पर्वतारोहण की दुनिया से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) और चीन की सीमा पर स्थित काराकोरम रेंज की ब्रॉड पीक चोटी पर जुलाई के अंत में आए एक भीषण हिमस्खलन में मशहूर पर्वतारोही निर्मल 'निम्स' पुर्जा और उनकी टीम के कई सदस्यों की मौत हो गई है। दुनिया की 12वीं सबसे ऊंची चोटी मानी जाने वाली ब्रॉड पीक पर हुआ यह हादसा पर्वतारोहण के इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक है। इस हादसे में कुल 10 पर्वतारोहियों ने अपनी जान गंवाई है, जो शिखर फतह करने की कोशिश कर रहे थे।
हादसे का विवरण और स्थान
यह दर्दनाक हादसा गुरुवार सुबह करीब 9 बजे हुआ जब पर्वतारोहियों का दल लगभग 7000 मीटर की ऊंचाई पर था। ब्रॉड पीक काराकोरम पर्वत श्रृंखला में के2 के पास गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र में स्थित है। अचानक आए हिमस्खलन ने 10 सदस्यीय पर्वतारोहण दल को अपनी चपेट में ले लिया। क्षेत्र में मौसम की खराब स्थिति और अत्यधिक ऊंचाई के कारण बचाव कार्यों में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा और पाकिस्तान के अल्पाइन क्लब (एसीपी) ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हिमस्खलन इतना भीषण था कि टीम को संभलने का मौका नहीं मिला।
एलीट एक्सपेड ने की मौत की पुष्टि
दिग्गज नेपाली-ब्रिटिश पर्वतारोही निर्मल पुर्जा की मौत की आधिकारिक पुष्टि शनिवार को उनकी अभियान कंपनी एलीट एक्सपेड द्वारा जारी एक बयान में की गई। कंपनी ने सोशल मीडिया पर बेहद दुख और गहरे सदमे के साथ जानकारी दी कि निर्मल ‘निम्सदाई’ पुर्जा अब हमारे बीच नहीं रहे। कंपनी के बयान के अनुसार, अभियान का कोई भी सदस्य इस हिमस्खलन में जीवित नहीं बच सका। एलीट एक्सपेड ने कहा कि दुनिया ने न केवल एक महान पर्वतारोही को खोया है, बल्कि एक ऐसे इंसान को खोया है जिसने अपने साहस और विनम्रता से लाखों लोगों को यह विश्वास दिलाया कि मनुष्य की क्षमता असीमित है।
मृतकों की पहचान और राष्ट्रीयता
इस हादसे में जान गंवाने वाले 10 पर्वतारोहियों में से 6 नेपाल के रहने वाले थे। निर्मल पुर्जा (43 वर्ष) के अलावा, उनके साथी गाइड पुर बहादुर गुरूंग (युक्ता) और निमा शेरपा की भी इस त्रासदी में मौत हो गई। टीम में अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्वतारोही भी शामिल थे, जिनमें पाकिस्तान, ओमान, अमेरिका और चीन का 1-1 पर्वतारोही शामिल था। पाकिस्तान के अल्पाइन क्लब के अध्यक्ष मेजर जनरल इरफान अरशद ने बताया कि शुक्रवार तक 10 में से 4 शव बरामद कर लिए गए थे। इनमें ओमान की नधीरा अहमद अब्दुल्ला अल हरथी, नेपाल के पुर बहादुर गुरूंग और अमेरिका की मैलोरी गीस की पहचान की गई है। बरामद किए गए शवों को आगे की कार्रवाई के लिए स्कर्दू ले जाया गया है।
खोज और बचाव अभियान
हादसे के तुरंत बाद पाकिस्तान सरकार ने खोज और बचाव अभियान को प्राथमिकता दी। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने एक बयान जारी कर इस दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और कहा कि पाकिस्तान इस कठिन समय में नेपाल के लोगों के साथ खड़ा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जब तक सभी पर्वतारोहियों के शवों को खोजने का अभियान पूरा नहीं हो जाता, पाकिस्तान हर संभव सहायता जारी रखेगी और इस खोज अभियान में प्रसिद्ध पर्वतारोही सरबाज खान के नेतृत्व में तीन सदस्यीय नागरिक बचाव दल शामिल था, जिसे पाकिस्तान सेना के हेलीकॉप्टरों द्वारा हवाई सहायता प्रदान की गई। खराब मौसम के कारण शुक्रवार रात को अभियान रोकना पड़ा था, जिसे शनिवार सुबह फिर से शुरू किया गया।
नेपाल के प्रधानमंत्री ने जताया शोक
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने भी निर्मल पुर्जा और अन्य पांच नेपाली पर्वतारोहियों की मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट में लिखा कि निर्मल पुर्जा और अन्य दिवंगत पर्वतारोहियों की केवल शारीरिक यात्राएं समाप्त हुई हैं, लेकिन उनके साहस, समर्पण और योगदान की विरासत हमेशा जीवित रहेगी और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों और शुभचिंतकों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
निर्मल पुर्जा का शानदार करियर और रिकॉर्ड
निर्मल पुर्जा का पर्वतारोहण करियर उपलब्धियों से भरा रहा है और ब्रॉड पीक उनका अंतिम अभियान साबित हुआ। उन्होंने अपने 16 साल के सैन्य करियर की शुरुआत 2003 में की थी, जिसमें उन्होंने 6 साल गोरखा रेजिमेंट और 10 साल ब्रिटेन की स्पेशल फोर्सेज में अपनी सेवाएं दीं। साल 2018 में उन्हें मेंबर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश एम्पायर (एमबीई) के सम्मान से नवाजा गया था। पुर्जा ने साल 2019 में एक अद्भुत विश्व रिकॉर्ड बनाया था, जब उन्होंने दुनिया की 8000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली सभी 14 चोटियों को मात्र 6 महीने और 6 दिन में फतह किया था। ब्रॉड पीक पर चढ़ाई के साथ वह इन सभी 14 चोटियों पर दो बार चढ़ने का अपना मिशन पूरा करने के बेहद करीब थे।