पीएम मोदी ने UPSC शताब्दी समारोह में कैप्टन स्मित की वीरता को सराहा, कहा हिंदुस्तानी ने 9/11 होने से बचाया

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पीएम मोदी ने UPSC शताब्दी समारोह में कैप्टन स्मित की वीरता को सराहा, कहा हिंदुस्तानी ने 9/11 होने से बचाया
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दिल्ली के भारत मंडपम में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के शताब्दी समारोह को संबोधित किया और इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री ने फ्लाई दुबई के विमान में 174 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की जमकर तारीफ की। पीएम मोदी ने कहा कि कैप्टन स्मित ने अपनी जांबाजी से 9/11 जैसी भयानक घटना होने से बचा लिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कैप्टन स्मित के इस पराक्रम ने हर देशवासी को गर्व से भर दिया है। प्रधानमंत्री ने इस घटना की तुलना 2001 में अमेरिका में हुए आतंकी हमले से करते हुए इसे एक बड़ी उपलब्धि बताया।

कैप्टन स्मित मच्छार की जांबाजी की पूरी कहानी

यह पूरा मामला दुबई से तेल अवीव जा रहे फ्लाई दुबई के एक विमान से जुड़ा है जिसमें 174 यात्री सवार थे। जानकारी के मुताबिक, विमान के ओमान मूल के को-पायलट ने विमान को क्रैश करने की साजिश रची थी। इस खतरनाक स्थिति में कैप्टन स्मित मच्छार ने अदम्य साहस का परिचय दिया और को-पायलट ने स्मित पर एक धारदार हथियार से हमला भी किया, लेकिन घायल होने के बावजूद स्मित उससे लड़ते रहे। उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिसके बाद विमान में मौजूद यात्रियों ने को-पायलट को काबू में कर लिया और इसके बाद विमान में सवार कुछ अन्य पायलटों की मदद से विमान की सऊदी अरब में सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। पीएम मोदी ने बताया कि इजरायल के प्रधानमंत्री ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एक हिंदुस्तानी ने 9/11 होने से बचा लिया।

परिवार से बातचीत और देश का अभिनंदन

प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम के दौरान बताया कि उन्होंने कैप्टन स्मित के परिवार से भी बात की है। उन्होंने स्मित के पिता भूपेंद्र भाई, माता गीता बहन और उनकी पत्नी सोनल से चर्चा की। पीएम मोदी ने कहा कि आज पूरी दुनिया कैप्टन स्मित पर गर्व कर रही है और उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे स्मित के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु होने की प्रार्थना करें। प्रधानमंत्री ने भारत के गौरव को वैश्विक स्तर पर बढ़ाने के लिए स्मित का विशेष रूप से अभिनंदन किया।

UPSC के 100 साल: भरोसे की एक सदी

UPSC के शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह दिन आयोग के 100 वर्षों की विरासत का उत्सव है। उन्होंने इसे उस उम्मीद का उत्सव बताया जिसे हर साल लाखों युवा अपनी आंखों में सजाते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 100 वर्षों में कई पीढ़ियां आईं और गईं, तकनीक बदली, सिलेबस बदला और सरकारें भी बदलीं, लेकिन UPSC पर जनता का भरोसा आज भी उतना ही अटूट बना हुआ है। इस ऐतिहासिक सफर की याद में एक विशेष डाक टिकट और एक सिक्का भी जारी किया गया। साथ ही, 100 महत्वपूर्ण केस लॉ का एक संग्रह भी लॉन्च किया गया। पीएम मोदी ने इस 100 साल की यात्रा में योगदान देने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।

विकसित भारत और नागरिक देवो भवः का मंत्र

प्रधानमंत्री ने भविष्य की चुनौतियों और लक्ष्यों पर बात करते हुए कहा कि 21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा बीत चुका है और आने वाले 20 से 25 वर्ष भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए जिस तरह के नेतृत्व की आवश्यकता है, उसका एक बड़ा माध्यम UPSC और राज्यों के चयन आयोग हैं। पीएम मोदी ने राष्ट्र प्रथम और नागरिक प्रथम के सिद्धांत पर जोर देते हुए कहा कि आज के दौर में हमारा मूल मंत्र नागरिक देवो भवः होना चाहिए।

तकनीक और AI का बदलता दौर

आधुनिक तकनीक के महत्व पर चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज का युग और तकनीक बहुत तेजी से बदल रही है। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उदाहरण देते हुए कहा कि यह तकनीक हजारों दस्तावेजों को कुछ ही पलों में प्रोसेस कर सकती है। इस बदलती सोच के साथ सिविल सर्विसेज में भी नए बदलावों की जरूरत है। उन्होंने ऐसे युवाओं को आगे लाने की बात कही जो केवल सरकारी पद (पब्लिक ऑफिस) से नहीं, बल्कि जन सेवा (पब्लिक सर्विस) की भावना से प्रेरित हों। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सिविल सर्वेंट्स को बिल्कुल अलग तरह की परिस्थितियों और चुनौतियों का सामना करना होगा।

समावेशी विकास और महिला सशक्तिकरण

UPSC के बदलते स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पहले इस परीक्षा में बड़े शहरों और बड़े घरों के बच्चों को ही अवसर मिलता था, लेकिन आज गांवों और छोटे कस्बों के युवा भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। उन्होंने सिविल सेवाओं में बेटियों की बढ़ती भागीदारी की भी सराहना की। प्रधानमंत्री ने एक महत्वपूर्ण तथ्य साझा करते हुए बताया कि UPSC के पूरे इतिहास में अब तक 4 महिला चेयरपर्सन रही हैं, जिनमें से 3 की नियुक्ति 2014 के बाद हुई है। उन्होंने अधिकारियों को याद दिलाया कि उनका कार्य देश की युवा शक्ति के भविष्य से जुड़ा है, जो राष्ट्र शक्ति का एक मजबूत स्तंभ है।

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