प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जंग के बाद अपनी पहली संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की आधिकारिक यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच के प्रगाढ़ संबंधों को एक नई मजबूती प्रदान की है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में अत्यंत स्पष्ट शब्दों में कहा कि संकट की इस घड़ी में भारत पूरी तरह से संयुक्त अरब अमीरात के साथ खड़ा है। उन्होंने पश्चिम एशिया में जारी वर्तमान संकट पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे केवल एक क्षेत्रीय मुद्दा मानने से इनकार कर दिया। प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार, पश्चिम एशिया का संकट वास्तव में पूरी दुनिया का संकट है, जिसका प्रभाव वैश्विक स्तर पर महसूस किया जा रहा है और उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात को भारत का एक सच्चा और अटूट दोस्त बताया और इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों की मित्रता समय की कसौटी पर हमेशा खरी उतरी है।
यूएई को बताया अपना दूसरा घर और भव्य स्वागत का आभार
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात के प्रति अपनी गहरी भावनाओं को व्यक्त करते हुए इसे अपना 'दूसरा घर' करार दिया और उन्होंने कहा कि यूएई में उन्हें जो स्नेह और सम्मान मिलता है, वह उन्हें घर जैसा अनुभव कराता है। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से उस गौरवपूर्ण क्षण का उल्लेख किया जब उनके आगमन पर यूएई की वायुसेना के जहाजों ने उनके विमान को एस्कॉर्ट किया और प्रधानमंत्री ने कहा कि वायुसेना के जहाजों द्वारा दिया गया यह एस्कॉर्ट केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं है, बल्कि यह भारत के समस्त लोगों का सम्मान है। इस अभूतपूर्व स्वागत और सम्मान के लिए उन्होंने यूएई सरकार और वहां के नेतृत्व के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता प्रकट की।
यूएई पर हुए हमलों की कड़ी निंदा और नेतृत्व की सराहना
प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में ईरान जंग के दौरान संयुक्त अरब अमीरात पर हुए हमलों की अत्यंत कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यूएई को जिस तरह से निशाना बनाया गया है, वह किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है और भारत ऐसे कृत्यों की घोर निंदा करता है। प्रधानमंत्री ने इन अत्यंत कठिन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में यूएई के राष्ट्रपति द्वारा दिखाए गए संयम और साहस की जमकर प्रशंसा की और उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का नेतृत्व इस संकट काल में बहुत ही सराहनीय रहा है। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय एकता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता को बनाए रखने के लिए यूएई के नेतृत्व द्वारा उठाए गए हर कदम का अभिनंदन किया और भारत के पूर्ण समर्थन को दोहराया।
प्राकृतिक आपदा पर संवेदनाओं के लिए धन्यवाद
प्रधानमंत्री ने भारत में पिछले दिनों आई प्राकृतिक आपदा के समय यूएई द्वारा दिखाए गए मानवीय दृष्टिकोण की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत के कुछ इलाकों में प्राकृतिक आपदा के कारण जो परेशानी और संकट की स्थिति पैदा हुई, उस दौरान यूएई ने पीड़ित परिवारों के प्रति जो संवेदना व्यक्त की, उसके लिए वह बहुत आभारी हैं और प्रधानमंत्री ने कहा कि संकट के समय में व्यक्त की गई यह सहानुभूति दोनों देशों के बीच के मानवीय संबंधों की गहराई को दर्शाती है। उन्होंने यूएई के नेतृत्व को इस संवेदनशीलता के लिए धन्यवाद दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने वक्तव्य के समापन पर इस बात को पुनः रेखांकित किया कि भारत और संयुक्त अरब अमीरात की दोस्ती वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जंग के दौरान यूएई ने जिस धैर्य का परिचय दिया है, वह काबिले तारीफ है। भारत अपनी क्षेत्रीय अखंडता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के यूएई के हर प्रयास में उसके साथ मजबूती से खड़ा है। प्रधानमंत्री की यह यात्रा और उनके शब्द दोनों देशों के बीच के रणनीतिक और व्यक्तिगत संबंधों को एक नए धरातल पर ले जाने वाले हैं, जहां संकट के समय में सहयोग और समर्थन की भावना सर्वोपरि है।