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पाकिस्तान: बांग्लादेश के खिलाफ वनडे में बनाया सबसे छोटा स्कोर, मीरपुर में ढेर

पाकिस्तान: बांग्लादेश के खिलाफ वनडे में बनाया सबसे छोटा स्कोर, मीरपुर में ढेर
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मीरपुर के शेर-ए-बांग्ला नेशनल स्टेडियम में खेले गए पहले एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय (ODI) मैच में पाकिस्तान की टीम को बांग्लादेश के खिलाफ ऐतिहासिक बल्लेबाजी पतन का सामना करना पड़ा। 4 ओवरों में 114 रनों पर ऑलआउट हो गई। यह स्कोर बांग्लादेश के खिलाफ वनडे क्रिकेट के इतिहास में पाकिस्तान का अब तक का सबसे न्यूनतम स्कोर है। इस प्रदर्शन ने पाकिस्तानी बल्लेबाजी की गहराई और नए खिलाड़ियों के चयन पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

27 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पाकिस्तान ने बांग्लादेश के खिलाफ अपना पिछला सबसे कम वनडे स्कोर 1999 में बनाया था। उस समय पाकिस्तान की टीम 161 रनों पर सिमट गई थी। मीरपुर में 114 रनों पर ढेर होने के साथ ही पाकिस्तान का यह 27 साल पुराना अनचाहा रिकॉर्ड अब टूट गया है। बांग्लादेशी गेंदबाजों ने शुरुआत से ही मैच पर अपनी पकड़ बनाए रखी और पाकिस्तानी बल्लेबाजों को क्रीज पर टिकने का कोई मौका नहीं दिया। पूरी पारी के दौरान पाकिस्तान की ओर से कोई भी बड़ी साझेदारी देखने को नहीं मिली।

डेब्यू करने वाले चारों खिलाड़ी रहे विफल

पाकिस्तान ने इस मैच में प्रयोग के तौर पर चार नए खिलाड़ियों को पदार्पण (डेब्यू) का मौका दिया था। इनमें साहिबजादा फरहान, माज सदाकत, शामिल हुसैन और अब्दुल समद शामिल थे। हालांकि, ये चारों खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ने में पूरी तरह विफल रहे। साहिबजादा फरहान ने 27 रन बनाए, जबकि माज सदाकत केवल 18 रन ही जोड़ सके। बाबर आजम के स्थान पर नंबर 3 पर बल्लेबाजी करने आए शामिल हुसैन मात्र 4 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। सबसे निराशाजनक प्रदर्शन अब्दुल समद का रहा, जो 6 गेंदें खेलने के बाद बिना खाता खोले ही आउट हो गए।

नाहिद राणा की घातक गेंदबाजी

बांग्लादेश की ओर से तेज गेंदबाज नाहिद राणा ने पाकिस्तानी बल्लेबाजी क्रम को तहस-नहस करने में मुख्य भूमिका निभाई और राणा ने शानदार स्पेल डालते हुए पाकिस्तान के शीर्ष क्रम के तीन डेब्यूडेंट्स—साहिबजादा फरहान, माज सदाकत और शामिल हुसैन—को अपना शिकार बनाया। नाहिद राणा ने मैच में कुल 5 विकेट हासिल किए, जो उनके करियर का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। उनके अलावा अनुभवी स्पिनर मेहदी हसन ने भी सटीक गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट चटकाए, जिससे पाकिस्तान की पारी 31वें ओवर तक भी नहीं पहुंच सकी।

साझेदारियों का अभाव और मध्यक्रम का संघर्ष

पाकिस्तानी पारी के दौरान बल्लेबाजों के बीच तालमेल की भारी कमी देखी गई। टीम की ओर से एक भी अर्धशतकीय साझेदारी नहीं हुई। सबसे बड़ी साझेदारी पहले विकेट के लिए 41 रनों की रही, जिसके बाद विकेटों के गिरने का सिलसिला शुरू हो गया। मध्यक्रम के पूरी तरह चरमराने के बाद, अंतिम विकेट के लिए 32 रनों की साझेदारी हुई, जिसने टीम को 100 रनों के पार पहुंचाया। बांग्लादेशी क्षेत्ररक्षकों और गेंदबाजों ने दबाव बनाए रखा, जिसके परिणामस्वरूप पाकिस्तान की पूरी टीम 114 रनों के मामूली स्कोर पर सिमट गई।

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