नेपाल के लिए मुसीबतों का दौर खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। 2 दिन पहले आई आपदा से अभी देश संभलने की कोशिश ही कर रहा था कि चीन ने एक और भारी बाढ़ को लेकर अलर्ट जारी कर दिया है। तिब्बत में भूकंप आने के बाद से एक और भीषण बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है, जिसके कारण फिलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन रोक दिया गया है। अलर्ट जारी किए जाने के बाद नेपाल के धादिंग और नुवाकोट में बचाव कार्य रोक दिए गए हैं। तिब्बत में भी नई आपदा की आशंका को देखते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन पर रोक लगा दी गई है। नेपाली पीएम बालेन शाह ने पूरे देश को अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश दिया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
सिचुआन में भूकंप और झील का टूटना
1 की तीव्रता का तेज भूकंप आया। इस भूकंप के बाद चीन ने तुरंत नेपाल को संभावित खतरे के बारे में अलर्ट किया। भूकंप की वजह से चीन की शुओकेन नदी और पोइक त्सांगपो नदी के संगम पर बनी एक बड़ी झील टूट गई है। इस घटना के बाद एक बार फिर नेपाल पर भीषण बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन ने नदी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने की सलाह दी है। तिब्बत में बाढ़ के बाद बनी यह बैरियर झील टूटने से भोटे कोशी नदी के जरिए नेपाल की ओर पानी का एक जोरदार बहाव आने की आशंका है। स्थानीय अधिकारियों ने भोटे कोशी, त्रिशूली और नारायणी नदियों के किनारे रहने वाले लोगों से पूरी तरह सतर्क रहने को कहा है।
पीएम बालेन शाह के निर्देश और रेस्क्यू पर रोक
नेपाल के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने जानकारी दी है कि पीएम बालेन शाह ने तत्काल पूरे नेपाल को अलर्ट रहने का निर्देश दिया है। नेपाली प्रशासन इस समय लगातार चीनी अधिकारियों के संपर्क में है ताकि पल-पल की जानकारी ली जा सके। प्रवक्ता ने बताया कि एक और भीषण बाढ़ के खतरे को देखते हुए सभी सुरक्षाकर्मियों को तत्काल सर्च ऑपरेशन रोकने के निर्देश दिए गए हैं। नेपाल के रसुवा जिला प्रशासन ने विशेष रूप से नदी के किनारे रहने वाले लोगों से बहुत अधिक सतर्क रहने को कहा है, क्योंकि चीन की तरफ से आधिकारिक जानकारी मिली है कि झील टूट गई है और पानी का बहाव नेपाल की ओर बढ़ रहा है।
लापता लोग और जान-माल का नुकसान
इस समय नेपाल पर 5000 करोड़ लीटर का एक विनाशकारी वॉटर बम फटने का खतरा बना हुआ है। नेपाल में पहले से ही बड़ी संख्या में लोग लापता हैं, वहीं चीन में भी करीब 600 लोग लापता बताए जा रहे हैं। इन लापता लोगों में 100 से अधिक चीनी नागरिक हैं, जबकि शेष 260 विदेशी पर्यटक शामिल हैं। चीन की सरकारी मीडिया के अनुसार, तिब्बत के ग्यिरोंग काउंटी में 3 लोगों की मौत हो गई है और 558 लोग लापता हैं। चीन के विदेश मंत्रालय ने यह भी जानकारी दी है कि नेपाल की सीमा की तरफ लगभग 100 चीनी नागरिक लापता हैं, जिनकी तलाश की जा रही थी लेकिन अब बाढ़ के खतरे के कारण काम रोकना पड़ा है।
30 लाख क्यूबिक मीटर पानी का अतिरिक्त खतरा
ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, चीन के जल संसाधन मंत्रालय ने बताया है कि नेपाल में छोछेन खोला और पुरेपू त्सांगपो नदियों के संगम के पास एक बड़ी बैरियर लेक बन गई है। गुरुवार सुबह तक इस झील में करीब 20 लाख यानी 2 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी जमा हो गया था और यह पहले से ही ओवरफ्लो हो रही थी। सरकारी ब्रॉडकास्टर CCTV की रिपोर्ट के अनुसार, अगले 3 दिनों में झील में और 30 लाख क्यूबिक मीटर पानी आने की उम्मीद है, जिससे इसके पूरी तरह टूटने और तबाही मचाने का खतरा बढ़ गया है। मंत्रालय इस झील पर बारीकी से नजर रख रहा है और संभावित जोखिम का आकलन करने के लिए बाढ़ सिमुलेशन का उपयोग कर रहा है ताकि आपातकालीन बचाव कार्यों में मदद मिल सके।