कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और पूर्व मीडिया प्रभारी पवन खेड़ा ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के सत्ता परिवर्तन वाले बयान पर कड़ा पलटवार किया है। दिल्ली के कांग्रेस मुख्यालय में शुक्रवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पवन खेड़ा ने स्पष्ट किया कि विपक्ष का काम और लोकतांत्रिक अधिकार चुनाव के माध्यम से सरकार को बदलना है, और इसमें किसी भी प्रकार की साजिश नहीं है।
पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हम गर्व से कहते हैं कि हम रिजीम चेंज करके रहेंगे और आगे भी यह प्रयास जारी रखकर बदलाव लाकर रहेंगे। उन्होंने कहा कि विपक्ष का इरादा हमेशा चुनाव के जरिए सरकार बदलने का ही होता है। गौरतलब है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों पर आरोप लगाते हुए कहा था कि इनका मकसद बांग्लादेश की तरह भारत में भी सत्ता परिवर्तन करना है।
साजिश के आरोपों पर पवन खेड़ा का जवाब
कांग्रेस नेता ने कहा कि अचानक राजनाथ सिंह सरकार को बचाने के लिए सामने आ गए हैं, क्योंकि सत्तापक्ष को अब लोकतंत्र की आदत ही खत्म हो गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पूरा विपक्ष खुले तौर पर यह बात कह रहा है कि इस सरकार को लोकतांत्रिक तरीके से हटाना है, तो फिर इसमें साजिश कहां से दिखाई दे रही है। लोकतंत्र में चुनाव के माध्यम से सत्ता बदलना विपक्ष का प्राथमिक अधिकार है।
पवन खेड़ा ने कहा, "हम 'वोट चोर गड्डी छोड़' कैंपेन चला रहे हैं और पूरा देश यह बात खुलेआम कह रहा है। हम खुद भी अपनी बात दोहरा रहे हैं कि हमें इस सरकार को हराना है और इस सिस्टम को बदलना है। तो, राजनाथ सिंह आगे क्यों आए? हम गर्व से कह रहे हैं कि हम सरकार बदलेंगे। आगे भी जारी रखेंगे और बदलाव लाकर रहेंगे।
साल 1977 और साल 2013 का दिया हवाला
इतिहास के पन्नों को याद दिलाते हुए पवन खेड़ा ने कहा कि साल 1977 में भी देश में सत्ता परिवर्तन हुआ था, जो पूरी तरह से लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत हुआ था। इसके साथ ही उन्होंने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी साल 2013 में रिजीम चेंज की बात कही थी।
खेड़ा ने आरोप लगाया कि उस समय बीजेपी इस तरह के अभियानों की चीयरलीडर बनी हुई थी और जब साल 2012 और 2013 में तत्कालीन सरकार के खिलाफ आंदोलन चल रहे थे, तब भारतीय जनता पार्टी को वे सभी आंदोलन अच्छे लगते थे, लेकिन आज लोकतांत्रिक विपक्ष के विरोध को साजिश करार दिया जा रहा है।
अतीत और भविष्य की बातों पर कसा तंज
कांग्रेस नेता ने सत्तापक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे केवल एक काल्पनिक अतीत की बातें करते हैं कि कांग्रेस ने यह गलती की, कांग्रेस ने वह गलती की, उसने यह गलती की। इसके बाद वे सीधे साल 2047 के भविष्य की बातें करने लगते हैं। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तो साल 2047 से भी आगे निकलकर साल 2050 तक पहुंच गए हैं।
राजनाथ सिंह पर तंज भरे लहजे में खेड़ा ने कहा, "अरे साहब, आज देश को गड्ढे में डाल रहे हैं और हमें आने वाला कल दिखा रहे हैं। पहले आज की समस्याओं से तो देश को बाहर निकालिए।
विवाद की पृष्ठभूमि और राजनाथ सिंह के आरोप
इस पूरे राजनीतिक विवाद की शुरुआत ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष नेहा बोरा के एक बयान से हुई थी। नेहा बोरा ने बांग्लादेश के छात्रों को संबोधित करते हुए रिजीम चेंज का जिक्र किया था और कहा था कि भारत के जेन-जी आंदोलन को लोकतंत्र और मानवाधिकारों की बहाली के लिए बांग्लादेशी युवाओं से प्रेरणा मिली है।
इस बयान के सामने आने के बाद बीजेपी हमलावर हो गई और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्ष को निशाने पर लिया। राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया था कि विपक्ष के कुछ नेता बांग्लादेश की तरह ही भारत में भी सत्ता परिवर्तन करने की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि इनकी लड़ाई एसआईआर के लिए नहीं है, बल्कि ये देश में अराजकता फैलाने और युवाओं को अराजक बनाकर सत्ता हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं।