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IND vs SA: रवींद्र जडेजा रचेंगे इतिहास: सिर्फ 10 रन और 3 छक्के जड़ते ही सचिन तेंदुलकर को भी छोड़ेंगे पीछे

IND vs SA: रवींद्र जडेजा रचेंगे इतिहास: सिर्फ 10 रन और 3 छक्के जड़ते ही सचिन तेंदुलकर को भी छोड़ेंगे पीछे
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भारत और साउथ अफ्रीका के बीच आगामी टेस्ट सीरीज का आगाज 14 नवंबर को कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स में होने जा रहा है। यह मुकाबला कई मायनों में खास होगा, क्योंकि 6 साल बाद इस प्रतिष्ठित मैदान पर टेस्ट क्रिकेट की वापसी हो रही है। क्रिकेट प्रेमी इस सीरीज को लेकर बेहद उत्साहित हैं, और भारतीय टीम शुभमन गिल की कप्तानी में इस महत्वपूर्ण मुकाबले की तैयारियों में जुटी हुई है, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रही हैं।

जडेजा पर होंगी सबकी निगाहें

इस टेस्ट मैच में यूं तो सभी भारतीय खिलाड़ियों पर नजरें होंगी, लेकिन स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा से फैंस को कुछ ज्यादा ही उम्मीदें हैं। जडेजा अपनी गेंद और बल्ले दोनों से मैच का रुख पलटने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में, वह कोलकाता के इस ऐतिहासिक मैदान पर कुछ बड़े कारनामे करने के इरादे से उतरेंगे, जो उन्हें क्रिकेट इतिहास के पन्नों में एक खास जगह दिला सकते हैं और उनके पास कई व्यक्तिगत कीर्तिमान अपने नाम करने का सुनहरा अवसर है। रवींद्र जडेजा के पास साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में छक्कों के मामले में कई भारतीय दिग्गजों को पीछे छोड़ने का शानदार मौका है। अगर वह पहले टेस्ट मैच में सिर्फ 3 छक्के जड़ देते हैं, तो वह महान बल्लेबाज। सचिन तेंदुलकर, पूर्व तेज गेंदबाज जहीर खान और सलामी बल्लेबाज मयंक अग्रवाल को पीछे छोड़ देंगे। जडेजा ने अब तक साउथ अफ्रीका के खिलाफ 9 टेस्ट मैचों की 12 पारियों में 7 छक्के जड़े हैं। वहीं, सचिन तेंदुलकर और जहीर खान के नाम अफ्रीकी टीम के खिलाफ टेस्ट में 9-9 छक्के दर्ज हैं, जबकि मयंक अग्रवाल ने 8 छक्के लगाए हैं। यह उपलब्धि उन्हें इन महान खिलाड़ियों की सूची में और ऊपर ले जाएगी।

साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट में सर्वाधिक छक्के (भारतीय खिलाड़ी)

इस सूची में रोहित शर्मा 22 छक्कों के साथ शीर्ष पर हैं, इसके बाद वीरेंद्र सहवाग। 17 छक्कों के साथ दूसरे और अजिंक्य रहाणे 14 छक्कों के साथ तीसरे स्थान पर हैं। जडेजा के पास इन दिग्गजों के करीब पहुंचने का भी मौका है, लेकिन फिलहाल उनका लक्ष्य सचिन, जहीर और मयंक को पीछे छोड़ना होगा। यह रिकॉर्ड दर्शाता है कि जडेजा न केवल अपनी स्पिन गेंदबाजी से बल्कि अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से भी टीम के लिए। कितने महत्वपूर्ण हैं, खासकर निचले क्रम में आकर तेजी से रन बटोरने की उनकी क्षमता उन्हें एक मूल्यवान खिलाड़ी बनाती है।

इतिहास रचने से सिर्फ 10 रन दूर

छक्कों के रिकॉर्ड के अलावा, रवींद्र जडेजा कोलकाता टेस्ट में एक और बड़ा मुकाम हासिल करने के बेहद करीब हैं। वह टेस्ट क्रिकेट में सिर्फ 10 रन बनाते ही 4000 रन पूरे कर लेंगे। जडेजा ने अपने टेस्ट करियर में अब तक 87 मैच खेले हैं, जिसकी 129 पारियों में उन्होंने 38 और 73 के प्रभावशाली औसत से 3990 रन बनाए हैं। यह उपलब्धि उन्हें टेस्ट क्रिकेट में 4000 रन बनाने वाले चुनिंदा भारतीय खिलाड़ियों की सूची में शामिल कर देगी, जो उनकी बल्लेबाजी कौशल का प्रमाण है।

दुनिया के चौथे ऑलराउंडर बनने का गौरव

अगर जडेजा 4000 टेस्ट रन का आंकड़ा छू लेते हैं, तो वह टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में 4000 रन और 300+ विकेट लेने वाले दुनिया के सिर्फ चौथे ऑलराउंडर बन जाएंगे। यह एक बेहद दुर्लभ और प्रतिष्ठित कीर्तिमान है, जिसे अब तक केवल तीन महान खिलाड़ियों – भारत। के कपिल देव, इंग्लैंड के इयान बॉथम और न्यूजीलैंड के डेनियल विटोरी – ने ही हासिल किया है। जडेजा के नाम टेस्ट में पहले से ही 338 विकेट दर्ज हैं, जो उनकी गेंदबाजी क्षमता का प्रमाण है और इस विशिष्ट क्लब में शामिल होना उनकी ऑलराउंडर प्रतिभा को वैश्विक स्तर पर स्थापित करेगा और उन्हें क्रिकेट के महानतम ऑलराउंडरों में से एक के रूप में पहचान दिलाएगा। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत करियर के लिए बल्कि भारतीय क्रिकेट के लिए भी गर्व का क्षण होगा, क्योंकि वह कपिल देव के बाद इस सूची में शामिल होने वाले दूसरे भारतीय बनेंगे और फैंस को उम्मीद है कि जडेजा इस ऐतिहासिक मैच में अपने बल्ले और गेंद दोनों से कमाल दिखाते हुए इन सभी कीर्तिमानों को अपने नाम करेंगे और टीम इंडिया को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाएंगे।

मैच का महत्व और जडेजा की भूमिका

साउथ अफ्रीका के खिलाफ यह टेस्ट सीरीज भारत के लिए महत्वपूर्ण है, और ऐसे में रवींद्र जडेजा जैसे अनुभवी ऑलराउंडर की भूमिका और भी बढ़ जाती है। उनकी क्षमता न केवल रन बनाने और विकेट लेने तक सीमित है, बल्कि वह अपनी शानदार फील्डिंग से भी मैच में प्रभाव डालते हैं। ईडन गार्डन्स की पिच, जो अक्सर स्पिनरों के लिए मददगार साबित होती है, जडेजा को अपनी गेंदबाजी का जादू दिखाने का भरपूर अवसर प्रदान कर सकती है और वहीं, उनकी बल्लेबाजी टीम को निचले क्रम में मजबूती प्रदान करती है। इसलिए, यह देखना दिलचस्प होगा कि जडेजा इन ऐतिहासिक कीर्तिमानों को कैसे हासिल करते हैं और टीम के प्रदर्शन में कितना योगदान देते हैं।

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