पंजाब की राजनीति में एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण मोड़ देखने को मिल रहा है। शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने आधिकारिक तौर पर महिलाओं के लिए आरक्षण और एक निष्पक्ष एवं समान परिसीमन प्रक्रिया सुनिश्चित करने वाले संविधान संशोधन विधेयक को तत्काल प्रभाव से लागू करने का समर्थन कर दिया है। यह बड़ी घोषणा पार्टी के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई एक महत्वपूर्ण मुलाकात के ठीक एक दिन बाद आई है और इस मुलाकात और उसके बाद पार्टी के बदले हुए रुख ने पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले शिरोमणि अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच पुराने गठबंधन के फिर से जीवित होने की अटकलों को हवा दे दी है।
महिला आरक्षण पर अकाली दल का रुख और धार्मिक प्रेरणा
शनिवार को चंडीगढ़ में शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेताओं की एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में देश के मौजूदा राजनीतिक हालात और संसद के सामने लंबित मुख्य मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के बाद सुखबीर सिंह बादल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए पार्टी के स्टैंड को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल महिला आरक्षण विधेयक को तुरंत लागू करने की मांग करता है। बादल ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि उनकी पार्टी सिख गुरुओं की महान शिक्षाओं से प्रेरणा लेती है, जिन्होंने हमेशा महिलाओं के सम्मान, समानता और समान अधिकारों की वकालत की है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने अपने सदन में महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रावधान करके बहुत पहले ही एक मिसाल कायम कर दी थी।
परिसीमन और सीटों में 50 प्रतिशत बढ़ोतरी की मांग
महिला आरक्षण के साथ-साथ शिरोमणि अकाली दल ने परिसीमन की प्रक्रिया को लेकर भी अपनी शर्तें और सुझाव सामने रखे हैं और पार्टी ने मांग की है कि देश में होने वाला परिसीमन पूरी तरह से निष्पक्ष और समान होना चाहिए ताकि सभी राज्यों को संसद में बराबर का प्रतिनिधित्व मिल सके। सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि उनकी पार्टी ने पेश किए गए प्रस्ताव का समर्थन किया है, लेकिन साथ ही भारत सरकार से यह भी आग्रह किया है कि सभी राज्यों में सीटों की संख्या में एक जैसी 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जानी चाहिए। पार्टी का मानना है कि 50 प्रतिशत की यह वृद्धि राज्यों के बीच राजनीतिक संतुलन बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
गठबंधन का इतिहास: 2020 का अलगाव और वर्तमान चुनौतियां
शिरोमणि अकाली दल और बीजेपी का रिश्ता दशकों पुराना रहा है, लेकिन 2020 में केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों के मुद्दे पर दोनों के बीच दरार आ गई थी। अकाली दल ने इन कानूनों के विरोध में नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) से अपना नाता तोड़ लिया था। हालांकि, 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने इन कानूनों को वापस ले लिया था, लेकिन इसके बावजूद दोनों पुराने सहयोगियों के बीच कड़वाहट बनी रही। 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में इसका सीधा असर देखने को मिला, जब मतदाताओं ने कांग्रेस और अकाली-बीजेपी दोनों को दरकिनार करते हुए अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (AAP) को भारी बहुमत के साथ सत्ता सौंपी। तब से अकाली दल और बीजेपी दोनों ही राज्य की राजनीति में अपने खोए हुए जनाधार को वापस पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
नेताओं की प्रतिक्रियाएं और गठबंधन की संभावनाएं
पीएम मोदी और सुखबीर सिंह बादल की इस मुलाकात को पंजाब की राजनीति में 'बर्फ पिघलने' के संकेत के रूप में देखा जा रहा है और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक पर अकाली दल के समर्थन का स्वागत किया है। वहीं, जब गठबंधन की संभावनाओं पर सवाल पूछा गया, तो पंजाब बीजेपी के अध्यक्ष ने फिलहाल कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। अकाली दल के प्रवक्ता दलजीत सिंह चीमा ने केवल इतना कहा कि दोनों बड़े नेताओं के बीच मुलाकात हुई है। हालांकि, पार्टी के वरिष्ठ नेता सिकंदर सिंह मलूका ने खुलकर कहा कि पंजाब के मौजूदा राजनीतिक हालात को देखते हुए SAD और BJP का साथ आना समय की जरूरत है। मलूका ने स्पष्ट किया कि यह उनकी निजी राय है और गठबंधन की शर्तों पर अंतिम फैसला पार्टी की कोर कमेटी ही लेगी। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब के लोगों की भी यही भावना है कि इन दोनों दलों को फिर से एक साथ आना चाहिए।
निष्कर्ष और भविष्य की राजनीति
अकाली दल द्वारा महिला आरक्षण और परिसीमन का समर्थन करना केवल एक विधायी फैसला नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरे राजनीतिक मायने छिपे हैं। 50 प्रतिशत सीटों की बढ़ोतरी की मांग और सिख गुरुओं की शिक्षाओं का हवाला देकर बादल ने एक बड़ा सियासी संदेश देने की कोशिश की है। अब देखना यह होगा कि क्या यह मुलाकात और समर्थन आने वाले समय में एक औपचारिक गठबंधन का रूप लेता है और क्या यह नया समीकरण पंजाब में आम आदमी पार्टी की मजबूती को चुनौती दे पाएगा।