न्यूजीलैंड ने जीता आखिरी टी20 मुकाबला मगर सीरीज पर कब्जा टीम इंडिया का रहा

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न्यूजीलैंड ने जीता आखिरी टी20 मुकाबला मगर सीरीज पर कब्जा टीम इंडिया का रहा
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भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेली गई रोमांचक टी20 सीरीज का अंत आखिरकार तीन और दो के स्कोर के साथ हुआ। सीरीज की शुरुआत में ही लगातार तीन मैच जीतकर भारतीय टीम ने अपनी अजेय बढ़त बनाते हुए ट्रॉफी पर पहले ही कब्जा जमा लिया था। मगर दौरे के आखिरी दोनों मैच जीतकर मेजबान न्यूजीलैंड टीम ने कुछ हद तक अपना सम्मान बचाया और भारतीय टीम प्रबंधन को भी भविष्य के लिए सोचने पर मजबूर कर दिया है और हैमिल्टन के ऐतिहासिक सेडन पार्क मैदान पर खेले गए इस सीरीज के पांचवें और आखिरी मुकाबले में एडम मिल्न के बेहतरीन गेंदबाजी स्पैल और उसके बाद टिम साइफर्ट की आतिशी पारी के दम पर न्यूजीलैंड ने भारत को 7 विकेट से करारी शिकस्त दी। श्रृंखला का यह आखिरी मैच दोनों टीमों के बीच संघर्ष और रोमांच से भरपूर रहा, जिसमें अंततः मेजबानों ने बाजी मारी।

मैच की शुरुआत और भारतीय बल्लेबाजी का हाल

रविवार 1 नवंबर को खेले गए इस निर्णायक मैच में भारतीय टीम को पहले बल्लेबाजी करने का न्योता मिला। इस पूरी सीरीज में यह पहला मौका था जब कप्तान श्रेयस अय्यर टॉस हारे और भारतीय टीम को पहले बैटिंग के लिए मैदान पर उतरना पड़ा और टॉस हारने का असर टीम इंडिया की शुरुआत पर साफ तौर पर दिखाई दिया। पारी के शुरुआती ओवरों में ही भारतीय टीम की हालत खराब हो गई और केवल 19 रन के स्कोर तक ही सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन अपना विकेट गंवाकर पवेलियन लौट चुके थे। शुरुआती झटकों से टीम उबरने की कोशिश कर रही थी, लेकिन इसके बाद कप्तान श्रेयस अय्यर और विस्फोटक बल्लेबाज ईशान किशन ने मोर्चा संभाला और अपनी तूफानी बल्लेबाजी से स्कोरबोर्ड को तेजी से आगे बढ़ाया।

ईशान किशन ने अपनी शानदार फॉर्म को जारी रखते हुए केवल 28 गेंदों में ही अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। दूसरी ओर, कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी किसी से पीछे न रहते हुए महज 22 गेंदों में ही आतिशी फिफ्टी ठोक दी। इन दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर मैदान के चारों तरफ बेहतरीन शॉट खेले और सिर्फ 43 गेंदों के भीतर ही 93 रनों की बेहद आक्रामक और जबरदस्त साझेदारी कर डाली। अय्यर और ईशान के आउट होने के बाद मध्य क्रम में नमन धीर और नीतीश कुमार रेड्डी क्रीज पर आए। इन दोनों युवा खिलाड़ियों ने छोटी लेकिन बेहद तेज और उपयोगी पारियां खेलीं, जिससे टीम का रन रेट ऊपर बना रहा। हालांकि इन सबके बावजूद भारतीय टीम निर्धारित ओवरों में दो सौ का आंकड़ा पार करने से चूक गई। अंततः भारत ने निर्धारित बीस ओवरों में आठ विकेट के नुकसान पर 191 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया।

न्यूजीलैंड की सधी हुई और आक्रामक शुरुआत

लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम की शुरुआत भी संभली हुई रही। भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने पारी के दूसरे ओवर में ही खतरनाक बल्लेबाज फिन ऐलन को आउट कर भारत को शुरुआती सफलता दिलाई और दबाव बनाने की कोशिश की। लेकिन इसके बाद क्रीज पर आए टिम साइफर्ट और डैरिल मिचेल ने भारतीय गेंदबाजों को हावी होने का कोई मौका नहीं दिया। दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर आक्रामक रुख अपनाया और मात्र सात ओवरों में ही तेजी से 73 रनों की शानदार साझेदारी कर डाली। ऐसा लग रहा था कि कीवी बल्लेबाज आसानी से लक्ष्य हासिल कर लेंगे, तभी अनुभवी स्पिनर वरुण चक्रवर्ती ने डैरिल मिचेल को आउट कर भारत के लिए मैच में वापसी का एक और महत्वपूर्ण मौका बनाया।

मगर टिम साइफर्ट आज किसी भी कीमत पर हथियार डालने के मूड में नहीं थे और मिचेल के आउट होने के बाद उनका साथ देने आए ग्लेन फिलिप्स, जो कि इस पूरी सीरीज के दौरान न्यूजीलैंड के सबसे सफल बल्लेबाज साबित हुए थे। टिम साइफर्ट ने अपनी बेहतरीन पारी को आगे बढ़ाते हुए केवल 34 गेंदों में ही अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। साइफर्ट और फिलिप्स ने मिलकर एक बार फिर से मोर्चा संभाला और मात्र सात ओवरों में ही 86 रनों की बेहद तेज साझेदारी करके टीम को जीत की दहलीज पर पहुंचा दिया। टिम साइफर्ट अपने शतक से चूक गए और नीतीश कुमार रेड्डी का शिकार बनकर आउट हुए, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

जीत के साथ सीरीज का समापन

टिम साइफर्ट के आउट होने के बाद भी न्यूजीलैंड की जीत पर कोई खतरा नहीं मंडराया और ग्लेन फिलिप्स ने एक बार फिर अपनी शानदार फॉर्म का मुजाहिरा करते हुए इस सीरीज में चौथी बार पचास रनों का आंकड़ा पार किया। फिलिप्स ने जिम्मेदारी भरी पारी खेलते हुए अठारहवें ओवर में ही अपनी टीम को बेहद आसान जीत दिला दी। इस तरह से यह रोमांचक मुकाबला न्यूजीलैंड ने सात विकेट से अपने नाम कर लिया। हालांकि इस आखिरी मैच में बैटिंग के साथ ही बॉलिंग के मामले में भी भारतीय टीम काफी फिसड्डी साबित हुई और मैदान पर फील्डिंग भी कुछ खास नहीं रही, जिसका सीधा असर हार के रूप में सामने आया। इसके बावजूद, शुरुआती तीन मैच जीतने के कारण पांच मैचों की यह टी20 सीरीज कुल तीन-दो के स्कोर के साथ भारत के नाम ही रही और ट्रॉफी पर टीम इंडिया का ही कब्जा बरकरार रहा।

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