प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को महिला आरक्षण के मुद्दे पर देश को संबोधित किया। अपने संबोधन की शुरुआत उन्होंने देश की महिलाओं से माफी मांगते हुए की। पीएम ने कहा कि आज वह अपनी बहनों और बेटियों से बात करने के लिए आए हैं। उन्होंने कहा कि आज देश का हर नागरिक देख रहा है कि कैसे भारत की नारी शक्ति की उड़ान को रोक दिया गया और उनके सपनों को कुचल दिया गया। प्रधानमंत्री ने खेद व्यक्त करते हुए कहा कि भरसक प्रयास के बावजूद सरकार सफल नहीं हो पाई और नारी शक्ति वंदन अधिनियम संसद में पास नहीं हो पाया। इसके लिए उन्होंने सभी माताओं और बहनों से क्षमा मांगी।
विपक्षी दलों पर तीखा हमला
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और समाजवादी पार्टी (सपा) पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिल पास कराने के लिए जरूरी 66 प्रतिशत वोट भले ही न मिले हों, लेकिन देश की 100 फीसदी नारीशक्ति का आशीर्वाद उनके साथ है। पीएम ने देश की हर नारी को विश्वास दिलाया कि वह महिला आरक्षण के रास्ते में आने वाली हर रुकावट को खत्म करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला आरक्षण का विरोध करने वाली पार्टियां देश की नारी शक्ति को संसद और विधानसभाओं में उनकी भागीदारी बढ़ाने से रोक नहीं पाएंगी।
पीएम मोदी के संबोधन की 10 बड़ी बातें
अजेय आत्मबल और भविष्य का संकल्प
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस खुद तो देश के ज्यादातर विषयों में अपना वजूद खत्म कर चुकी है। उन्होंने स्वीकार किया कि आज देश की माताएं, बहनें और बेटियां दुखी हैं और वह भी उनके इस दुख में शामिल हैं। हालांकि, उन्होंने संकल्प दोहराते हुए कहा कि उनका प्रयास रुकेगा नहीं और न ही थमेगा। पीएम ने कहा कि उनका आत्मबल अजेय है और भविष्य में उनके पास और भी मौके आएंगे।