रांची में पिछले कई दिनों से चल रहा छात्र आंदोलन अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। झारखंड की सोरेन सरकार ने छात्रों की मांगों के आगे झुकते हुए कई बड़े फैसलों पर अपनी सहमति जताई है। सरकार द्वारा गठित कमेटी और छात्र प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक में यह स्पष्ट हुआ है कि प्रशासन अब परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने के लिए कड़े कदम उठाने को तैयार है और सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस बैठक में 14वीं JPSC परीक्षा को रद्द करने और भर्ती प्रक्रिया में हुई कथित गड़बड़ियों की उच्च स्तरीय जांच कराने का भरोसा दिया गया है।
तीसरे दौर की वार्ता और सरकार का रुख
सरकार की कमेटी और छात्रों के बीच हुई तीसरे दौर की बातचीत काफी सकारात्मक रही। इस बैठक में छात्रों ने अपनी मांगों को मजबूती से रखा, जिसके बाद सरकार ने झुकने का संकेत दिया। सूत्रों का कहना है कि सरकार ने छात्रों को आश्वासन दिया है कि 14वीं JPSC परीक्षा को रद्द कर दिया जाएगा। यह निर्णय उन हजारों छात्रों के लिए एक बड़ी जीत माना जा रहा है जो लंबे समय से सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। छात्रों का आरोप था कि परीक्षा प्रक्रिया में भारी अनियमितताएं बरती गई हैं और योग्य उम्मीदवारों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
14वीं JPSC और बैकलॉग परीक्षाएं होंगी रद्द
बैठक के दौरान केवल 14वीं JPSC परीक्षा ही नहीं, बल्कि 2023-25 की बैकलॉग JPSC परीक्षाओं को भी रद्द करने की बात सामने आई है। छात्रों ने इन परीक्षाओं में भी गड़बड़ी की आशंका जताई थी, जिसे सरकार ने गंभीरता से लिया है। हालांकि, इन फैसलों पर आधिकारिक मुहर तभी लगेगी जब सरकार की ओर से लिखित आदेश जारी किया जाएगा। छात्र अब इस आधिकारिक आदेश का इंतजार कर रहे हैं ताकि उनकी जीत पर अंतिम मुहर लग सके। परीक्षा प्रक्रिया में निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए इन परीक्षाओं को नए सिरे से आयोजित करने की संभावना है।
90 दिनों में CID जांच और ED की भूमिका
भ्रष्टाचार के आरोपों की गहराई से जांच करने के लिए सरकार ने दोहरी जांच प्रणाली का प्रस्ताव दिया है और बैठक में सरकार की कमेटी ने स्पष्ट किया कि पूरे मामले की CID जांच 90 दिनों के भीतर पूरी कर ली जाएगी। इस समयसीमा के भीतर जांच पूरी करने का उद्देश्य दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाना है। इसके साथ ही, मामले के आर्थिक पहलुओं और पैसों के लेनदेन की जांच प्रवर्तन निदेशालय यानी ED द्वारा किए जाने की बात कही गई है और इसका मतलब है कि यदि परीक्षा में किसी भी प्रकार का आर्थिक भ्रष्टाचार हुआ है, तो ED उसकी बारीकी से जांच करेगी और वित्तीय अनियमितताओं का पर्दाफाश करेगी।
आउटसोर्सिंग एजेंसी TDPL की होगी जांच
छात्रों की एक प्रमुख मांग आउटसोर्सिंग एजेंसियों की भूमिका की जांच करना भी थी। सरकार ने इस पर सहमति जताते हुए कहा है कि आउटसोर्सिंग एजेंसी TDPL द्वारा संचालित की गई सभी परीक्षाओं की जांच की जाएगी। TDPL पर परीक्षा संचालन में लापरवाही और गड़बड़ी के आरोप लगे थे और अब जांच एजेंसियां यह पता लगाएंगी कि क्या इस एजेंसी के माध्यम से किसी प्रकार की धांधली की गई थी। यह कदम भविष्य में होने वाली परीक्षाओं के लिए एक सुरक्षित और पारदर्शी ढांचा तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
छात्रों की जीत और भविष्य की राह
झारखंड में JPSC परीक्षाओं को लेकर छात्रों का विरोध लंबे समय से चर्चा का विषय बना हुआ था। छात्र लगातार परीक्षा प्रक्रिया में सुधार और पारदर्शिता की मांग कर रहे थे। सरकार के इस ताजा रुख से छात्रों में उम्मीद की किरण जगी है। हालांकि, छात्रों का कहना है कि जब तक आधिकारिक आदेश नहीं आ जाता, वे अपनी सतर्कता बनाए रखेंगे और सरकार द्वारा दिए गए इन आश्वासनों ने फिलहाल आंदोलन की तीव्रता को कम किया है, लेकिन अब सबकी नजरें जांच के नतीजों और नई परीक्षा तिथियों पर टिकी हैं।