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: बंगाल जीत के बाद पीएम मोदी के 5 बड़े संदेश: अब यूपी पर फोकस

- बंगाल जीत के बाद पीएम मोदी के 5 बड़े संदेश: अब यूपी पर फोकस
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली स्थित भारतीय जनता पार्टी मुख्यालय से देश की जनता को संबोधित करते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि अब पश्चिम बंगाल में हिंसा की कोई जगह नहीं है और बंगाल और असम में मिली बंपर जीत के बाद आयोजित इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने जीत का पूरा श्रेय भाजपा कार्यकर्ताओं को दिया। संबोधन के दौरान उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि बंगाल में किसी भी प्रकार की हिंसा को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन का स्वागत किया और उन्हें माला पहनाई और उन्होंने कहा कि वर्षों की कठिन तपस्या आज सफल हुई है। अपने विस्तृत भाषण में पीएम मोदी ने पूरे देश और विशेषकर बंगाल के संदर्भ में पांच बड़े संदेश दिए। मोदी ने कहा कि यह जीत इसलिए भी अहम है क्योंकि इसकी टाइमिंग बहुत कुछ कह रही है और जब पूरी दुनिया जंग में उलझी है, तब भारत ने उसका मुकाबला काफी मजबूती से किया है और चुनाव परिणाम ने इसे साबित कर दिया है।

बंगाल में राजनीतिक हिंसा का अंत और सेवा का संकल्प

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पहले संदेश में कहा कि बंगाल में जो राजनीतिक हिंसा की प्रवृत्तियां फैली हुई हैं, उन्हें पूरी तरह समाप्त करने की आवश्यकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हिंसा के इस अनगिनत चक्र को अब खत्म किया जाना चाहिए। मोदी ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे इस हिंसा को रोकने के लिए आगे आएं और विकास की प्रक्रिया में अपनी भागीदारी निभाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह समय बदला लेने का नहीं बल्कि बदलाव लाने का है। बंगाल में अब हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है और जो लोग हिंसा का मार्ग अपनाएंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि बंगाल में अब केवल सेवा के लिए कार्य होना चाहिए और वहां भय के स्थान पर केवल भविष्य की चर्चा होनी चाहिए।

सांस्कृतिक जुड़ाव और महिला शक्ति का प्रभाव

अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने गंगा और ब्रह्मपुत्र नदियों के माध्यम से हिंदुत्व के संदेश को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि गंगोत्री से लेकर गंगासागर तक अब भारतीय जनता पार्टी की सरकार है और वह इस अनुभूति को महसूस कर रहे हैं। उन्होंने असम की जीत को ब्रह्मपुत्र नदी के महत्व से जोड़ा, जो हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र मानी जाती है। इसके साथ ही, महिलाओं की भूमिका पर चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जिन राजनीतिक दलों ने महिला आरक्षण को रोकने का प्रयास किया था, उन्हें वहां की माताओं और बहनों ने कड़ा सबक सिखाया है। उन्होंने विशेष रूप से डीएमके, टीएमसी और कांग्रेस का नाम लेते हुए कहा कि इन दलों को महिलाओं के विरोध के कारण ही चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा है।

विपक्ष पर तीखा प्रहार और भविष्य की रणनीति

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में भविष्य की राजनीतिक रूपरेखा को भी स्पष्ट कर दिया और उन्होंने संकेत दिया कि अब उनका मुख्य फोकस उत्तर प्रदेश पर है। मोदी ने कहा कि जिस प्रकार डीएमके, टीएमसी और कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा है, उसी तरह आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की माताएं और बहनें समाजवादी पार्टी को भी सबक सिखाएंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी ने भी महिला आरक्षण की राह में बाधाएं उत्पन्न करने का प्रयास किया था। कांग्रेस पर हमला तेज करते हुए उन्होंने कहा कि जहां एक ओर जंगलों से नक्सलियों को खदेड़ा जा रहा है, वहीं कांग्रेस पार्टी 'अर्बन नक्सलियों' का केंद्र बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को जब भी अवसर मिला, उसने जनता के लिए काम नहीं किया और केरल के संदर्भ में उन्होंने कहा कि वहां कांग्रेस की जीत उसकी अपनी उपलब्धि नहीं है, बल्कि जनता की कम्युनिस्ट पार्टियों के प्रति नाराजगी का परिणाम है।

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