क्वाड बैठक में नेपाल आपदा राहत और भारत की भूमिका की हुई जोरदार सराहना, जानें मुख्य अपडेट

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क्वाड बैठक में नेपाल आपदा राहत और भारत की भूमिका की हुई जोरदार सराहना, जानें मुख्य अपडेट
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अमेरिका के अटलांटा में आयोजित महत्वपूर्ण क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में हिंद-प्रशांत क्षेत्र को लेकर कई अहम रणनीतिक फैसले लिए गए हैं। अमेरिका, भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों ने 31 अक्टूबर को इस बैठक में हिस्सा लिया, जहां क्वाड की विभिन्न पहलों की प्रगति की समीक्षा की गई और एक स्वतंत्र, खुले तथा स्थिर हिंद-प्रशांत क्षेत्र के निर्माण के लिए आपसी सहयोग को और अधिक मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। इस बैठक के दौरान कई वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई, जिसमें नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा के दौरान भारत द्वारा निभाए गए नेतृत्वकारी और मानवीय कदमों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मुक्त कंठ से प्रशंसा की गई।

आर्थिक सुरक्षा और सप्लाई चेन को सुरक्षित बनाने पर जोर

क्वाड देशों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बुनियादी ढांचे, बंदरगाहों, डिजिटल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में जारी सहयोग को भविष्य में भी आगे बढ़ाने पर पूरी सहमति जताई है। इसके साथ ही क्वाड देशों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आर्थिक और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ महत्वपूर्ण तकनीकों और ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित बनाने की अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता को एक बार फिर दोहराया है और बैठक के दौरान वैश्विक स्तर पर आर्थिक दबाव बनाने की नीतियों, मनमाने निर्यात प्रतिबंधों और महत्वपूर्ण उद्योगों में जरूरत से ज्यादा उत्पादन के जरिए वैश्विक सप्लाई चेन को प्रभावित किए जाने पर गहरी और गंभीर चिंता व्यक्त की गई।

समुद्री सुरक्षा, नौवहन की स्वतंत्रता और रणनीतिक गलियारे

क्षेत्रीय स्थिरता को बनाए रखने के लिए क्वाड देशों ने होर्मुज स्ट्रेट, लाल सागर और बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट में निर्बाध समुद्री आवाजाही और नौवहन की स्वतंत्रता को पूरी तरह सुनिश्चित करने को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अत्यधिक जरूरी बताया है। इसके साथ ही ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री व्यापार को बिना किसी बाहरी बाधा के लगातार जारी रखने पर भी विशेष जोर दिया गया। समुद्री सुरक्षा और निगरानी के क्षेत्र में आपसी सहयोग को बढ़ाते हुए क्वाड देशों का दूसरा क्वाड-एट-सी शिप ऑब्जर्वर मिशन चेन्नई से पर्थ तक सफलतापूर्वक पूरा किया गया है। यह मिशन गत 25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक चलाया गया, जिसमें क्वाड के चारों देशों के प्रतिनिधि भारतीय तटरक्षक बल के विशेष जहाज पर मौजूद रहे। इसके अलावा आगामी वर्ष 2027 में सी ड्रैगन अभ्यास के तहत समुद्री निगरानी और सूचना साझा करने के लिए पहले संयुक्त अभ्यास का आयोजन किया जाएगा। साथ ही वर्ष 2027 की शुरुआत में समुद्री क्षेत्र की जागरूकता और निगरानी तकनीकों पर पहला क्वाड सिम्पोजियम भी आयोजित किया जाएगा।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उन्नत तकनीक में भारी निवेश

भविष्य की आर्थिक वृद्धि और तकनीकी प्रगति के लिए क्वाड देशों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई और पैक्स सिलिका जैसी पहलों को बेहद अहम करार दिया है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र के विकासशील देशों में भरोसेमंद एआई तकनीक तक आसान पहुंच बढ़ाने के लिए 8 करोड़ 50 लाख डॉलर से अधिक की तकनीकी और व्यापक वित्तीय सहायता देने का खुला इरादा जताया गया है। इस वित्तीय पैकेज में विशेष रूप से क्वाड एआई एक्सेलरेटर भी शामिल किया जाएगा। इसके अतिरिक्त सेमीकंडक्टर, 5जी, 6जी और एआई हार्डवेयर की पूरी तरह सुरक्षित सप्लाई चेन का निर्माण करने के लिए भी आपसी सहयोग को और अधिक बढ़ाया जाएगा। क्वाड देश मिलकर ऐसी तमाम कमजोर कड़ियों की बेहद बारीकी से पहचान करेंगे, जिनके किसी भी प्रकार से बाधित होने पर वैश्विक तकनीकी आपूर्ति श्रृंखला पर बुरा असर पड़ सकता है।

