अमेरिका से ब्रिटेन तक पीएम मोदी के समर्थन में उठी बड़ी आवाज, CJP के प्रदर्शन पर मचा घमासान

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अमेरिका से ब्रिटेन तक पीएम मोदी के समर्थन में उठी बड़ी आवाज, CJP के प्रदर्शन पर मचा घमासान
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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर भारतीय राजनीति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को लेकर बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला है। अमेरिका से लेकर ब्रिटेन तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में भारतीय समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए हैं और उनके पक्ष में जोरदार आवाज उठाई है। एक तरफ जहां ब्रिटेन की राजधानी लंदन में भारतीय प्रवासियों ने पीएम मोदी के समर्थन में प्रदर्शन किया, वहीं दूसरी ओर अमेरिका की प्रसिद्ध गायिका और अभिनेत्री मैरी मिलबेन ने भी प्रधानमंत्री मोदी का खुलकर समर्थन करते हुए भारतीय युवाओं से राजनीतिक स्थिरता बनाए रखने की अपील की है। यह पूरा घटनाक्रम उस समय सामने आया है जब देश की राजधानी दिल्ली में तिरंगा रैली को लेकर राजनीतिक तनाव अपने चरम पर था और विभिन्न राजनीतिक गतिविधियों के कारण माहौल गरमाया हुआ था।

दैनिक जीवन और राजनीतिक गतिविधियों के बीच शुक्रवार को दिल्ली की राजधानी में तिरंगा रैली को लेकर भारी सियासी तनाव देखने को मिला था। कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में तिरंगा फहराने के लिए जुटने की अपील के बीच दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए करीब 150 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया था। इन हिरासत में लिए गए लोगों में कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के फाउंडर अभिजीत दिपके और AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा भी शामिल थीं। इन नेताओं और कार्यकर्ताओं की हिरासत को लेकर विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर तीखा हमला बोला और निशाना साधना शुरू कर दिया। इसी घरेलू राजनीतिक उठापटक के बीच विदेशों में भारतीय प्रधानमंत्री के समर्थन मेंजबरदस्त लामबंदी देखने को मिली।

लंदन में भारतीय उच्चायोग के बाहर पीएम मोदी के समर्थन में प्रदर्शन

ब्रिटेन की राजधानी लंदन में भारतीय समुदाय के लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में भारतीय उच्चायोग के बाहर एक बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया और यह प्रदर्शन कांग्रेस समर्थित NSUI और इसी तरह के अन्य समूहों द्वारा किए जा रहे विरोध-प्रदर्शनों के कड़े जवाब के रूप में किया गया था। इस प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बड़े-बड़े कटआउट और हाथों में तिरंगा झंडा थामे हुए लोगों ने जमकर उनके पक्ष में नारेबाजी की और उनकी नीतियों की सराहना की। लंदन में रहने वाले भारतीय प्रवासियों ने स्पष्ट किया कि वे अपनी मातृभूमि के लोकतांत्रिक रूप से चुने गए नेता के साथ मजबूती से खड़े हैं।

'पीएम मोदी को जनता ने लोकतांत्रिक तरीके से चुना है'

लंदन के इस प्रदर्शन में शामिल एक शख्स ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हम यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार का समर्थन करने के लिए इकट्ठा हुए हैं, क्योंकि उन्हें भारत की जनता ने लोकतांत्रिक तरीके से चुना है और उनके पास देश की सत्ता में बने रहने का पूरा लोकतांत्रिक अधिकार है। प्रदर्शनकारी ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को देश की आम जनता का भारी जनादेश प्राप्त है। जहां एक तरफ देश-दुनिया में लोग केवल गरीबी की बात करते हैं, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार द्वारा गरीबों के लिए 30 करोड़ यानी 300 मिलियन बैंक खाते खुलवाना एक अत्यंत उल्लेखनीय और ऐतिहासिक उपलब्धि है, जिसे नकारा नहीं जा सकता।

युवाओं की समझ और देश की साख पर चिंता

इस प्रदर्शन में शामिल एक महिला समर्थक ने भी अपनी बात रखी और विदेश में हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ये युवा नहीं समझते कि उनके इन कामों का देश की छवि पर क्या असर हो सकता है। भारत से बाहर बैठकर ऐसे बयान देना, जो हमारी नज़र में देश को बदनाम करते हैं, बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। वे इसके दूरगामी नतीजों को नहीं समझ पा रहे हैं। अपने अधिकारों के लिए आवाज़ उठाना और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत को बदनाम करना, ये दोनों बिल्कुल अलग-अलग बातें हैं। आप अपनी चिंताएं और असंतोष जाहिर कर सकते हैं, लेकिन ऐसा कोई भी काम नहीं करना चाहिए जिससे विदेश में देश की साख और सम्मान को नुकसान पहुंचे।

अमेरिकी सिंगर और अभिनेत्री मैरी मिलबेन का खुला समर्थन

लंदन के प्रदर्शनों के इतर अमेरिका से भी प्रधानमंत्री मोदी के समर्थन में एक मजबूत आवाज उठी है। प्रसिद्ध अमेरिकी सिंगर और अभिनेत्री मैरी मिलबेन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में खुलकर सामने आई हैं। हाल ही में उन्होंने सोशल मीडिया पर एक विस्तृत पोस्ट साझा कर पीएम मोदी का पुरजोर समर्थन किया और भारत के युवाओं से देश की राजनीतिक स्थिरता के पक्ष में मजबूती से खड़े होने की अपील की। इसके साथ ही, मैरी मिलबेन ने कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसे अमेरिका से भारी मात्रा में फंडिंग मिल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पीएम मोदी के विरोधी अमेरिकी डोनर्स अभिजीत दिपके को पैसा भेज रहे हैं।

