यौन शोषण सामग्री मामला: NCPCR ने मेटा इंडिया के MD को फिर भेजा समन, आज होगी सुनवाई

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यौन शोषण सामग्री मामला: NCPCR ने मेटा इंडिया के MD को फिर भेजा समन, आज होगी सुनवाई
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राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने बच्चों के यौन शोषण और दुर्व्यवहार से जुड़ी सामग्री (CSEAM) के विज्ञापनों की जांच के सिलसिले में मेटा इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर और हेड को एक बार फिर समन जारी किया है। आयोग ने इस महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई के लिए 16 सितंबर यानी आज की तारीख निर्धारित की है। इस सुनवाई में आयोग ने मेटा के भारत प्रमुख की व्यक्तिगत उपस्थिति की मांग की है ताकि इस गंभीर विषय पर जवाबदेही तय की जा सके।

व्यक्तिगत उपस्थिति की अनिवार्यता

आयोग द्वारा मेटा इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर और हेड को व्यक्तिगत रूप से तलब करने का निर्णय पिछली सुनवाई के घटनाक्रम के बाद लिया गया है। इससे पहले 9 सितंबर को हुई सुनवाई में मेटा के वरिष्ठ अधिकारियों ने कंपनी का प्रतिनिधित्व किया था। उस दौरान मेटा के अधिकारियों ने मैनेजिंग डायरेक्टर और हेड की अनुपस्थिति के कारणों से आयोग को अवगत कराया था। हालांकि, आयोग ने इन कारणों को पर्याप्त न मानते हुए निर्देश दिया था कि अगली सुनवाई में कंपनी के भारत प्रमुख को स्वयं उपस्थित रहना होगा और इसी निर्देश के पालन में आज 16 सितंबर को सुनवाई तय की गई है।

क्या है मेटा प्लेटफॉर्म और NCPCR से जुड़ा पूरा मामला?

यह पूरा मामला जुलाई के महीने में शुरू हुआ था जब राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने 3 जुलाई 2026 को मेटा प्लेटफॉर्म्स, इंक. को एक औपचारिक नोटिस जारी किया था। आयोग ने यह कदम BBC Eye की एक मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लेते हुए उठाया था। इस रिपोर्ट में मेटा के प्लेटफॉर्म पर बच्चों के यौन शोषण और दुर्व्यवहार से जुड़ी सामग्री (CSEAM) से संबंधित विज्ञापनों के होने का गंभीर आरोप लगाया गया था। NCPCR ने इस मामले में मेटा से विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा था और मेटा ने नोटिस मिलने के एक हफ्ते बाद अपना जवाब आयोग को सौंपा था, लेकिन आयोग ने मामले की गहराई और सच्चाई का पता लगाने के लिए एक औपचारिक जांच शुरू करने का निर्णय लिया। इसी चल रही जांच के हिस्से के रूप में अब मेटा इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर को समन भेजा गया है।

मेटा की पॉलिसी में हुआ बदलाव

CSEAM मामले पर NCPCR की निरंतर और सख्त कार्रवाई का असर मेटा की आंतरिक नीतियों पर भी देखने को मिला है। आयोग के दबाव के कारण मेटा को बच्चों के यौन शोषण के मामलों की रिपोर्टिंग से जुड़ी अपनी मौजूदा पॉलिसी में बदलाव करना पड़ा है। नए बदलावों के तहत, मेटा ने अब ऐसे संवेदनशील मामलों की रिपोर्ट सीधे इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) को देना शुरू कर दिया है। यह कदम डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।

कैपजेमिनी के वाइस प्रेसिडेंट को भी किया गया तलब

मेटा के मामले के अलावा, NCPCR एक अन्य गंभीर मामले की भी जांच कर रहा है। बेंगलुरु में कैपजेमिनी (Capgemini) द्वारा संचालित एक डे-केयर सेंटर में बच्चों के कथित शोषण से जुड़े मामले में आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। इस मामले में जिम्मेदारी तय करने के लिए NCPCR ने कैपजेमिनी के वाइस प्रेसिडेंट को 16 सितंबर को शाम 4 बजे पेश होने के लिए बुलाया है। आयोग इस मामले की विस्तृत जांच करेगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बच्चों की सुरक्षा में कहां चूक हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

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