साइबर ठगी, ऑनलाइन फ्रॉड और मानव तस्करी पर कड़ी कार्रवाई

क्वाड के विदेश मंत्रियों ने वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ रहे साइबर और ऑनलाइन ठगी के खतरनाक नेटवर्क पर अपनी गंभीर चिंता जाहिर की है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अंतरराष्ट्रीय आपराधिक समूह भोले-भाले लोगों की मानव तस्करी कर उन्हें जबरन साइबर ठगी के काले धंधे में शामिल कर रहे हैं और इन आपराधिक गतिविधियों के कारण हर साल संबंधित देशों के आम नागरिकों की मेहनत की कमाई से अरबों डॉलर की भारी रकम की चोरी हो रही है। क्वाड देशों ने ऐसे सभी आपराधिक नेटवर्क को जड़ से खत्म करने और इनके मुख्य संचालकों तथा अंतरराष्ट्रीय आपराधिक गिरोहों के सरगनाओं को कड़ी से कड़ी सजा दिलाकर जवाबदेह ठहराने का दृढ़ संकल्प लिया है।

महत्वपूर्ण खनिज, रीसाइक्लिंग और ऊर्जा सुरक्षा साझा पहल

आधुनिक उद्योगों के लिए जरूरी महत्वपूर्ण खनिजों की सप्लाई चेन को अत्यधिक मजबूत बनाने के लिए क्वाड देशों ने इलेक्ट्रॉनिक कचरे यानी ई-वेस्ट से विभिन्न महत्वपूर्ण खनिजों को दोबारा प्राप्त करने और उन्नत रीसाइक्लिंग नेटवर्क विकसित करने पर अपनी सहमति जताई है। इस महत्वपूर्ण दिशा में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए अमेरिका भारत और आशियान देशों को 1 करोड़ डॉलर की वित्तीय सहायता प्रदान करेगा। इसके अलावा बीते सितंबर माह के दौरान आयोजित किए गए पहले क्वाड फ्यूल सिक्योरिटी फोरम में रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार और ईंधन सुरक्षा को पहले से अधिक मजबूत करने के महत्वपूर्ण उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की गई थी।

नेपाल आपदा राहत में भारत की अग्रणी भूमिका की सराहना

बैठक का एक मुख्य आकर्षण अगस्त के महीने में नेपाल में आई अचानक और भयंकर बाढ़ के दौरान चलाए गए राहत एवं बचाव कार्यों में भारत की अग्रणी और सराहनीय भूमिका रही। क्वाड देशों ने इस संकट की घड़ी में भारत के मानवीय प्रयासों की खुलकर प्रशंसा की और बैठक में नेपाल की बाढ़ त्रासदी में अपनी जान गंवाने वाले तमाम लोगों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की गई और किसी भी आपदा के समय अपने साझेदार देशों की हरसंभव मदद करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया गया। इसके अलावा आगामी नवंबर माह में भारत द्वारा आयोजित किए जाने वाले वार्षिक संयुक्त मानवीय सहायता और आपदा राहत अभ्यास यानी एजेएचई-26 में अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया अपने आधिकारिक पर्यवेक्षक भेजेंगे। इस संयुक्त अभ्यास का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं से मिलकर निपटने की साझा क्षमता को और अधिक मजबूत करना है। बैठक के अंत में चारों देशों के शीर्ष नेताओं ने आगामी क्वाड नेताओं के शिखर सम्मेलन और अगली विदेश मंत्रियों की बैठक के माध्यम से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और अक्ख्रड समृद्धि के लिए अपना सहयोग निरंतर जारी रखने का संकल्प दोहराया।

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