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मानसून का बिहार-झारखंड में विस्तार और राजस्थान में हीटवेव का अलर्ट, जानें दिल्ली में कब होगी एंट्री

मानसून का बिहार-झारखंड में विस्तार और राजस्थान में हीटवेव का अलर्ट, जानें दिल्ली में कब होगी एंट्री
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भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने देश के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में मानसून की प्रगति और वर्तमान मौसम प्रणालियों को लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट साझा की है। इस रिपोर्ट के अनुसार, देश के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों में मानसून की सक्रियता के कारण झमाझम बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। हालांकि, दिल्ली एनसीआर सहित उत्तर भारत के कई इलाकों में हो रही निरंतर बारिश को लेकर मौसम विभाग ने एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण दिया है। विभाग का कहना है कि वर्तमान में इन क्षेत्रों में हो रही वर्षा मानसून की नहीं, बल्कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण हो रही है। आईएमडी ने साफ किया है कि इस साल मानसून को दिल्ली की दहलीज तक पहुंचने में सामान्य से थोड़ा अधिक समय लग सकता है और इसमें अभी लगभग 2 सप्ताह की देरी होने की संभावना है। अगले 2 से 3 दिनों तक उत्तर भारत में इसी तरह के मौसम की स्थिति बनी रहने के आसार हैं।

बिहार और बंगाल में मानसून की सक्रियता

दक्षिण पश्चिम मानसून ने अपनी गति तेज करते हुए पश्चिम बंगाल और बिहार के कई नए हिस्सों में प्रवेश कर लिया है और इसके साथ ही मानसून की पहुंच अब उड़ीसा और झारखंड के कुछ महत्वपूर्ण क्षेत्रों तक भी हो गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, आने वाले 2 से 3 दिनों के भीतर मानसून बिहार और झारखंड के उन बाकी हिस्सों को भी पूरी तरह से कवर कर लेगा जहां अब तक इसकी पहुंच नहीं हुई थी। वर्तमान में मानसून की ऊपरी सीमा महाराष्ट्र, तेलंगाना, उड़ीसा, बिहार और झारखंड के करीब बनी हुई है। अगले 2 से 3 दिनों में मानसून के महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल के बचे हुए सभी हिस्सों में फैलने की प्रबल संभावना है। इसके अतिरिक्त, उड़ीसा, झारखंड, छत्तीसगढ़ और बिहार के कुछ और हिस्सों में भी मानसून की सक्रियता बढ़ने की उम्मीद जताई गई है।

इन राज्यों में हीटवेव और लू का अलर्ट

एक तरफ जहां देश के कई हिस्सों में बारिश हो रही है, वहीं दूसरी तरफ राजस्थान, महाराष्ट्र और गुजरात के कई इलाकों में भीषण गर्मी का प्रकोप बना हुआ है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के लिए हीटवेव यानी लू का अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से मराठवाड़ा, तेलंगाना, विदर्भ और पश्चिमी राजस्थान में लू चलने की गंभीर चेतावनी दी गई है और पश्चिमी राजस्थान के इलाकों में धूल भरी आंधी चलने की भी आशंका है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है। दक्षिणी पश्चिमी राजस्थान के साथ-साथ महाराष्ट्र और तेलंगाना में भी हीटवेव की स्थितियां बरकरार रहने की संभावना है। तापमान के आंकड़ों की बात करें तो उत्तर पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है, लेकिन इसके बाद तापमान में फिर से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने का अनुमान है।

भारी बारिश और ओलावृष्टि का पूर्वानुमान

पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण उत्तर पश्चिम भारत में वर्षा का दौर तेज हवाओं और ओलावृष्टि के साथ जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, ये मौसमी घटनाएं 14 जून तक जारी रह सकती हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान केरल, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश दर्ज की गई है। आने वाले दिनों में उत्तराखंड, उत्तरी पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के राज्यों में भारी वर्षा होने का अलर्ट जारी किया गया है। मुख्य रूप से केरल में बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा, बिहार, झारखंड और उड़ीसा में तेज हवाओं के झोंके चलने की भी उम्मीद है। पूर्वोत्तर राज्यों और उड़ीसा के साथ-साथ बिहार में भी भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है, जो मानसून और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव का परिणाम हो सकती है।

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