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'पाकिस्तान की सरकार और लोग दुख की इस घड़ी में ईरान के साथ', खामेनेई के मारे जाने पर बोले शरीफ

'पाकिस्तान की सरकार और लोग दुख की इस घड़ी में ईरान के साथ', खामेनेई के मारे जाने पर बोले शरीफ
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत पर अपनी पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। शरीफ ने इस घटना को अंतरराष्ट्रीय मानदंडों का गंभीर उल्लंघन करार देते हुए ईरान की सरकार और वहां की जनता के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। यह बयान उस समय आया है जब ईरान और इजरायल के बीच तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। अधिकारियों के अनुसार, खामेनेई की मौत शनिवार को तेहरान और ईरान के अन्य हिस्सों पर किए गए बड़े पैमाने पर हवाई हमलों के दौरान हुई।

शहबाज शरीफ की आधिकारिक प्रतिक्रिया

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से अपनी संवेदनाएं साझा कीं। उन्होंने लिखा कि पाकिस्तान की सरकार और लोग दुख की इस घड़ी में ईरान के लोगों के साथ खड़े हैं। शरीफ ने आयतुल्लाह सैय्यद अली खामेनेई की मृत्यु को 'शहादत' बताते हुए कहा कि पाकिस्तान इस अपूरणीय क्षति पर ईरान के साथ अपनी गहरी सहानुभूति व्यक्त करता है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और ईरानी जनता को इस कठिन समय को सहन करने की शक्ति मिलने की कामना की।

अंतरराष्ट्रीय कानूनों के उल्लंघन पर चिंता

अपने आधिकारिक बयान में प्रधानमंत्री शरीफ ने अंतरराष्ट्रीय कानून के नियमों के उल्लंघन पर भी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह एक स्थापित अंतरराष्ट्रीय परंपरा और कूटनीतिक मर्यादा है कि किसी भी देश या सरकार के प्रमुखों को इस तरह निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। पाकिस्तानी नेतृत्व के अनुसार, इस तरह की कार्रवाइयां वैश्विक स्थिरता और क्षेत्रीय शांति के लिए बड़ा खतरा पैदा करती हैं। शरीफ ने जोर देकर कहा कि संप्रभुता का सम्मान अंतरराष्ट्रीय संबंधों का आधार होना चाहिए।

कराची में हिंसक प्रदर्शन और जनहानि

खामेनेई की मौत की खबर फैलते ही पाकिस्तान के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। कराची में स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने अमेरिकी वाणिज्य दूतावास की ओर बढ़ने की कोशिश की और स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, इस दौरान हुई झड़पों और गोलीबारी में 22 लोगों की जान चली गई। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सुरक्षा बलों ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कई इलाकों में भारी तैनाती की है और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

ईरान में 40 दिनों का राष्ट्रीय शोक

ईरान सरकार ने अपने सुप्रीम लीडर की मौत के बाद देश में 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे एक 'बड़ा अपराध' करार दिया है। तेहरान से प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार, राष्ट्रपति ने इस घटना का बदला लेने की कसम खाई है। ईरान के विभिन्न शहरों में लोग काले लिबास पहनकर सड़कों पर उतर आए हैं और शोक व्यक्त कर रहे हैं। सरकारी इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका दिया गया है और सभी सांस्कृतिक कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं।

हमले का विवरण और क्षेत्रीय प्रभाव

86 वर्षीय आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए संयुक्त हवाई हमलों में हुई। यह हमला शनिवार को तेहरान के रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाकर किया गया था। इस सैन्य कार्रवाई के बाद पूरे मध्य पूर्व में तनाव का माहौल है। राजनयिक सूत्रों के अनुसार, इस घटना के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरण तेजी से बदल सकते हैं। पाकिस्तान सहित कई पड़ोसी देशों ने इस घटनाक्रम पर कड़ी नजर रखी हुई है और सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।

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