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पीएम मोदी ने केरल में 10,800 करोड़ की परियोजनाओं का किया उद्घाटन

पीएम मोदी ने केरल में 10,800 करोड़ की परियोजनाओं का किया उद्घाटन
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को केरल के एर्नाकुलम और कोच्चि के अपने दौरे के दौरान राज्य को बड़ी विकास परियोजनाओं की सौगात दी। प्रधानमंत्री ने कोच्चि में करीब 10,800 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस यात्रा के दौरान उन्होंने अखिल केरल धीवरा सभा के स्वर्ण जयंती सम्मेलन को भी संबोधित किया, जहां उन्होंने मछुआरा समुदाय के साहस और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को रेखांकित किया। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में वैश्विक परिस्थितियों, क्षेत्रीय राजनीति और राज्य के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की।

मध्य पूर्व संकट और वैश्विक चुनौतियों पर संबोधन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोच्चि में आयोजित सम्मेलन के दौरान मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में जारी संघर्ष पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों में चल रही मौजूदा स्थिति से केरल के लोगों का चिंतित होना स्वाभाविक है, क्योंकि वहां लाखों भारतीय नागरिक कार्यरत हैं। प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार इन नागरिकों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भारत आज हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने का प्रयास कर रहा है और मित्र देशों की सरकारों के साथ निरंतर संपर्क में है ताकि वहां रह रहे भारतीयों का ध्यान रखा जा सके। प्रधानमंत्री के अनुसार, आज का भारत अपने नागरिकों को संकट की स्थिति में अकेला नहीं छोड़ता है।

कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों पर राजनीतिक प्रहार

अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने कांग्रेस और राज्य के क्षेत्रीय दलों एलडीएफ (LDF) और यूडीएफ (UDF) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इतने बड़े वैश्विक संकट के समय में भी राजनीति कर रही है और उकसाने वाले बयान दे रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि विपक्ष का एकमात्र एजेंडा उन्हें गाली देना रह गया है और उन्होंने एलडीएफ और यूडीएफ की तुलना करते हुए कहा कि भले ही इनके नाम अलग हों, लेकिन इनके काम करने का तरीका एक जैसा है। प्रधानमंत्री ने इन दलों पर भ्रष्टाचार, अपराध और विकास कार्यों को रोकने में भागीदार होने का आरोप लगाया।

मछुआरा समुदाय और मत्स्य संपदा योजना

प्रधानमंत्री ने मछुआरा समुदाय की सराहना करते हुए उन्हें देश की अर्थव्यवस्था की एक बड़ी ताकत बताया और उन्होंने 1999 की भीषण बाढ़ का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय मछुआरा समुदाय ने अपनी जान जोखिम में डालकर हजारों परिवारों को बचाया था, जिसे देश कभी नहीं भूल सकता। उन्होंने कहा कि दशकों तक इस समुदाय की अनदेखी की गई, लेकिन वर्तमान सरकार ब्लू इकॉनमी के माध्यम से इन्हें सशक्त बना रही है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत केरल को करीब 1,400 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है, जिससे राज्य के मछली पालन क्षेत्र को आधुनिक बनाने और मछुआरों की आय बढ़ाने में मदद मिल रही है।

केरल का नाम 'केरलम' करने के प्रस्ताव को मंजूरी

एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि केंद्र की भाजपा-एनडीए सरकार ने केरल का नाम बदलकर 'केरलम' करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि यह मलयाली भाइयों और बहनों की लंबे समय से चली आ रही मांग थी, जिसे अब पूरा किया गया है। प्रधानमंत्री ने अखिल केरल धीवरा सभा की 50वीं वर्षगांठ पर संगठन के सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय चेतना से जुड़े कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह संगठन पिछले पांच दशकों से मछुआरा समुदाय के अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।

बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास की नई परियोजनाएं

प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन की गई 10,800 करोड़ रुपये की परियोजनाओं में औद्योगिक और बुनियादी ढांचा क्षेत्र के कई महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। उन्होंने कोच्चि रिफाइनरी में एक नई इकाई की आधारशिला रखी, जो प्लास्टिक और चिकित्सा उपकरणों के निर्माण के लिए कच्चा माल उपलब्ध कराएगी। इससे आयात पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त, मुंबई-कन्याकुमारी कॉरिडोर के तहत नई सड़कों और कोझिकोड बाईपास का उद्घाटन किया गया। प्रधानमंत्री ने ग्रामीण सड़कों, आधुनिक रेलवे स्टेशनों और कोल्लम में एक बड़े फ्लोटिंग सौर ऊर्जा संयंत्र की भी शुरुआत की, जो राज्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में सहायक होगा।

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