पाकिस्तान क्रिकेट टीम जल्द ही वेस्टइंडीज के दौरे पर अपने अभियान की शुरुआत करने वाली है। दोनों देशों के बीच 2 टेस्ट मैचों की एक महत्वपूर्ण सीरीज खेली जाएगी जिसका आगाज 25 जुलाई से होने जा रहा है। पिछले कुछ समय से टीम के लगातार खराब प्रदर्शन को देखते हुए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने नेतृत्व में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है। टेस्ट टीम की कमान अब शान मसूद के हाथों से लेकर एक बार फिर अनुभवी बल्लेबाज बाबर आजम को सौंप दी गई है। इस बदलाव के बावजूद टीम के मुख्य कोच सरफराज अहमद का मानना है कि कप्तानी जाने से शान मसूद के खेल या उनके आत्मविश्वास पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।
शान मसूद की मानसिक मजबूती की सराहना
वेस्टइंडीज दौरे के लिए रवाना होने से पहले कोच सरफराज अहमद ने मीडिया से बातचीत में शान मसूद के पेशेवर रवैये की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि मसूद टीम के लिए उतने ही महत्वपूर्ण खिलाड़ी बने रहेंगे जितने वह कप्तान रहते हुए थे। ESPNCricinfo की एक रिपोर्ट के अनुसार सरफराज अहमद ने बताया कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से शान मसूद से बात की है और उनका मनोबल काफी ऊंचा है। कोच के अनुसार मसूद एक बेहद समझदार और परिपक्व खिलाड़ी हैं जिन्हें पता है कि कप्तानी के बदलाव जैसी स्थितियों को कैसे संभालना है। उन्होंने कहा कि जिस तरह मसूद ने कप्तान के तौर पर अपना योगदान दिया था अब वह एक वरिष्ठ खिलाड़ी के रूप में भी वैसा ही प्रदर्शन करेंगे।
चोट और बल्लेबाजी में सुधार
तैयारियों के दौरान शान मसूद को हैमस्ट्रिंग में हल्की परेशानी का सामना करना पड़ा था लेकिन कोच ने बताया कि इसके बावजूद उनके अभ्यास और तैयारी में कोई कमी नहीं आई। हालांकि कप्तान के रूप में मसूद का कार्यकाल बहुत सफल नहीं रहा लेकिन इस दौरान उनकी व्यक्तिगत बल्लेबाजी में काफी सुधार देखा गया है। यही कारण है कि टीम प्रबंधन उन्हें टॉप ऑर्डर के एक मजबूत स्तंभ के रूप में देख रहा है। वेस्टइंडीज और इंग्लैंड जैसे कठिन दौरों पर पाकिस्तान की युवा बल्लेबाजी लाइनअप को मसूद के अनुभव से काफी मदद मिलने की उम्मीद है। टीम में अजान अवैस और अब्दुल्ला फजल जैसे युवा खिलाड़ी शामिल हैं जिन्होंने अब तक केवल 2-2 टेस्ट मैच ही खेले हैं। ऐसे में मसूद की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
दौरे के लिए की गई कड़ी मेहनत
कोच सरफराज अहमद ने टीम की तैयारियों का पूरा खाका पेश करते हुए बताया कि खिलाड़ियों ने इस दौरे के लिए जी-तोड़ मेहनत की है। तैयारी की प्रक्रिया लाहौर में आयोजित एक महीने के लंबे ट्रेनिंग कैंप से शुरू हुई थी। इसके बाद खिलाड़ियों को 4 से 5 दिन का विश्राम दिया गया और फिर रावलपिंडी में 3 दिन का एक और विशेष कैंप लगाया गया। कोच ने कहा कि हमारी तैयारी पूरी तरह से योजनाबद्ध रही है। पाकिस्तान का वर्तमान मौसम वेस्टइंडीज के मौसम जैसा ही है इसलिए खिलाड़ियों को वहां की गर्मी और नमी के अनुकूल ढलने में आसानी होगी।
त्रिनिदाद में अभ्यास मैच और रणनीति
वेस्टइंडीज पहुंचने के बाद पाकिस्तान की टीम को टेस्ट सीरीज शुरू होने से पहले त्रिनिदाद में एक 4 दिवसीय अभ्यास मैच खेलने का अवसर मिलेगा। खास बात यह है कि सीरीज के दोनों टेस्ट मैच भी इसी द्वीप पर आयोजित किए जाएंगे। सरफराज अहमद ने जानकारी दी कि टीम के चयन से लेकर अभ्यास सत्रों तक हर निर्णय वेस्टइंडीज की पिचों और वहां की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर लिया गया है। टीम प्रबंधन को उम्मीद है कि इस व्यापक तैयारी का लाभ मैदान पर देखने को मिलेगा और टीम वेस्टइंडीज के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन करने में सफल होगी।