पाकिस्तान पुलिस ने इमरान खान की बहन अलीमा खान को किया गिरफ्तार, पीटीआई के प्रदर्शन से पहले बड़ी कार्रवाई

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पाकिस्तान पुलिस ने इमरान खान की बहन अलीमा खान को किया गिरफ्तार, पीटीआई के प्रदर्शन से पहले बड़ी कार्रवाई
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पाकिस्तान में राजनीतिक सरगर्मी एक बार फिर तेज हो गई है क्योंकि लाहौर पुलिस ने पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक इमरान खान की बहन अलीमा खान को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी शुक्रवार को उस समय हुई जब पीटीआई देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों की तैयारी कर रही है। अलीमा खान पिछले काफी समय से अपने भाई इमरान खान के साथ जेल में हो रहे व्यवहार के खिलाफ आवाज उठा रही थीं और उनकी रिहाई के लिए सक्रिय रूप से अभियान चला रही थीं। उनकी गिरफ्तारी को शहबाज शरीफ सरकार की ओर से पीटीआई के आंदोलन को दबाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

लाहौर में गिरफ्तारी का विवरण

अलीमा खान की गिरफ्तारी लाहौर में उनके आवास के ठीक बाहर से की गई। खबरों के मुताबिक, जब वह अपने ड्राइवर आमिर के साथ जिमखाना जाने के लिए घर से निकली थीं, तभी पुलिस ने उन्हें जबरदस्ती हिरासत में ले लिया। पुलिस की यह कार्रवाई काफी अचानक और सख्त थी। गिरफ्तारी के बाद अलीमा खान को सीधे कोट लखपत जेल ले जाया गया। वहीं, उनकी गाड़ी को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर मोजांग पुलिस स्टेशन में खड़ा कर दिया है। इस घटना ने पीटीआई समर्थकों के बीच भारी आक्रोश पैदा कर दिया है।

27 सितंबर के विरोध प्रदर्शन और पीटीआई की पुष्टि

अलीमा खान की यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब वह 27 सितंबर से शुरू होने वाले पीटीआई के बड़े विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व करने वाली थीं। इन प्रदर्शनों का मुख्य उद्देश्य जेल में बंद इमरान खान की रिहाई की मांग करना है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, पीटीआई के एक प्रवक्ता ने अलीमा खान की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि की है। पार्टी के कार्यकर्ता और नेता इस गिरफ्तारी को राजनीतिक प्रतिशोध बता रहे हैं और अलीमा खान हाल के दिनों में इमरान खान के कानूनी अधिकारों और जेल में उनकी सुरक्षा को लेकर काफी मुखर रही हैं, जिससे वह सरकार की नजरों में आ गई थीं।

30 दिनों की हिरासत और प्रशासनिक आदेश

अलीमा खान की गिरफ्तारी के पीछे 'पब्लिक ऑर्डर बनाए रखने' (MPO) के नियमों का हवाला दिया गया है। लाहौर के डिप्टी कमिश्नर द्वारा जारी एक आदेश के अनुसार, अलीमा खान को 30 दिनों के लिए हिरासत में लिया जा सकता है। यह फैसला लाहौर के डीसी की अध्यक्षता में हुई जिला इंटेलिजेंस कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक में लिया गया। बैठक में शहर की सुरक्षा स्थिति और शांति व्यवस्था की समीक्षा की गई, जिसके बाद यह निष्कर्ष निकाला गया कि शहर में शांति बनाए रखने के लिए अलीमा खान को हिरासत में लेना आवश्यक है।

इस्लामाबाद में सुरक्षा के कड़े इंतजाम

लाहौर में हुई इस कार्रवाई के साथ-साथ राजधानी इस्लामाबाद में भी पुलिस ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। रॉयटर्स के अनुसार, पीटीआई के संभावित विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए इस्लामाबाद पुलिस ने सुरक्षा इंतजामों की व्यापक समीक्षा शुरू कर दी है। इस्लामाबाद के सेंट्रल पुलिस ऑफिस में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रदर्शनों के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी फैलाने की साजिश को नाकाम करने की योजना बनाई गई और पुलिस बल को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि राजधानी में कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े।

पीटीआई नेताओं और कार्यकर्ताओं पर पुलिस की नजर

डॉन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस्लामाबाद पुलिस की बैठक में संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया और सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों पर चर्चा की। पुलिस बल अब पीटीआई की तैयारियों और उसके नेताओं, कार्यकर्ताओं तथा एक्टिविस्ट की गतिविधियों पर पैनी नजर रख रहा है और पुलिस प्रशासन लगातार जानकारी इकट्ठा कर रहा है कि पार्टी के कार्यकर्ता किस तरह की योजना बना रहे हैं। इस निगरानी का उद्देश्य किसी भी ऐसी गतिविधि को रोकना है जो सार्वजनिक शांति के लिए खतरा पैदा कर सकती है। प्रशासन पीटीआई के हर कदम पर नजर रख रहा है ताकि विरोध प्रदर्शनों को नियंत्रित किया जा सके।

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