इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता में ईरान के नए नेतृत्व और चल रहे सैन्य अभियानों पर कड़ा रुख स्पष्ट किया है। नेतन्याहू ने स्पष्ट रूप से कहा कि ईरान के नए सर्वोच्च नेता मुज्तबा खामेनेई और हिजबुल्लाह प्रमुख नईम कासिम जैसे नेताओं के लिए सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब इजरायल और अमेरिका ईरान के खिलाफ एक व्यापक संयुक्त सैन्य अभियान चला रहे हैं और प्रधानमंत्री के अनुसार, यह अभियान उम्मीद से कहीं अधिक प्रभावी साबित हो रहा है और इसने क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति को मौलिक रूप से बदल दिया है।
मुज्तबा खामेनेई और नईम कासिम पर नेतन्याहू की चेतावनी
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए ईरान के नए सर्वोच्च नेता मुज्तबा खामेनेई के भविष्य पर कड़े शब्दों का प्रयोग किया। जब उनसे पूछा गया कि क्या इजरायल मुज्तबा खामेनेई और हिजबुल्लाह नेता नईम कासिम को निशाना बनाने की योजना बना रहा है, तो उन्होंने कहा कि वह किसी भी आतंकवादी संगठन के नेताओं के लिए 'लाइफ इंश्योरेंस' यानी जीवन बीमा की नीति नहीं अपनाते हैं। नेतन्याहू ने संकेत दिया कि इजरायल की सैन्य कार्रवाई उन सभी नेतृत्वकर्ताओं के खिलाफ जारी रहेगी जो इजरायल की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इजरायल अब रक्षात्मक मुद्रा से बाहर निकलकर सक्रिय रूप से खतरों को समाप्त करने की दिशा में काम कर रहा है।
संयुक्त सैन्य अभियान 'रोरिंग लायन' और 'एपिक फ्यूरी' की प्रगति
इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ चलाए जा रहे संयुक्त सैन्य अभियान की जानकारी देते हुए नेतन्याहू ने बताया कि 'ऑपरेशन रोरिंग लायन' और 'एपिक फ्यूरी' के तहत ईरानी सैन्य बुनियादी ढांचे पर लगातार प्रहार किए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान 28 फरवरी को पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद शुरू किया गया था। इस अभियान का प्राथमिक उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह से समाप्त करना और उसकी मिसाइल क्षमताओं को नष्ट करना है। नेतन्याहू ने कहा कि इजरायली वायु सेना और अमेरिकी बल रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) और बासिज बलों के ठिकानों पर सटीक हमले कर रहे हैं, जिससे ईरानी शासन की सैन्य शक्ति कमजोर हुई है।
ईरानी शासन के पतन और नागरिक विद्रोह की संभावना
नेतन्याहू ने ईरान के आंतरिक हालात और वहां की जनता की भूमिका पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि इजरायल और अमेरिका ऐसी परिस्थितियां तैयार कर रहे हैं जिससे ईरानी नागरिक इस 'अत्याचारी शासन' के खिलाफ खड़े हो सकें। प्रधानमंत्री ने ईरानी जनता को संबोधित करते हुए कहा कि वह पल नजदीक आ रहा है जब वे आजादी के नए रास्ते पर चल सकेंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सत्ता परिवर्तन का अंतिम फैसला ईरानी लोगों के हाथ में है। नेतन्याहू के अनुसार, इजरायल हवाई हमलों और सैन्य दबाव के माध्यम से वह माहौल तैयार कर रहा है जहां नागरिक सड़कों पर उतरकर अपने अधिकारों की मांग कर सकें।
डोनाल्ड ट्रंप के साथ रणनीतिक गठबंधन और आपसी समन्वय
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपने संबंधों पर चर्चा करते हुए नेतन्याहू ने इसे एक अभूतपूर्व गठबंधन करार दिया। उन्होंने कहा कि ट्रंप उनके निजी मित्र हैं और दोनों नेता लगभग प्रतिदिन संवाद करते हैं। इस गठबंधन के तहत दोनों देश ईरान के खिलाफ अपनी रणनीतियों को साझा करते हैं और मिलकर निर्णय लेते हैं। नेतन्याहू ने विश्वास व्यक्त किया कि अमेरिका और इजरायल के बीच यह समन्वय क्षेत्र में ईरान के प्रभाव को कम करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस रणनीतिक साझेदारी ने इजरायल को पहले से कहीं अधिक मजबूत और सुरक्षित बना दिया है।
क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों में बदलाव और इजरायल की रणनीति
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि वर्तमान युद्ध ने मध्य पूर्व के पूरे परिदृश्य को बदल दिया है। उन्होंने कहा कि अब ईरान, मध्य पूर्व और स्वयं इजरायल पहले जैसा नहीं रहा है। इजरायल की नई रणनीति 'पहल करने' और 'पूरी ताकत से हमला करने' पर आधारित है। नेतन्याहू ने संकेत दिया कि इजरायल के पास आने वाले समय के लिए कई सैन्य 'सरप्राइज' तैयार हैं। उन्होंने कहा कि इजरायल अब खतरों के आने का इंतजार नहीं करता, बल्कि उन्हें उनके स्रोत पर ही खत्म करने की क्षमता रखता है। इस अभियान के माध्यम से इजरायल का लक्ष्य एक ऐसा क्षेत्रीय संतुलन बनाना है जहां ईरानी समर्थित उग्रवाद के लिए कोई स्थान न हो।