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: IPL के इतिहास में पहली बार 'धोनी विहीन' रहा CSK का पूरा सीजन, टूट गया करोड़ों फैंस का दिल

- IPL के इतिहास में पहली बार 'धोनी विहीन' रहा CSK का पूरा सीजन, टूट गया करोड़ों फैंस का दिल
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अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 21 मई 2026 को चेन्नई सुपर किंग्स और गुजरात टाइटंस के बीच खेला गया आईपीएल 2026 का 66वां मुकाबला इतिहास के पन्नों में एक भावुक मोड़ के रूप में दर्ज हो गया। जैसे ही इस मैच की शुरुआत हुई, आईपीएल के 18 साल के इतिहास में चली आ रही एक महान परंपरा टूट गई। करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह एक बड़ा झटका था क्योंकि महेंद्र सिंह धोनी इस पूरे सीजन के दौरान एक भी लीग मैच खेलने के लिए मैदान पर नहीं उतर सके। आईपीएल के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब चेन्नई सुपर किंग्स का पूरा लीग सीजन धोनी विहीन रहा है, जिससे प्रशंसकों के बीच मायूसी का माहौल है।

18 साल में पहली बार टूटा अटूट सिलसिला

साल 2008 में आईपीएल की शुरुआत के बाद से ही महेंद्र सिंह धोनी इस लीग का एक अभिन्न हिस्सा रहे हैं। इससे पहले खेले गए हर सीजन में धोनी ने कम से कम 10 या उससे ज्यादा मैच जरूर खेले थे। लेकिन आईपीएल 2026 में यह सिलसिला थम गया। धोनी चोट के कारण लीग स्टेज के सभी मैचों से बाहर रहे। फैंस के लिए यह विश्वास करना मुश्किल था कि उनका पसंदीदा खिलाड़ी पूरे सीजन में एक बार भी पीली जर्सी पहनकर बल्लेबाजी या विकेटकीपिंग करने नहीं आया। यह आईपीएल के इतिहास की एक ऐसी घटना है जिसने खेल के प्रति प्रशंसकों के नजरिए को बदल दिया है।

चोट का सिलसिला और रिकवरी की कोशिशें

धोनी की इस अनुपस्थिति के पीछे उनकी शारीरिक चोटें मुख्य कारण रहीं। आईपीएल 2026 के शुरू होने से पहले आयोजित प्री-सीजन कैंप के दौरान ही धोनी को पिंडली (calf injury) में चोट लग गई थी। शुरुआत में टीम प्रबंधन को यह उम्मीद थी कि वे लगभग दो हफ्तों के भीतर पूरी तरह फिट होकर वापसी कर लेंगे। हालांकि, समय बीतने के साथ उनकी यह चोट ठीक होने के बजाय और गंभीर होती गई। लीग स्टेज के अंतिम दौर के दौरान धोनी को अंगूठे में एक नई चोट लग गई, जिसने उनकी वापसी की राह को और कठिन बना दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, धोनी अब अपनी रिकवरी के लिए रांची लौट चुके हैं और वहां अपना उपचार जारी रखे हुए हैं।

प्लेऑफ में वापसी की संभावना

भले ही धोनी लीग मैचों का हिस्सा नहीं बन पाए, लेकिन उनके प्रशंसकों के लिए अभी भी एक उम्मीद बाकी है। टीम मैनेजमेंट की ओर से यह संकेत दिए गए हैं कि अगर चेन्नई सुपर किंग्स प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई करने में सफल रहती है, तो धोनी दोबारा टीम के साथ जुड़ सकते हैं। उनकी वापसी पूरी तरह से उनकी फिटनेस और रिकवरी की गति पर निर्भर करेगी। फिलहाल, पूरा ध्यान उनकी चोट के उपचार पर है ताकि जरूरत पड़ने पर वे नॉकआउट मुकाबलों में टीम का मार्गदर्शन कर सकें। टीम प्रबंधन उनके स्वास्थ्य पर लगातार नजर बनाए हुए है।

धोनी के आईपीएल करियर के बेमिसाल आंकड़े

महेंद्र सिंह धोनी आईपीएल इतिहास के सबसे अनुभवी और सफल खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में अब तक कुल 278 मुकाबले खेले हैं, जो उनकी फिटनेस और निरंतरता का प्रमाण है। इन मैचों में उनके बल्ले से 5439 रन निकले हैं। धोनी की कप्तानी में चेन्नई सुपर किंग्स ने पांच बार आईपीएल का खिताब जीतकर अपनी बादशाहत कायम की है। मैदान पर उनकी मौजूदगी मात्र से ही विपक्षी टीमों पर दबाव रहता था, जिसकी कमी इस सीजन में साफ तौर पर महसूस की गई। उनके आंकड़े उनकी महानता और खेल के प्रति उनके समर्पण को दर्शाते हैं।

गुजरात के खिलाफ करो या मरो की जंग

गुजरात टाइटंस और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच खेला गया यह मैच चेन्नई के लिए किसी फाइनल से कम नहीं था और प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए चेन्नई को यह मैच हर हाल में जीतना था। चेन्नई के लिए समीकरण काफी चुनौतीपूर्ण थे, क्योंकि उन्हें न केवल गुजरात के खिलाफ एक बड़ी जीत दर्ज करनी थी, बल्कि प्लेऑफ का टिकट पाने के लिए अन्य टीमों के मैचों के परिणामों पर भी निर्भर रहना था। धोनी की अनुपस्थिति में टीम के अन्य खिलाड़ियों पर इस महत्वपूर्ण मैच को जीतने की दोहरी जिम्मेदारी थी, क्योंकि यह मुकाबला उनके सीजन के भविष्य का फैसला करने वाला था।

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