लंदन। कोरोना वायरस (Coronavirus) के खिलाफ जारी लड़ाई को एक बड़ा झटका लगा है। एस्ट्राज़ेनेका (AstraZeneca) और ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी की वैक्सीन (Oxford covid-19 Vaccine) के ट्रायल को मानव परीक्षण में शामिल एक व्यक्ति के बीमार पड़ने के बाद रोक दिया गया है। एस्ट्राज़ेनेका ने एक बयान जारी कर कहा है कि यह एक रूटीन रुकावट है क्योंकि परीक्षण में शामिल व्यक्ति की बीमारी के बारे में अभी तक कुछ समझ में नहीं आ रहा है।
इस वैक्सीन का नाम AZD1222 रखा गया था WHO के मुताबिक दुनिया के अन्य वैक्सीन ट्रायल के मुकाबले ये सबसे आगे चल रही थी। बता दें कि भारत समेत कई देशों की निगाहें ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी की वैक्सीन पर टिकी हुईं हैं। इस वक़्त दुनिया भर में क़रीब एक दर्जन जगहों पर कोरोना वैक्सीन का ट्रायल चल रहा है लेकिन जानकारों का मानना है कि ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी का ट्रायल सबसे आगे है। यहां तीसरे फ़ेज़ की ट्रायल हो रहा है और बहुत उम्मीद है कि बाज़ार में सबसे पहले आने वाले वैक्सीन में ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी की हो।
#BREAKING AstraZeneca pauses Covid-19 vaccine trial: statement pic.twitter.com/a2T49oCuCZ
— AFP news agency (@AFP) September 8, 2020
AFP की एक खबर के मुताबिक पूरी दुनिया में चल रहे ट्रायल को फिलहाल रोक दिया गया है और अब एक स्वतंत्र जांच के बाद ही इसे फिर से शुरू किया जा सकेगा। वैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल में हज़ारों लोग शामिल होते हैं और इसमें कई बार कई साल लगते हैं। कोरोना वैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल में क़रीब 30 हज़ार लोग शामिल हैं। ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी के प्रवक्ता ने कहा, "बड़े ट्रायल में बीमार पड़ने की पूरी आशंका है लेकिन इसको ध्यानपूर्वक चेक करने के लिए इसकी स्वतंत्र पुनरीक्षण बहुत ज़रूरी है।" बता दें कि ये दूसरी बार हुआ है जब ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी में कोरोना वायरस के वैक्सीन के ट्रायल को रोका गया है।