इमरान खान की रिहाई के लिए पाकिस्तान में पीटीआई का बड़ा प्रदर्शन, सड़कों पर उतरे समर्थक

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इमरान खान की रिहाई के लिए पाकिस्तान में पीटीआई का बड़ा प्रदर्शन, सड़कों पर उतरे समर्थक
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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तारी के तीन साल पूरे होने के अवसर पर उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया। यह प्रदर्शन एक ऐसे समय में हो रहे हैं जब पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में पहले से ही हिंसा और तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस की भारी सख्ती और कई प्रांतों में प्रशासन द्वारा लगाई गई रोक के बावजूद, इमरान खान के समर्थक बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरे और उनकी तत्काल रिहाई की मांग की।

पेशावर में जुटी भारी भीड़ और प्रशासनिक पाबंदियां

प्रशासन ने पंजाब, सिंध और बलूचिस्तान जैसे प्रमुख प्रांतों में रैलियों और प्रदर्शनों की अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया था और इसके परिणामस्वरूप, खैबर पख्तूनख्वा की राजधानी पेशावर विरोध प्रदर्शन का मुख्य केंद्र बन गई, जहां पीटीआई ने अपनी सबसे बड़ी रैली आयोजित की। पार्टी के वरिष्ठ नेता शेख वकास अकरम ने जानकारी दी कि सभी कार्यकर्ताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने के निर्देश दिए गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर पुलिस ने कार्यकर्ताओं के खिलाफ दमनकारी कार्रवाई की, लेकिन इसके बावजूद लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ। पीटीआई का कहना है कि यह आंदोलन केवल एक नेता की रिहाई के लिए नहीं, बल्कि देश में लोकतंत्र, संविधान और कानून के शासन की बहाली के लिए है।

इमरान खान की बहनों की भागीदारी और जेल में प्रताड़ना के आरोप

पेशावर में आयोजित मुख्य रैली में इमरान खान की दोनों बहनें भी शामिल हुईं, जिससे कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा। पीटीआई के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मूनिस इलाही ने जेल में इमरान खान के साथ हो रहे व्यवहार पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि 73 वर्षीय पूर्व प्रधानमंत्री को जेल में कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मूनिस इलाही के अनुसार, इमरान खान को उनके परिवार से मिलने नहीं दिया जा रहा है और उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। पार्टी का दावा है कि इमरान खान को राजनीतिक प्रतिशोध का शिकार बनाया जा रहा है।

एमनेस्टी इंटरनेशनल की कड़ी टिप्पणी

मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने भी इस मामले में पाकिस्तान सरकार की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं। संगठन की दक्षिण एशिया की कार्यवाहक क्षेत्रीय निदेशक इसाबेल लासी ने एक बयान में कहा कि इमरान खान को निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार नहीं दिया गया और संगठन का दावा है कि उन्हें लंबे समय तक एकांत कारावास में रखा गया और उनके इलाज व परिवार से मिलने की सुविधाओं को बेहद सीमित कर दिया गया। एमनेस्टी इंटरनेशनल के अनुसार, इमरान खान पिछले 8 महीनों से अपने परिवार के सदस्यों से नहीं मिल पाए हैं। इसके अलावा, यह भी बताया गया कि दिसंबर 2025 से इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को उनके वकीलों से नियमित रूप से मिलने की अनुमति नहीं दी गई है।

पंजाब में गिरफ्तारियां और कानूनी स्थिति

प्रदर्शनों को रोकने के लिए पुलिस ने कई जगहों पर बल प्रयोग किया। पीटीआई के वकील अबूज़र सलमान नियाजी ने दावा किया कि पंजाब के मियांवाली में 20 से ज्यादा पार्टी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है ताकि वे विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा न ले सकें। गौरतलब है कि इमरान खान 5 अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं। उन्हें भ्रष्टाचार के एक मामले में सजा सुनाए जाने के बाद गिरफ्तार किया गया था। हालांकि उन्हें कुछ मामलों में अदालती राहत मिली है, लेकिन कई अन्य मामलों की सुनवाई अभी भी जारी है, जिसके कारण वे फिलहाल जेल में ही रहेंगे। पीटीआई नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि प्रशासन की तमाम सख्ती के बावजूद इमरान खान की रिहाई के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा।

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