नेपाल बाढ़: त्रिशूली नदी में बहकर आया बैंक लॉकर तो मची लूट, पुलिस ने 29 लोगों को दबोचा

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नेपाल बाढ़: त्रिशूली नदी में बहकर आया बैंक लॉकर तो मची लूट, पुलिस ने 29 लोगों को दबोचा
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नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ ने पूरे देश में भारी तबाही मचाई है जिससे बड़े पैमाने पर जन और धन की हानि हुई है। इस भीषण आपदा के बीच रसुवा और धादिंग क्षेत्र से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। बाढ़ के तेज बहाव में एक बैंक का लॉकर बह गया और बहते हुए धादिंग जिले के गल्छी गांवपालिका-4 स्थित बेलखूखोला के पास त्रिशूली नदी के किनारे जा पहुंचा। जैसे ही यह लॉकर नदी किनारे मिला वहां मौजूद लोगों में इसमें रखी नकदी को लूटने की होड़ मच गई। यह लॉकर रसुवा के एक बैंक का बताया जा रहा है जो पानी की शक्ति के कारण अपने स्थान से उखड़कर मीलों दूर बहकर आ गया था।

बाढ़ में भारी जनहानि और लापता लोगों का आंकड़ा

नेपाल में आई इस बाढ़ की वजह से अब तक 600 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार लगभग 2500 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं जिनकी तलाश के लिए रेस्क्यू टीमें दिन-रात काम कर रही हैं। लापता होने वाले लोगों में केवल नेपाली नागरिक ही नहीं बल्कि विदेशी नागरिक भी बड़ी संख्या में शामिल हैं। लापता लोगों की सूची में 320 भारतीयों समेत कुल 537 विदेशी नागरिक शामिल हैं। बाढ़ और भूस्खलन के कारण संचार व्यवस्था ठप होने से लापता लोगों की सटीक जानकारी जुटाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

बैंक लॉकर से लूट और पुलिस की बड़ी कार्रवाई

त्रिशूली नदी के किनारे बैंक लॉकर मिलने और उसमें हुई लूट की घटना को पुलिस ने अत्यंत गंभीरता से लिया है। जैसे ही पुलिस को इस लूट की सूचना मिली उन्होंने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस ने इस मामले में अब तक कुल 29 लोगों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों के पास से पुलिस ने भारी मात्रा में नकदी बरामद की है। बरामद की गई कुल राशि 92 लाख 68 हजार 505 नेपाली रुपये है। पुलिस अब इस बात की गहन जांच कर रही है कि यह पैसा किस बैंक का है और क्या इस लूट में और भी लोग शामिल थे। बरामद रकम के स्रोत की पुष्टि के लिए बैंक अधिकारियों से भी संपर्क किया जा रहा है।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम

पुलिस ने इस लूट कांड में शामिल जिन लोगों को हिरासत में लिया है उनके नामों का खुलासा किया गया है। गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपियों में पवन पौडे, वीरबहादुर राना मगर, विनोद गिरी, नवराज भेटुवाल, पूर्णलाल श्रेष्ठ, विष्णुमणि अधिकारी, कृष्ण मगर, शिवबहादुर राना मगर, युवराज अधिकारी, सुशान्त श्रेष्ठ, सुचिमबहादुर राना मगर, सविन श्रेष्ठ, प्रेमबहादुर राना मगर और अनिल भेटुवाल शामिल हैं और इन 14 नामजद आरोपियों के अलावा 15 अन्य संदिग्धों को भी पुलिस ने अपने नियंत्रण में लिया है। इस प्रकार अब तक कुल 29 लोग पुलिस की गिरफ्त में हैं जिनसे पूछताछ की जा रही है ताकि मामले की पूरी सच्चाई सामने आ सके।

चीन की नई चेतावनी और झील फटने का खतरा

नेपाल में अभी बाढ़ का खतरा पूरी तरह टला नहीं है क्योंकि पड़ोसी देश चीन ने एक नया अलर्ट जारी किया है। चीन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार ल्हेन्डे नदी सिस्टम के ऊपरी इलाकों में स्थित एक झील के किनारे कभी भी टूट सकते हैं और चीन ने उपग्रह और अन्य माध्यमों से पानी के बदलते रंग को नोटिस किया है जो इस बात का संकेत है कि झील कभी भी फट सकती है। यदि यह झील फटती है तो नदी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए भारी खतरा पैदा हो सकता है। चीन ने नदी के बहाव की दिशा में नीचे की तरफ रहने वाले सभी लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।

रेस्क्यू ऑपरेशन और सेना की भूमिका

बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी हैं। नेपाल की सेना ने रसुवा जिले में एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए अपर त्रिशूली-1 हाइड्रोप्रोजेक्ट की सुरंग में फंसे कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। अब तक विभिन्न इलाकों से 4500 से ज्यादा लोगों का सफल रेस्क्यू किया जा चुका है। हालांकि 2500 लोगों का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है जिससे उनके परिजनों में भारी चिंता बनी हुई है। इससे पहले नेपाल सरकार ने कहा था कि फिलहाल किसी बड़े खतरे की तत्काल आशंका नहीं है लेकिन बचाव कार्य पूरी मुस्तैदी से जारी रहेंगे ताकि हर एक लापता व्यक्ति की खोज की जा सके।

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