खामेनेई की शोकसभा में उमड़े ईरान के दिग्गज नेता, मोजतबा की गैरहाजिरी से बढ़ा सस्पेंस

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खामेनेई की शोकसभा में उमड़े ईरान के दिग्गज नेता, मोजतबा की गैरहाजिरी से बढ़ा सस्पेंस
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28 फरवरी को हुए भीषण हवाई हमले के बाद पहली बार ईरान का शीर्ष नेतृत्व एक साथ सार्वजनिक रूप से दुनिया के सामने आया है। यह अवसर अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके परिवार के लिए आयोजित जनाजे की नमाज का था, जहां देश के तमाम बड़े अधिकारी और नेता एकत्रित हुए थे। हालांकि, इस महत्वपूर्ण घड़ी में ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की अनुपस्थिति ने तेहरान के गलियारों में सस्पेंस को और गहरा कर दिया है। अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु के बाद यह पहला मौका था जब देश का नेतृत्व इतनी बड़ी संख्या में एक साथ देखा गया, लेकिन सबकी नजरें मोजतबा को ढूंढ रही थीं।

मोजतबा खामेनेई की गैरहाजिरी और गहराता रहस्य

तेहरान में आयोजित जनाजे की नमाज में मोजतबा खामेनेई के तीन भाई—मसूद, मीसम और मुस्तफा—सार्वजनिक रूप से मौजूद थे। उनकी उपस्थिति के बावजूद मोजतबा का न दिखना कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे रहा है। माना जा रहा है कि 28 फरवरी के हवाई हमले में घायल होने के बाद से वह सुरक्षित स्थान पर छिपे हुए हैं। इजरायल की ओर से उन्हें जान से मारने की दी गई धमकी ने भी उनकी सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। वर्तमान में मोजतबा खामेनेई के नेतृत्व में ही ईरान, अमेरिका के साथ युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की नाकेबंदी हटाने जैसे संवेदनशील मुद्दों पर बातचीत कर रहा है। ऐसे में उनका सार्वजनिक रूप से सामने न आना कई कूटनीतिक सवाल खड़े करता है।

जनाजे की नमाज में शामिल हुए टॉप लीडर्स

रविवार को तेहरान की ग्रैंड मोसल्ला में 97 वर्षीय शिया धर्मगुरु अयातुल्ला जाफर सोभानी ने नमाज का नेतृत्व किया। इस दौरान खामेनेई के बेटों के साथ-साथ रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) के प्रमुख जनरल अहमद वाहिदी, राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर कलीबाफ और कुद्स फोर्स के प्रमुख इस्माइल कानी की मौजूदगी दर्ज की गई। जनरल वाहिदी को सादे कपड़ों में एक काले रंग की बेसबॉल कैप पहने देखा गया, जबकि उनके चारों ओर सुरक्षा बलों का कड़ा पहरा था। यह सभा ईरान की आंतरिक स्थिरता दिखाने का एक प्रयास थी, लेकिन मोजतबा की कमी खलती रही।

ट्रंप और नेतन्याहू को दी गई सीधी धमकी

इस शोक सभा के दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण और गुस्से से भरा हुआ था और ग्रैंड मोसल्ला में डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की हत्या का आह्वान करने वाले पोस्टर लगाए गए थे। कार्यक्रम के संचालक और कवि मोहम्मद रसूली ने लाउडस्पीकर पर भीड़ को संबोधित करते हुए सीधे तौर पर ट्रंप को निशाना बनाया। " इस सवाल के बाद वहां मौजूद भीड़ ने आक्रोश में आकर "अमेरिका मुर्दाबाद" और "इजरायल मुर्दाबाद" के नारे लगाए।

वाशिंगटन से डोनाल्ड ट्रंप का पलटवार

सी. में डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी सेना की उपलब्धियों का बखान किया। ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा, "हमें जबरदस्त सफलता मिली है और आप वेनेजुएला को देखें, आप ईरान को देखें। " ट्रंप का यह बयान ईरान के नेतृत्व के लिए एक सीधी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।

अंतिम संस्कार का कार्यक्रम और शांति वार्ता पर असर

अयातुल्ला खामेनेई के पार्थिव शरीर को अंतिम विदाई देने के लिए ईरान और पड़ोसी देश इराक के विभिन्न शहरों में ले जाया जाएगा। सोमवार को तेहरान की सड़कों पर उनका विशाल जनाजा निकाला जाएगा, जिसमें भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है और इसके बाद, गुरुवार को मश्हद स्थित इमाम रजा दरगाह में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। इस राष्ट्रीय शोक की स्थिति को देखते हुए अमेरिका के साथ चल रही शांति वार्ता को फिलहाल के लिए रोक दिया गया है। पूरा क्षेत्र अब इस बात पर नजर गड़ाए हुए है कि मोजतबा खामेनेई कब सार्वजनिक रूप से सामने आते हैं।

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