बिहार की राजधानी पटना में डॉ श्री कृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उस समय भारी हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई जब कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे अपना संबोधन दे रहे थे। इस कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष खरगे केंद्र सरकार और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में अपनी बात रख रहे थे और विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कर रहे थे। इसी बीच सभा में मौजूद एक युवक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की जा रही टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताई और युवक ने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जाएंगे। इस बात पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे गुस्से में आ गए और उन्होंने जवाब देते हुए एक बार फिर विवादित टिप्पणी कर दी। इसके तुरंत बाद कार्यक्रम स्थल पर माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया और हंगामे की स्थिति बन गई और आपत्ति जताने वाले उस युवक को वहां मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी। इस पूरी घटना ने राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर से हलचल पैदा कर दी है और कार्यक्रम स्थल पर अफरा तफरी का माहौल देखने को मिला।
चेन्नई में भी दिया था विवादित बयान
इस घटनाक्रम से पहले अप्रैल 2026 में चेन्नई में तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान भी मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए आतंकवादी शब्द का इस्तेमाल किया था। उस समय भी इस टिप्पणी के बाद देश की राजनीति में भूचाल आ गया था और भारतीय जनता पार्टी ने आक्रामक रुख अपनाते हुए चुनाव आयोग में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई थी। भाजपा ने उस समय मल्लिकार्जुन खरगे से उनके इस बयान के लिए सार्वजनिक माफी की मांग की थी और हालांकि भारतीय जनता पार्टी के द्वारा किए गए भारी हंगामे और विरोध प्रदर्शन के बावजूद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अपनी इस टिप्पणी के लिए माफी मांगने से साफ इनकार कर दिया था। इस प्रकार के बयानों को लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच लगातार तीखी बयानबाजी का दौर जारी रहता है और राजनीतिक पारा हमेशा गर्म रहता है।
आरएसएस और बीजेपी पर बोला तीखा हमला
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रविवार को आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस और भारतीय जनता पार्टी यानी बीजेपी पर बहुत तीखा हमला बोला। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के खिलाफ देश भर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों को सीधे तौर पर आजादी की दूसरी लड़ाई करार दिया। खरगे ने मांग की कि इस पूरी प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रोका जाना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने यह भी मांग की कि भविष्य में होने वाले सभी चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के बजाय बैलेट पेपर का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी अजीब और बड़ी मांग रखी कि पिछले दो वर्षों के दौरान देश में जितने भी विधानसभा चुनाव संपन्न हुए हैं, उन सभी चुनावों को पूरी तरह से रद्द कर दिया जाना चाहिए। बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉक्टर कृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के इस विशेष मंच से बोलते हुए खरगे ने यह गंभीर आरोप लगाया कि आरएसएस और बीजेपी की विचारधारा देश के भीतर सामाजिक विभाजन को और अधिक गहरा करने का काम कर रही है।
बैलेट पेपर से चुनाव कराने की पुरजोर मांग
अपने संबोधन को आगे बढ़ाते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने चल रही एसआईआर प्रक्रिया को तुरंत बंद करने की अपनी मांग को फिर से दोहराया और उन्होंने इस बात पर सबसे ज्यादा जोर दिया कि देश की आम जनता को भारत के चुनाव आयोग से पारदर्शिता और पूर्ण जवाबदेही पाने का मौलिक अधिकार है। जनता का लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनावी प्रक्रिया पर से उठते जा रहे भरोसे को बहाल करने के लिए यह अत्यंत आवश्यक है कि भविष्य के सभी चुनाव केवल और केवल बैलेट पेपर के जरिए ही कराए जाएं। उन्होंने अपने भाषण में इस बात पर भी बल दिया कि देश के लोकतंत्र की हर हाल में रक्षा की जानी चाहिए और हर एक नागरिक के सिंगल वोट की निष्पक्ष गिनती होनी चाहिए जिससे चुनावी व्यवस्था में लोगों का विश्वास फिर से मजबूत हो सके। इस पूरे कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस के तमाम बड़े नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे और खरगे के भाषण के दौरान हुई इस मारपीट की घटना ने मीडिया से लेकर राजनीतिक मंचों तक पर एक बड़ी बहस छेड़ दी है।