IND vs ENG: ऋषभ पंत के लिए हालिया लीड्स टेस्ट दोहरी भावनाओं वाला अनुभव रहा। उन्होंने दोनों पारियों में शतक जड़कर अपनी बल्लेबाजी का लोहा मनवाया, लेकिन इसके बावजूद टीम इंडिया को हार से नहीं बचा सके। दिलचस्प बात यह है कि पंत ने जब भी भारत के लिए टेस्ट शतक लगाया है, टीम कभी जीत नहीं पाई है। यह एक अनचाहा संयोग बन चुका है, जिसे वह अब तोड़ना चाहेंगे।
अब निगाहें बर्मिंघम टेस्ट पर हैं—एक ऐसा मैदान जो पंत को खूब रास आता है। यहां उन्होंने अब तक केवल एक टेस्ट खेला है, लेकिन उसमें उन्होंने 203 रन कूट दिए थे, जिसमें एक शानदार शतक और एक अर्धशतक शामिल है। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और तेज़ स्ट्राइक रेट इस मैदान पर उनकी अहमियत को और भी बढ़ा देता है।
विराट और गावस्कर के साथ खास क्लब में पंत
बर्मिंघम में विराट कोहली अब तक के सबसे सफल भारतीय बल्लेबाज हैं। उन्होंने चार पारियों में 231 रन बनाए हैं, जिनमें एक शतक और एक अर्धशतक शामिल है। सुनील गावस्कर भी इस सूची में हैं, जिन्होंने तीन मैचों में 216 रन बनाए थे। अब पंत का नाम भी इस सूची में जुड़ चुका है, और वो भी महज एक मैच के प्रदर्शन के दम पर।
इस बार सिर्फ शतक नहीं, जीत भी चाहिए
ऋषभ पंत की फॉर्म में वापसी से टीम को राहत जरूर मिली है, लेकिन इस बार सिर्फ व्यक्तिगत रिकॉर्ड्स नहीं, बल्कि टीम की जीत सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। भारतीय टीम सीरीज में एक मैच हारकर पीछे है और अगर दूसरा भी हाथ से गया, तो सीरीज में वापसी और मुश्किल हो जाएगी।
बर्मिंघम में अगर पंत फिर से लय में आते हैं और एक और शतक जड़ते हैं, तो उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि इस बार वह शतक टीम इंडिया को जीत तक ले जाए। उनके लिए यह एक मौका है न सिर्फ अपने रिकॉर्ड को बदलने का, बल्कि टीम के लिए ‘मैच विनर’ बनने का।