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: NEET पेपर लीक मामला: CBI की बड़ी कार्रवाई, जयपुर, गुरुग्राम और नासिक से 5 आरोपी गिरफ्तार

- NEET पेपर लीक मामला: CBI की बड़ी कार्रवाई, जयपुर, गुरुग्राम और नासिक से 5 आरोपी गिरफ्तार
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केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने NEET UG-2026 परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के गंभीर मामले में अपनी जांच को तेज करते हुए एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जांच एजेंसी ने इस मामले में अब तक कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो देश के अलग-अलग हिस्सों से पकड़े गए हैं। सीबीआई की इस कार्रवाई के तहत राजस्थान की राजधानी जयपुर से तीन आरोपियों को हिरासत में लिया गया है, जबकि एक आरोपी को हरियाणा के गुरुग्राम और एक अन्य आरोपी को महाराष्ट्र के नासिक से गिरफ्तार किया गया है। इस गिरफ्तारी के साथ ही सीबीआई ने देशभर में संदिग्धों के कई ठिकानों पर सघन छापेमारी की है, जहां से मोबाइल फोन, विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और कई अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

सीबीआई की एफआईआर और कानूनी धाराएं

इस पूरे मामले की शुरुआत 12 मई 2026 को हुई थी, जब सीबीआई ने शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग से प्राप्त एक औपचारिक लिखित शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया था। मंत्रालय की इस शिकायत में NEET UG-2026 परीक्षा के आयोजन के दौरान हुई कथित गड़बड़ियों और प्रश्नपत्र लीक होने के गंभीर आरोप लगाए गए थे। सीबीआई द्वारा दर्ज की गई इस एफआईआर में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसमें आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और हाल ही में लागू किए गए पब्लिक एग्जामिनेशन (अनफेयर मीन्स प्रिवेंशन) एक्ट 2024 की धाराओं को भी जोड़ा गया है, ताकि परीक्षा की शुचिता भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

देशव्यापी छापेमारी और बरामदगी का विवरण

सीबीआई की टीमों ने इस मामले की तह तक जाने के लिए देशभर में कई स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पेपर लीक से जुड़े सबूतों को इकट्ठा करना था और छापेमारी के दौरान जांच एजेंसी को बड़ी सफलता मिली है, जिसमें आरोपियों के पास से कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य बरामद हुए हैं।

आरोपी दिनेश का खुलासा और राजनीतिक संबंध

जांच के दौरान गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक, दिनेश से पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपी दिनेश ने स्वीकार किया है कि उसने लगभग 10 छात्रों को परीक्षा के 'गेस पेपर' बेचे थे और इसके बदले में उनसे नकद राशि (कैश) वसूल की थी। दिनेश ने जांच एजेंसी को यह भी बताया कि उसने ये गेस पेपर गुरुग्राम के रहने वाले यश नामक व्यक्ति से प्राप्त किए थे और इस मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी सामने आया है कि दिनेश बिवाल जयपुर ग्रामीण बीजेपी युवा मोर्चा का जिला मंत्री है। इसके अलावा, सीबीआई ने जयपुर जिले के जमवा रामगढ़ कस्बे से दो सगे भाइयों को भी गिरफ्तार किया है, जिनकी भूमिका की गहनता से जांच की जा रही है।

एसओजी के साथ समन्वय और फॉरेंसिक जांच

सीबीआई इस संवेदनशील मामले की जांच में राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) के साथ भी निरंतर समन्वय बनाए हुए है। उल्लेखनीय है कि राजस्थान एसओजी ने ही इस मामले की शुरुआती जांच की थी और कई महत्वपूर्ण सुराग जुटाए थे। अब सीबीआई तकनीकी और फॉरेंसिक विश्लेषण के माध्यम से पेपर लीक के हर पहलू को खंगाल रही है। एजेंसी का स्पष्ट कहना है कि इस मामले की जांच पूरी तरह से निष्पक्ष, व्यापक और पेशेवर तरीके से जारी रहेगी ताकि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को बहाल किया जा सके। फिलहाल कई अन्य संदिग्धों से भी पूछताछ की जा रही है और आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियां संभव हैं।

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