राहुल गांधी ने की मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

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राहुल गांधी ने की मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
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लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार और भारतीय चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है और एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के तुरंत इस्तीफे की मांग की। यह मांग चुनाव आयोग की विशेष मतदाता पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया और आयुक्तों के बीच कथित मतभेदों की खबरों के बाद आई है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि 2024 के लोकसभा चुनाव और उसके बाद हुए विधानसभा चुनावों में बड़े पैमाने पर धांधली और वोट चोरी हुई है। उन्होंने कहा कि वोट की चोरी हर भारतीय के अधिकार का हनन है और यह सीधे तौर पर संविधान को खत्म करने की एक साजिश है।

सत्ता विरोधी लहर और बीजेपी की जीत पर सवाल

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का एक वीडियो दिखाते हुए पूछा कि आखिर सत्ता विरोधी लहर के बावजूद बीजेपी लगातार चुनाव कैसे जीत रही है? उन्होंने अपने 50 साल के राजनीतिक अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि भारत में एंटी-इंकम्बेंसी यानी सत्ता विरोधी लहर एक बुनियादी ताकत है जो किसी भी नेता को नहीं छोड़ती। उन्होंने अपनी दादी इंदिरा गांधी का उदाहरण देते हुए कहा कि बांग्लादेश युद्ध जीतने और लोकप्रियता के शिखर पर होने के बावजूद उन्हें भी सत्ता विरोधी लहर का सामना करना पड़ा था। राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि यही बात कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों के साथ तो होती है, लेकिन नरेंद्र मोदी और अमित शाह के मामले में यह लहर गायब क्यों हो जाती है?

महाराष्ट्र और हरियाणा चुनाव में धांधली का आरोप

कांग्रेस नेता ने स्पष्ट रूप से आरोप लगाया कि महाराष्ट्र और हरियाणा के विधानसभा चुनावों में धांधली की गई है। उन्होंने कहा कि जहां तानाशाही होती है, वहीं सत्ता विरोधी लहर दिखाई नहीं देती। राहुल गांधी के अनुसार, 2024 के लोकसभा चुनाव और उसके बाद के सभी चुनावों में वोट चोरी की गई है। उन्होंने कहा कि वोट चोरी का मतलब केवल चुनावी जीत-हार नहीं है, बल्कि यह कानून की चोरी है और उनके मुताबिक, अगर वोट चुराकर सांसद संसद में बैठते हैं, तो उनके द्वारा बनाया गया हर कानून गैरकानूनी होगा क्योंकि उनका आधार ही गलत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि चुनाव आयोग का काम वोट की रक्षा करना है, जिससे संविधान को शक्ति मिलती है।

मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति पर हमला

राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति पर भी सवाल उठाए और उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार को प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह ने चुना था और उन्होंने खुद इस नियुक्ति का विरोध किया था। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार ने मुख्य चुनाव आयुक्त को कानून से ऊपर रख दिया है और वर्तमान व्यवस्था ने भारत की चुनाव प्रणाली को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है और उन्होंने यह भी दावा किया कि चुनाव आयोग के भीतर ही मतभेद हैं और दो चुनाव आयुक्तों ने खुद ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आवाज उठाई है। उन आयुक्तों का मानना है कि ज्ञानेश कुमार वोटिंग सिस्टम में हुए नुकसान के लिए जिम्मेदार हैं।

6 महीने में पर्दाफाश करने का दावा

अपने संबोधन के अंत में राहुल गांधी ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि उनके पास वोट चोरी के पुख्ता सबूत हैं। उन्होंने कहा कि अगले 6 महीने के भीतर सब कुछ ब्लैक एंड व्हाइट में जनता के सामने होगा और पूरी सच्चाई का पर्दाफाश हो जाएगा। राहुल गांधी ने कहा कि वे इन जवाबों की तलाश में थे कि आखिर बीजेपी कैसे जीत रही है, और अब उन्हें जवाब मिल गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि वोट को खत्म करने का मतलब संविधान को खत्म करना है और वे ऐसा नहीं होने देंगे और उन्होंने दोहराया कि मुख्य चुनाव आयुक्त को अपने पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है और उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।

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