मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए इस सीरीज और इस ऐलान की बहुत ज्यादा अहमियत नहीं है, लेकिन कुछ। खिलाड़ियों के लिए ये उनके भविष्य का फैसला हो सकता है और इसमें एक बड़ा नाम है- मोहम्मद शमी। क्या शमी आखिरकार टीम इंडिया में वापसी करने वाले हैं, ये सवाल क्रिकेट प्रेमियों के मन में उठ रहा है।
शमी की वापसी की अटकलें
शनिवार को चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर की अध्यक्षता वाली सेलेक्शन कमेटी एक ऑनलाइन मीटिंग में 3 मैच की वनडे सीरीज के लिए स्क्वॉड चुनेगी, जिसका ऐलान फिर BCCI के सोशल मीडिया और वेबसाइट पर किया जाएगा। इस सीरीज से जुड़े कुछ अहम खबरें पहले ही सामने आ चुकी हैं, जिसमें ऋषभ पंत को ड्रॉप किया जाना तय नजर आ रहा है, जबकि हार्दिक पंड्या और जसप्रीत बुमराह को रेस्ट दिया जाएगा, ताकि वे टी20 सीरीज और वर्ल्ड कप के लिए फिट रहें। इन सबके बीच मोहम्मद शमी की वापसी की अटकलें भी लगाई जा रही हैं, जो उनके प्रशंसकों के लिए एक अच्छी खबर हो सकती है।अगरकर से जुबानी जंग और फिटनेस के सवाल
पिछले साल चैंपियंस ट्रॉफी के बाद से ही मोहम्मद शमी टीम इंडिया से बाहर हैं। इस दौरान उनकी फिटनेस और फॉर्म लगातार सवालों के घेरे में रही और इसको लेकर ही उनकी चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर से जुबानी जंग भी हुई और मीडिया के जरिए दोनों ने एक-दूसरे पर हमले किए, जहां अगरकर शमी की फिटनेस पर सवाल उठाते रहे तो वहीं शमी भी लगातार घरेलू क्रिकेट खेलकर उन्हें जवाब देते रहे। यह स्थिति काफी समय तक बनी रही, जिससे शमी के भविष्य को लेकर अनिश्चितता थी।घरेलू क्रिकेट में दमदार प्रदर्शन
हालांकि, इसके बाद भी शमी का सेलेक्शन नहीं हो सका, लेकिन इस बार स्थिति उनके पक्ष में दिख रही है। इसकी मुख्य वजह है शमी का पिछले 3-4 महीनों में। लगातार घरेलू क्रिकेट में सक्रिय रहना और दमदार प्रदर्शन करना। शमी ने रणजी ट्रॉफी के पहले दौर के मुकाबलों में 7 पारियों में ही 18 और 60 की बेहतरीन औसत के साथ 20 विकेट झटक लिए। यह प्रदर्शन उनकी शानदार फॉर्म और फिटनेस का प्रमाण था।टी20 और वनडे में भी जलवा
रणजी ट्रॉफी के बाद शमी ने सैयद मुश्ताक अली टी20 ट्रॉफी में भी अपनी छाप छोड़ी। उन्होंने इस टूर्नामेंट में 7 पारियों में 16 विकेट झटके। इसमें वे थोड़े महंगे साबित हुए, लेकिन फिर भी अपनी लय में नजर आए और महत्वपूर्ण विकेट लेने में सफल रहे। वहीं, विजय हजारे ट्रॉफी में भी उनका प्रदर्शन प्रभावी रहा है, जहां वे अभी तक बंगाल के लिए 4 पारियों में 8 विकेट ले चुके हैं और असरदार नजर आए हैं। इन लगातार प्रदर्शनों ने चयनकर्ताओं को उन्हें नजरअंदाज करने का कोई मौका नहीं दिया है।चयन का मजबूत आधार
कुल मिलाकर शमी ने अपनी तरफ से पूरी जिम्मेदारी निभाई और फिटनेस के साथ ही फॉर्म से भी खुद को साबित किया है। ऐसे में अगरकर एंड कंपनी के पास प्रदर्शन के लिहाज से शमी की अनदेखी की कोई वजह नहीं बनती। उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन ने उन्हें टीम इंडिया में वापसी के लिए एक मजबूत दावेदार बना दिया है।अर्शदीप और हर्षित को आराम का मौका
मगर इसके अलावा एक और वजह है, जो शमी के लिए मददगार हो सकती है और टीम इंडिया को इस सीरीज के बाद तुरंत ही टी20 सीरीज और फिर टी20 वर्ल्ड कप खेलना है। ऐसे में सेलेक्टर्स के पास मौका है कि वे अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा जैसे तेज गेंदबाजों को इस सीरीज से रेस्ट दें, ताकि वे वर्ल्ड कप के लिए फिट रहें और अपनी ऊर्जा बचा सकें। यह एक रणनीतिक कदम हो सकता है, जिससे मुख्य गेंदबाजों को बड़े टूर्नामेंट के लिए तैयार किया जा सके।अगरकर के लिए सुलह का अवसर
इस स्थिति में शमी को चुनकर अजीत अगरकर के पास गिले-शिकवे दूर करने और एक भारतीय दिग्गज को उसका सही हक देने का मौका है। शमी का अनुभव और मौजूदा फॉर्म टीम के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है, खासकर जब कुछ प्रमुख तेज गेंदबाजों को आराम दिया जा रहा हो। यह न केवल शमी के लिए एक अवसर होगा, बल्कि चयन समिति के लिए भी एक सकारात्मक संदेश देने का मौका होगा कि प्रदर्शन को हमेशा प्राथमिकता दी जाती है।