देशभर के करोड़ों किसानों के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण और बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को गुजरात के बनासकांठा जिले से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की चौबीसवीं किस्त जारी करने वाले हैं। इस योजना के तहत देश के नौ करोड़ चौंतीस लाख से अधिक पात्र किसानों के बैंक खातों में सीधे तौर पर अठारह हजार छह सौ नब्बे करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि ट्रांसफर की जाएगी। त्योहारों के इस सीजन में सरकार द्वारा उठाया गया यह कदम किसानों के लिए किसी बड़े दिवाली गिफ्ट से कम नहीं है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी एक नई मजबूती मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।
कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री की मौजूदगी और अन्य बड़े विकास कार्य
जारी किए गए आधिकारिक सरकारी बयान के अनुसार, इस महत्वपूर्ण और भव्य कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान मध्य प्रदेश के रायसेन जिले से जुड़ेंगे और इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस विशेष कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी केवल किसानों के खातों में पैसे ही ट्रांसफर नहीं करेंगे, बल्कि इसके साथ ही वह कृषि अवसंरचना कोष यानी एआईएफ के तहत स्थापित कुल पांच सौ इक्कीस यूनिट्स को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इन सभी यूनिट्स का मुख्य और अहम उद्देश्य कृषि भंडारण, प्रोसेसिंग और उससे जुड़े कृषि बुनियादी ढांचे को देश भर में और अधिक मजबूत करना है, ताकि किसानों को आधुनिक सुविधाएं मिल सकें।
बागवानी संकुल का उद्घाटन और किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास
किसानों की आय को दोगुना करने और कृषि क्षेत्र में विविधीकरण लाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री उच्च मूल्य वाली बागवानी फसलों को बढ़ावा देने के लिए कुल बारह बागवानी संकुल का उद्घाटन भी इसी कार्यक्रम के दौरान करने वाले हैं। कृषि मंत्रालय ने इस बात का विशेष रूप से उल्लेख किया है कि बागवानी की ओर फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के सरकार के इन लगातार प्रयासों से देश की पूरी वैल्यू चेन मजबूत होगी और उच्च मूल्य वाली फसलों के उत्पादन के साथ-साथ उनके विपणन को भी बहुत अधिक प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
पीएम किसान योजना का अब तक का कुल वित्तीय वितरण
फरवरी दो हजार उन्नीस में शुरू की गई इस महत्वाकांक्षी पीएम किसान योजना के इतिहास पर अगर नजर डाली जाए, तो अब तक इसकी कुल तेईस किस्तों के माध्यम से देश के पात्र किसानों को चार लाख सैंतालीस हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है। इस योजना के अंतर्गत देश के सभी पात्र भूमिधारक किसान परिवारों को सालाना छह हजार रुपये की वित्तीय सहायता कुल तीन समान किस्तों में दी जाती है। यह पूरी की पूरी राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी डीबीटी के माध्यम से पूरी पारदर्शिता के साथ लाभार्थियों के आधार से जुड़े हुए बैंक खातों में सीधे भेजी जाती है, जिससे बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह से खत्म हो जाती है।
एग्री इंफ्रा फंड के तहत हुआ भारी-भरकम निवेश
सरकारी आंकड़ों और बयानों के अनुसार, एग्री इंफ्रा फंड के तहत देश भर में दो लाख अट्ठाइस हजार से अधिक परियोजनाओं में लगभग एक लाख पचहत्तर हजार करोड़ रुपये का भारी निवेश किया जा चुका है। इस बड़े फंड की मदद से देश भर में आधुनिक गोदामों, शीत भंडारण सुविधाओं यानी कोल्ड स्टोरेज, प्राइमरी प्रोसेसिंग सेंटर्स और अन्य कृषि संबंधी बुनियादी ढांचे के विकास में बहुत बड़ी मदद मिल रही है। सरकार का यह स्पष्ट रूप से मानना है कि इससे फसल कटाई के तुरंत बाद होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम करने, बाजार तक किसानों की सीधी पहुंच बढ़ाने और उन्हें उनकी उपज का बेहतर से बेहतर लाभ दिलाने में बहुत बड़ी सहायता मिलेगी।
सरकार द्वारा पिछले बारह वर्षों में शुरू किए गए अन्य कृषि कार्यक्रम
कृषि मंत्रालय ने अपने बयान में पिछले बारह वर्षों के दौरान कृषि क्षेत्र के विकास के लिए शुरू किए गए अन्य कई प्रमुख और ऐतिहासिक कार्यक्रमों का भी विस्तार से जिक्र किया है। इन प्रमुख कार्यक्रमों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसानों के लिए बेहद मददगार किसान क्रेडिट कार्ड, न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी की व्यवस्था और प्रति बूंद अधिक फसल जैसी योजनाएं मुख्य रूप से शामिल हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन, दलहन में आत्मनिर्भरता लाने वाला मिशन और राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन का भी इस दौरान विशेष रूप से उल्लेख किया गया है, जिसके माध्यम से देश में कृषि को और अधिक टिकाऊ बनाया जा रहा है।
टिकाऊ कृषि और प्राकृतिक खेती को मिल रहा है बढ़ावा
देश में प्राकृतिक खेती मिशन के तहत टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बड़े पैमाने पर प्रोत्साहित करने के लिए लगातार नए संकुल विकसित किए जा रहे हैं, जो भविष्य की कृषि के लिए बेहद जरूरी हैं। इस बहुप्रतीक्षित कार्यक्रम में गुजरात और देश के अन्य हिस्सों से बड़ी संख्या में किसानों के शामिल होने की पूरी उम्मीद है, जो इस योजना के प्रति किसानों के भारी उत्साह को दर्शाता है। सरकार की इन तमाम कल्याणकारी नीतियों और योजनाओं का मुख्य उद्देश्य देश के अन्नदाता को आर्थिक रूप से पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनाना और उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है, ताकि कृषि क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ के रूप में और अधिक मजबूत हो सके।