पीएम मोदी का बड़ा बयान: मुझे और मेरी मां को गालियां दी गईं लेकिन ये गुमराह बच्चे हैं

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पीएम मोदी का बड़ा बयान: मुझे और मेरी मां को गालियां दी गईं लेकिन ये गुमराह बच्चे हैं
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने इंस्टाग्राम वीडियो पोस्ट के माध्यम से एक बार फिर देश के युवाओं के साथ सीधा संवाद किया है। इस वीडियो में उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में हुए घटनाक्रमों पर अपनी गहरी संवेदनाएं और विचार साझा किए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि जंतर-मंतर पर जो कुछ भी हुआ, उसे पूरे देश और दुनिया ने अपनी आंखों से देखा है। उन्होंने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि कुछ शरारती बच्चों ने बहुत ही भद्दी-भद्दी गालियां दीं और ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया जो किसी भी सभ्य समाज की गरिमा के अनुकूल नहीं हैं। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि इन प्रदर्शनों के दौरान न केवल उन्हें व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाया गया, बल्कि उनकी स्वर्गीय माता के लिए भी अपशब्दों का प्रयोग किया गया।

जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन की पृष्ठभूमि

दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक महीने से भी अधिक समय तक चले इस विरोध प्रदर्शन का आयोजन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा किया गया था। इस प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा नीट (NEET) पेपर लीक मामला था, जिसके विरोध में प्रदर्शनकारी केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। इसी CJP के प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत माता के खिलाफ अभद्र भाषा और गालियों के इस्तेमाल का मामला प्रकाश में आया। विशेष रूप से, CJP प्रदर्शन के दौरान रुचिका सिंह नाम की एक युवती का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया था। इस वीडियो के सामने आने के बाद संबंधित व्यक्तियों पर कार्रवाई की मांग भी उठने लगी थी।

गुमराह बच्चों को राह दिखाना हमारा काम

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने वीडियो में कहा कि आज उनका मन सिर्फ युवाओं से बातें करने का है। उन्होंने समाज के भीतर व्याप्त आक्रोश को स्वीकार करते हुए कहा कि यह एक कल्चरल शॉक है कि हमारी बेटियां इस प्रकार की भाषा कैसे बोल सकती हैं। लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि बचपन में गलतियां होती हैं और सुधरने का अवसर भी होता है। पीएम ने कहा कि ये गुमराह बच्चे हैं और उन्हें राह दिखाना हमारा काम है। उन्हें सजा देना, अदालतों के चक्कर कटवाना या समाज में प्रताड़ित करना परिस्थितियों को बदलने का सही तरीका नहीं है और उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वह उन्हें माफ करना चाहते हैं और समाज को भी उनकी इस बात को स्वीकार करना चाहिए।

जीभ और दांत का उदाहरण

अपनी बात को समझाने के लिए प्रधानमंत्री ने एक बहुत ही मार्मिक उदाहरण दिया और उन्होंने कहा कि कभी-कभी दांतों तले हमारी जीभ आ जाती है जिससे खून भी निकल आता है, लेकिन हम अपने दांत तोड़ते नहीं हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि दांत भी हमारे हैं और जीभ भी हमारी है। इसी तरह, ये बच्चे भी हमारे ही हैं और उन्हें सही दिशा में ले जाना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने स्वीकार किया कि गुमराह को राह दिखाना कठिन होता है, लेकिन यह कठिन काम हमें करना ही होगा।

देश के लिए साथ मिलकर आगे बढ़ने का आह्वान

प्रधानमंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे देश के लिए साथ मिलकर आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपनी गलतियों से सीखना चाहिए और अपने सपनों को लेकर आगे बढ़ना चाहिए। पीएम ने विश्वास दिलाया कि देश बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है और युवाओं का भविष्य भी उज्ज्वल होना निश्चित है। उन्होंने कहा कि वह युवाओं के लिए ही जीते हैं और उनके भविष्य के लिए ही मेहनत करते हैं। उन्होंने सभी से मिलकर देश को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

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