पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में राजनीतिक हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं और जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर उनके समर्थकों के सड़कों पर उतरने के बाद केंद्र सरकार ने इस प्रांत में इमरजेंसी यानी आपातकाल लागू करने का बड़ा फैसला लिया है। इस फैसले के साथ ही प्रांतीय सरकार के कामकाज पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है और हालात की गंभीरता को देखते हुए खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री मुहम्मद सोहेल अफरीदी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिससे पूरे इलाके में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री और अन्य नेताओं की गिरफ्तारी का विवाद
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने इस पूरी कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी के साथ-साथ खैबर पख्तूनख्वा असेंबली के स्पीकर बाबर सलीम स्वाति और PTI के प्रांतीय अध्यक्ष जुनैद अकबर खान का भी अपहरण कर लिया गया है। पार्टी का आरोप है कि पिछले कुछ हफ्तों के दौरान नेशनल और प्रांतीय असेंबली के कई अन्य सदस्यों को भी इसी तरह उठाया गया है और पीटीआई ने इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया है और कहा है कि सरकार दमनकारी नीतियों के जरिए जनता की आवाज को दबाना चाहती है।
प्रांतीय सरकार भंग और गवर्नर राज की शुरुआत
पाकिस्तान के कानून मंत्री आजम नजीर तरार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्पष्ट किया कि खैबर पख्तूनख्वा की प्रांतीय सरकार को भंग कर दिया गया है। उन्होंने तर्क दिया कि इस सरकार के कार्यकाल के दौरान इलाके में उग्रवाद और आतंकवाद की घटनाओं में भारी बढ़ोतरी हुई है। कानून मंत्री ने पुष्टि की कि जब तक हालात सामान्य नहीं हो जाते, तब तक प्रांतीय सरकार काम नहीं करेगी। अब इस प्रांत का शासन सीधे तौर पर गवर्नर द्वारा चलाया जाएगा, जिनकी सहायता के लिए एक एडवाइजरी काउंसिल का गठन किया जाएगा और पीटीआई के चेयरमैन गौहर अली खान ने इस कदम को एक बहुत ही खतरनाक और गंभीर राजनीतिक गलती बताया है।
संवैधानिक प्रावधान और राष्ट्रपति का आदेश
खैबर पख्तूनख्वा में इमरजेंसी की घोषणा पाकिस्तान के संविधान के सुरक्षा से जुड़े दो महत्वपूर्ण अनुच्छेदों के तहत की गई है। ये अनुच्छेद संघीय सरकार को किसी भी प्रांत पर व्यापक प्रशासनिक अधिकार प्रदान करते हैं। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने संघीय कैबिनेट की सिफारिशों के आधार पर इस आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं। आदेश में कहा गया है कि कानून और व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति और सरकारी प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत विफल होने के कारण यह कदम उठाना अनिवार्य हो गया था। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के कार्यालय ने भी कहा कि प्रांतीय सरकार आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में जानबूझकर लापरवाही बरत रही थी।
पेशावर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम और जनजीवन प्रभावित
इमरजेंसी लागू होने के बाद प्रांतीय राजधानी पेशावर में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। मुख्यमंत्री आवास के आसपास भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात हैं। पूरे इलाके में मोबाइल फोन नेटवर्क को बाधित कर दिया गया है, जिससे लोगों को संचार में भारी परेशानी हो रही है। सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को पूरी तरह से रोक दिया गया है और प्रांत के अन्य शहरों को जोड़ने वाली सड़कों पर भी आवाजाही बंद है। पेशावर के एक 32 वर्षीय निवासी अब्दुर रहमान ने बताया कि सभी सड़कें बंद हैं और निर्वाचित प्रतिनिधियों को बंधक बना लिया गया है। उन्होंने इसे पश्तून लोगों के जनादेश की चोरी करार दिया है।
इमरान खान की रिहाई के लिए लॉन्ग मार्च
यह पूरा विवाद इमरान खान की रिहाई की मांग से जुड़ा है। पीटीआई समर्थकों ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में एक लॉन्ग मार्च शुरू किया था, जिसका उद्देश्य अंततः राजधानी इस्लामाबाद पहुंचना था। सरकार ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बातचीत की कोशिश की थी, लेकिन 4 अक्टूबर को यह बातचीत पूरी तरह से टूट गई। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में से एक यह भी थी कि इमरान खान को उनके डॉक्टरों से मिलने की अनुमति दी जाए। बातचीत विफल होने के बाद प्रदर्शनों ने उग्र रूप ले लिया, जिसके बाद सरकार ने इमरजेंसी लगाने का फैसला किया।
इमरान खान और सैन्य नेतृत्व के बीच टकराव
पूर्व क्रिकेट स्टार इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं। उन पर भ्रष्टाचार से लेकर हिंसा भड़काने तक के कई गंभीर आरोप लगे हैं। विशेष रूप से मई 2023 में हुई हिंसा के बाद उन पर शिकंजा और कस गया है। इमरान खान और उनकी कानूनी टीम इन सभी आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताती रही है। खान ने खुले तौर पर आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर सहित सैन्य नेतृत्व पर उन्हें सत्ता से हटाने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। हालांकि सेना राजनीति में किसी भी तरह के दखल से इनकार करती है, लेकिन खैबर पख्तूनख्वा के मौजूदा हालात ने पाकिस्तान की आंतरिक राजनीति में सेना और राजनीतिक दलों के बीच के तनाव को एक बार फिर उजागर कर दिया है।