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प्रार्थना के बीच गूंजी गोलियां, 3 चर्चों से 150 से ज्यादा लोग गायब: नाइजीरिया में खौफनाक मंजर!

प्रार्थना के बीच गूंजी गोलियां, 3 चर्चों से 150 से ज्यादा लोग गायब: नाइजीरिया में खौफनाक मंजर!
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नाइजीरिया के उत्तरी और मध्य क्षेत्रों में एक बार फिर मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। जब लोग शांति और सुकून की तलाश में चर्च में प्रार्थना कर रहे थे, तभी मौत का तांडव शुरू हो गया। कडुना राज्य के काजुरु इलाके में बंदूकधारियों ने एक सोची-समझी। साजिश के तहत तीन अलग-अलग चर्चों पर एक साथ हमला बोला। इस हमले में 150 से अधिक श्रद्धालुओं को किडनैप कर लिया। गया है, जिनका अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

प्रार्थना सभा के दौरान मचा कोहराम

यह खौफनाक मंजर रविवार की सुबह तब शुरू हुआ जब कडुना राज्य के कुरमिन वाली समुदाय में लोग अपनी साप्ताहिक प्रार्थना में लीन थे और विधायक उस्मान डानलामी स्टिंगो के अनुसार, हमलावरों ने इवेंजेलिकल चर्च विनिंग ऑल (ECWA), चेरुबिम एंड सेराफिम संप्रदाय के एक चर्च और एक कैथोलिक चर्च को निशाना बनाया। जैसे ही प्रार्थना शुरू हुई, हथियारों से लैस हमलावरों ने चर्च को घेर लिया और अंधाधुंध फायरिंग करते हुए लोगों को बंधक बना लिया।

आंकड़ों में उलझी जिंदगी और मौत की कहानी

विधायक स्टिंगो ने बताया कि शुरुआत में कुल 177 लोग लापता बताए गए थे। हालांकि, बाद में खबर आई कि इनमें से 11 लोग किसी तरह वापस लौटने में सफल रहे। लेकिन अभी भी 166 से 168 लोग लापता हैं, जिनका कोई पता नहीं चल सका है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कडुना राज्य की पुलिस ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है और न ही किसी आतंकी समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है।

अफ्रीका का सबसे अधिक आबादी वाला देश नाइजीरिया इन दिनों सुरक्षा के गंभीर संकट से जूझ रहा है। यहां के उत्तरी क्षेत्रों में डाकुओं और आतंकी गिरोहों का दबदबा बढ़ता जा रहा है। ये गिरोह अक्सर दूरदराज के गांवों और धार्मिक स्थलों को निशाना बनाते हैं ताकि फिरौती वसूली जा सके या दहशत फैलाई जा सके। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसे ईसाई नरसंहार के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन नाइजीरियाई सरकार लगातार इन दावों को खारिज करती रही है।

अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप और सुरक्षा की चुनौती

चर्चों पर बढ़ते हमलों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान भी अपनी ओर खींचा है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और कई अमेरिकी सांसदों ने नाइजीरिया में ईसाइयों के उत्पीड़न पर चिंता जताई है। हाल ही में अमेरिकी सेना ने सोकोतो क्षेत्र में इस्लामिक स्टेट (ISIS) के ठिकानों पर हवाई हमले भी किए थे, लेकिन जमीनी स्तर पर सुरक्षा की स्थिति अभी भी बेहद नाजुक बनी हुई है। स्थानीय लोगों में अब डर इतना बैठ गया है कि वे अपने। घरों और पूजा स्थलों में भी सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं।

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