मुंबई से एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित कार्यक्रम से पहले पुलिस ने बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) इलाके से दो संदिग्ध व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी बीकेसी स्थित नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर (एनएमएसीसी) से की गई है। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इन संदिग्धों के पास से एक बंदूक और प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) का फर्जी पहचान पत्र बरामद किया गया है और सुरक्षा एजेंसियों की मुस्तैदी के कारण इस संभावित सुरक्षा चूक को समय रहते टाल दिया गया है।
संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी का विवरण
गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी की पहचान 24 वर्षीय रोहन पारेख के रूप में हुई है। सूत्रों के अनुसार, जब इन लोगों ने कार्यक्रम स्थल में प्रवेश करने की कोशिश की, तो रोहन पारेख ने खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय का एक वरिष्ठ अधिकारी बताया। अपनी पहचान सिद्ध करने के लिए उसने एक पहचान पत्र भी दिखाया, लेकिन जब सुरक्षा जांच की गई तो वह कार्ड पूरी तरह से फर्जी पाया गया। रोहन के साथ एक अन्य व्यक्ति भी मौजूद था जो उसका बॉडीगार्ड बना हुआ था और उसके पास से एक बंदूक भी बरामद की गई है।
सुरक्षा जांच के दौरान पकड़ी गई धोखाधड़ी
मुंबई पुलिस के मुताबिक, यह घटना 7 सितंबर को हुई जब आरोपी फर्जी पहचान पत्र के साथ वेन्यू के अंदर दाखिल होने का प्रयास कर रहा था। बीकेसी में तैनात पुलिस कर्मियों की नजर इन संदिग्धों पर पड़ी और संदेह होने पर उनकी गहन तलाशी ली गई। जांच के दौरान जब उनके दस्तावेज और पहचान पत्र फर्जी पाए गए, तो पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों को हिरासत में ले लिया। इस मामले में बीकेसी पुलिस स्टेशन में रोहन पारेख और उसके बॉडीगार्ड के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
प्रधानमंत्री का कार्यक्रम और सुरक्षा व्यवस्था
यह पूरी घटना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुंबई दौरे से ठीक पहले हुई है। प्रधानमंत्री को मंगलवार को बीकेसी के जियो वर्ल्ड सेंटर में आयोजित होने वाले ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 का उद्घाटन करना है। इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री एक विशाल जनसभा को भी संबोधित करने वाले हैं। इतने महत्वपूर्ण कार्यक्रम से पहले हथियार और फर्जी आईडी के साथ संदिग्धों का पकड़ा जाना सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आरोपियों को कार्यक्रम स्थल के मुख्य घेरे में प्रवेश करने से पहले ही पकड़ लिया गया था।
मुंबई क्राइम ब्रांच कर रही है मामले की जांच
फिलहाल इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है। क्राइम ब्रांच की टीम अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि इन आरोपियों का असली मकसद क्या था और वे फर्जी पहचान पत्र के साथ कार्यक्रम स्थल के अंदर क्यों जाना चाहते थे। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपी के पास पीएमओ का फर्जी कार्ड कहां से आया और उसके बॉडीगार्ड के पास मौजूद बंदूक का लाइसेंस वैध है या नहीं और पुलिस प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा के सभी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है।