'यह चुप रहने का समय नहीं है'

मैरी मिलबेन के मुताबिक, इस विदेशी पैसे का इस्तेमाल भारत में सुनियोजित तरीके से अशांति फैलाने और सरकार के विकास कार्यों में रुकावट डालने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में भारत के युवाओं से आगे आने और अपनी आवाज बुलंद करने की अपील करते हुए लिखा कि यह चुप रहने का समय नहीं है और उन्होंने भारत के युवाओं से एकजुट होने और उन सभी राजनीतिक ताकतों के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने का दृढ़ आग्रह किया जो देश को अस्थिर करना चाहती हैं। मिलबेन का कहना था कि देश के युवाओं को किसी भी बाहरी बहकावे में आए बिना राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना चाहिए।

मैरी मिलबेन का विदेशी फंडिंग और पैटर्न पर बड़ा आरोप

मैरी मिलबेन ने आगे आरोप लगाते हुए कहा कि फंडिंग करने वाले कुछ अमेरिकी तत्व दुनियाभर के दक्षिणपंथी और मजबूत नेताओं को निशाना बनाने का एक तय पैटर्न अपनाते हैं। उन्होंने विस्तार से आरोप लगाया कि ऐसे लोग किसी देश में अमेरिका से पढ़े-लिखे व्यक्ति को ढूंढते हैं, उसे कट्टर बनाते हैं, वापस उसके देश में भेजते हैं और देश के भीतर अराजकता एवं तबाही फैलाने के लिए उसे फंड मुहैया कराते हैं। प्रधानमंत्री मोदी के राजनीतिक सफर का जोरदार बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि वह पिछले 25 साल से सरकार में रहकर जनता की सेवा कर रहे हैं और पिछले 12 साल से देश के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि वह अमेरिका से आने वाली ऐसी किसी भी अराजक ताकत के आगे कभी नहीं झुकेंगे और मिलबेन का स्पष्ट कहना था कि युवाओं को लोकतंत्र, आजादी और देश के भविष्य की रक्षा करनी चाहिए, जो कि पूरी तरह से देश के चुने हुए नेतृत्व के अधीन सुरक्षित है।

ममदानी और ओबामा की नीतियों की कड़ी आलोचना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए मैरी मिलबेन का समर्थन केवल यहीं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह CJP विवाद से कहीं आगे तक जाता है और उन्होंने भारतीय प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी RSS के बारे में की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों के लिए न्यूयॉर्क के मेयर ज़ोहरान ममदानी की भी खुलकर आलोचना की है। उन्होंने कहा कि जो लोग दुनिया भर में लोकतंत्र, धार्मिक स्वतंत्रता और सामाजिक एकता को बढ़ावा देने की बात करते हैं, उन्हें इसके वास्तविक बचाव में और अधिक मजबूती से अपनी बात रखनी चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने भारत के अल्पसंख्यकों और विशेषकर भारतीय मुसलमानों के साथ दुर्व्यवहार होने के झूठे दावों को लेकर पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की भी कड़ी आलोचना की और स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत किसी भी तरह से अपने नागरिकों की आज़ादी को नहीं रोक रहा है, बल्कि सभी को समान अवसर दे रहा है।

पीएम मोदी के साथ व्यक्तिगत जुड़ाव और सम्मान

मैरी मिलबेन का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति समर्थन केवल राजनीतिक नहीं बल्कि व्यक्तिगत भी है। वर्ष 2023 में जब प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका की आधिकारिक यात्रा पर गए थे और मैरी मिलबेन से मिले थे, तब उन्होंने गहरी श्रद्धा और सम्मान के तौर पर पीएम मोदी के पैर छुए थे, जिसकी तस्वीरें और वीडियो काफी वायरल हुए थे। इसके अलावा, इस महीने की शुरुआत में उन्होंने एलन मस्क और स्टारलिंक के भारतीय बाज़ार में प्रवेश करने के प्रयासों से जुड़ी बहस में भी अपनी बेबाक राय रखी थी। जब स्टारलिंक की लाइसेंसिंग को लेकर विभिन्न सवाल उठ रहे थे और इसी दौरान एलन मस्क ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से बातचीत की थी, तब मिलबेन ने एलन मस्क को स्पष्ट सलाह दी थी कि वे राहुल गांधी के बजाय सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संपर्क करें।

एलन मस्क को सलाह और राहुल गांधी पर तीखा प्रहार

मैरी मिलबेन ने एलन मस्क को दी गई अपनी सलाह में आगे कहा कि भारत में कारोबार करने की तीव्र इच्छा रखने वाली किसी भी विदेशी कंपनी के लिए भारत के शीर्ष नेतृत्व का सम्मान करना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भारत और देश के प्रधानमंत्री के प्रति अनादर दिखाने का गंभीर आरोप लगाया। मिलबेन के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी के प्रति उनकी यह प्रशंसा व्यक्तिगत होने के साथ-साथ राजनीतिक भी है। उन्होंने कई मौकों पर पीएम मोदी को अपना अच्छा दोस्त बताया है, उन्हें सार्वजनिक रूप से जन्मदिन की शुभकामनाएं दी हैं और सार्वजनिक जीवन में उनके 25 साल पूरे होने पर उनके शानदार नेतृत्व की मुक्त कंठ से तारीफ की है। एक विशेष संदेश में उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को दुनियाभर के नेताओं के बीच एक चमकती हुई मिसाल करार दिया है।

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